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UP: बांकेबिहारी मंदिर का समय नहीं बढ़ाने पर लगेगा आर्थिक दंड, कमेटी ने चस्पा किए नोटिस; महिलाओं का प्रदर्शन
संवाद न्यूज एजेंसी, मथुरा
Published by: Arun Parashar
Updated Sat, 28 Mar 2026 11:09 PM IST
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सार
मंदिर कमेटी के अन्य सेवायत सदस्य भी बार-बार अनुरोध कर रहे हैं, लेकिन कई सेवाधिकारी समय वृद्धि नहीं करना चाह रहे। भक्तों को सुगम दर्शन हो इस बात के लिए कमेटी काम कर रही है लेकिन कमेटी के आदेशों का उल्लंघन खुलेआम किया जा रहा है।
गोस्वामी समाज की महिलाओं ने किया प्रदर्शन।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
वृंदावन के ठाकुर श्री बांकेबिहारी मंदिर में सेवायतों पर आर्थिक दंड लगाने के मामले को हाईपावर्ड कमेटी के अध्यक्ष ने स्पष्ट किया है कि यह कोई नया मामला नहीं है, यह वर्षों पुरानी परंपरा है। हाईपावर्ड कमेटी बनने से पहले गोस्वामीजनों की कमेटी पूर्व में ही 5.86 करोड़ रुपये का आर्थिकदंड सेवायतों पर लगा चुकी है। वह तो पुराने आदेशों का ही पालन कर रही है।
श्रीबांकेबिहारी मंदिर हाईपावर्ड कमेटी के अध्यक्ष अशोक कुमार का कहना है कि पिछली बैठकों में यह देखने को मिला था कि मंदिर की पुरानी कमेटियों ने कई गोस्वामियों पर नियमों का उल्लघंन करने पर 5.86 करोड़ रुपये का आर्थिक दंड लगाया है लेकिन किसी भी सेवायत ने उस दंड को नहीं भरा है। इस पर प्रशासनिक अधिकारियों और मंदिर प्रबंधन से बातचीत की गई और फिर कमेटी के सभी सदस्यों के सामने यह बात उठाई गई कि इस दंड को कैसे वसूला जाए। हालांकि इस विषय के बाहर आते ही सेवायतों में खलबली मच गई। पुराने नियमों को देखकर कमेटी की ओर से आदेश दिया गया कि जो भी सेवायत समय वृद्धि के नियमों का पालन नहीं करता है, तो उसके खिलाफ आर्थिक दंड लगाया जाएगा।
सेवानिवृत न्यायमूर्ति अशोक कुमार का कहना है कि समय बढ़ाने को लेकर कमेटी कई बार अनुरोध कर चुकी है। मंदिर कमेटी के अन्य सेवायत सदस्य भी बार-बार अनुरोध कर रहे हैं, लेकिन कई सेवाधिकारी समय वृद्धि नहीं करना चाह रहे। भक्तों को सुगम दर्शन हो इस बात के लिए कमेटी काम कर रही है लेकिन कमेटी के आदेशों का उल्लंघन खुलेआम किया जा रहा है। कमेटी अध्यक्ष अशोक कुमार का कहना है कि कल से फूल बंगले सजने जा रहे हैं। फूल बंगलों को लेकर मंदिर ने शुल्क बढ़ा दिया जाए। यह भी सेवायतों को रास नहीं आ रहा है।
दानपात्र में नहीं भंडारियों की जेब में जा रहा चढ़ावा
हाईपावर्ड कमेटी के अध्यक्ष अशोक कुमार ने कहा कि मंदिर से उनके पास शिकायतें आ रही हैं कि मंदिर के दानपात्र के पास भंडारी खडे़ हो जाते हैं। श्रद्धालुओं से दानपात्र में डालने के लिए रुपये तो ले रहे हैं लेकिन वह मंदिर के दानपात्र में नहीं बल्कि उनकी जेब में जा रही है। ऐसी कई वीडियो उनके पास पहुंची है, जिसको देखते हुए नए नियम तैयार किए जा रहे हैं। 9 अप्रैल की बैठक में कमेटी की ओर भंडारियों के लिए बनाए गए नियम तय किए जाएंगे। कमेटी के सभी सदस्यों से इस मामले में बात कर उनकी सहमति या असहमति ली जाएगी। सभी के सहमत होने के बाद भंडारियों के लिए नए नियम अख्यितार किए जाएंगे।
सेवायत सदस्य बोले, सही है आर्थिक दंड लगाना
सेवायत सदस्य दिनेश गोस्वामी का कहना है कि कमेटी कोई भी गलत काम नहीं कर रही है। मंदिर के लिए वर्षों पहले ही आर्थिक दंड लगाना तय हो चुका था। गोस्वामियों को समझना चाहिए कि हमें लोगों के सुगम दर्शन और व्यवस्था बनाने पर ध्यान देना चाहिए, अपना भला नहीं सोचना चाहिए।
सेवायतों पर अर्थदंड लगाने के नोटिस पर भड़की महिलाएं, प्रदर्शन किया
ठाकुर श्री बांकेबिहारी मंदिर में दर्शनों का समय बढ़ाने को लेकर हाईपावर्ड कमेटी के फैसले का विरोध तेज हो गया है। शनिवार को गोस्वामी समाज की महिलाओं ने मंदिर के मुख्य द्वार पर एकत्र होकर प्रदर्शन किया और इसे ठाकुर जी की प्राचीन पूजा परंपरा के विरुद्ध बताया। विरोध कर रहीं महिलाओं का कहना है कि हाईपावर्ड कमेटी लगातार तरह तरह के निर्णय को गोस्वामी समाज पर जबरन थोप रही हैं जबकि मंदिर की पूजा-अर्चना और सेवा की परम्पराएं सदियों से निर्धारित नियमों के अनुसार ही चलती आई हैं। उनका आरोप है कि दर्शनों का समय बढ़ाने का निर्णय इन परंपराओं को प्रभावित करेगा। मंदिर में श्रद्धालुओं की लगातार बढ़ती संख्या को देखते हुए हाईपावर्ड कमेटी शुरू से ही दर्शनों के समय में वृद्धि करने की पक्षधर रही है। विरोध कर रही नीलम गोस्वामी, राखर गोस्वामी का कहना है कि पूर्व में एक न्यायिक मामले में इलाहाबाद उच्च न्यायालय द्वारा दर्शनों के समय में वृद्धि पर स्थगनादेश दिया गया था, इसलिए इसे लागू नहीं किया जा सकता। हाल ही में कमेटी की ओर से उन सेवाधिकारी गोस्वामियों पर आर्थिक दंड लगाने का नोटिस चस्पा किया गया जिसमें कहा गया कि दर्शनों का समय जिन भी सेवायतों ने नहीं बढ़ाया तो उनके खिलाफ अर्थदंड लगाया जाएगा। प्रदर्शनकारी महिलाओं ने चेतावनी दी कि यदि पारंपरिक व्यवस्था में हस्तक्षेप किया गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। इस दौरान अंजलि गोस्वामी, सुमन गोस्वामी, माला गोस्वामी, सुनीता गोस्वामी, मनीषा गोस्वामी, कोमल गोस्वामी, ललिता गोस्वामी, शालू भंडारी, पिंकी पुरोहित, प्रीति गोस्वामी आदि मौजूद रहे।
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श्रीबांकेबिहारी मंदिर हाईपावर्ड कमेटी के अध्यक्ष अशोक कुमार का कहना है कि पिछली बैठकों में यह देखने को मिला था कि मंदिर की पुरानी कमेटियों ने कई गोस्वामियों पर नियमों का उल्लघंन करने पर 5.86 करोड़ रुपये का आर्थिक दंड लगाया है लेकिन किसी भी सेवायत ने उस दंड को नहीं भरा है। इस पर प्रशासनिक अधिकारियों और मंदिर प्रबंधन से बातचीत की गई और फिर कमेटी के सभी सदस्यों के सामने यह बात उठाई गई कि इस दंड को कैसे वसूला जाए। हालांकि इस विषय के बाहर आते ही सेवायतों में खलबली मच गई। पुराने नियमों को देखकर कमेटी की ओर से आदेश दिया गया कि जो भी सेवायत समय वृद्धि के नियमों का पालन नहीं करता है, तो उसके खिलाफ आर्थिक दंड लगाया जाएगा।
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सेवानिवृत न्यायमूर्ति अशोक कुमार का कहना है कि समय बढ़ाने को लेकर कमेटी कई बार अनुरोध कर चुकी है। मंदिर कमेटी के अन्य सेवायत सदस्य भी बार-बार अनुरोध कर रहे हैं, लेकिन कई सेवाधिकारी समय वृद्धि नहीं करना चाह रहे। भक्तों को सुगम दर्शन हो इस बात के लिए कमेटी काम कर रही है लेकिन कमेटी के आदेशों का उल्लंघन खुलेआम किया जा रहा है। कमेटी अध्यक्ष अशोक कुमार का कहना है कि कल से फूल बंगले सजने जा रहे हैं। फूल बंगलों को लेकर मंदिर ने शुल्क बढ़ा दिया जाए। यह भी सेवायतों को रास नहीं आ रहा है।
दानपात्र में नहीं भंडारियों की जेब में जा रहा चढ़ावा
हाईपावर्ड कमेटी के अध्यक्ष अशोक कुमार ने कहा कि मंदिर से उनके पास शिकायतें आ रही हैं कि मंदिर के दानपात्र के पास भंडारी खडे़ हो जाते हैं। श्रद्धालुओं से दानपात्र में डालने के लिए रुपये तो ले रहे हैं लेकिन वह मंदिर के दानपात्र में नहीं बल्कि उनकी जेब में जा रही है। ऐसी कई वीडियो उनके पास पहुंची है, जिसको देखते हुए नए नियम तैयार किए जा रहे हैं। 9 अप्रैल की बैठक में कमेटी की ओर भंडारियों के लिए बनाए गए नियम तय किए जाएंगे। कमेटी के सभी सदस्यों से इस मामले में बात कर उनकी सहमति या असहमति ली जाएगी। सभी के सहमत होने के बाद भंडारियों के लिए नए नियम अख्यितार किए जाएंगे।
सेवायत सदस्य बोले, सही है आर्थिक दंड लगाना
सेवायत सदस्य दिनेश गोस्वामी का कहना है कि कमेटी कोई भी गलत काम नहीं कर रही है। मंदिर के लिए वर्षों पहले ही आर्थिक दंड लगाना तय हो चुका था। गोस्वामियों को समझना चाहिए कि हमें लोगों के सुगम दर्शन और व्यवस्था बनाने पर ध्यान देना चाहिए, अपना भला नहीं सोचना चाहिए।
सेवायतों पर अर्थदंड लगाने के नोटिस पर भड़की महिलाएं, प्रदर्शन किया
ठाकुर श्री बांकेबिहारी मंदिर में दर्शनों का समय बढ़ाने को लेकर हाईपावर्ड कमेटी के फैसले का विरोध तेज हो गया है। शनिवार को गोस्वामी समाज की महिलाओं ने मंदिर के मुख्य द्वार पर एकत्र होकर प्रदर्शन किया और इसे ठाकुर जी की प्राचीन पूजा परंपरा के विरुद्ध बताया। विरोध कर रहीं महिलाओं का कहना है कि हाईपावर्ड कमेटी लगातार तरह तरह के निर्णय को गोस्वामी समाज पर जबरन थोप रही हैं जबकि मंदिर की पूजा-अर्चना और सेवा की परम्पराएं सदियों से निर्धारित नियमों के अनुसार ही चलती आई हैं। उनका आरोप है कि दर्शनों का समय बढ़ाने का निर्णय इन परंपराओं को प्रभावित करेगा। मंदिर में श्रद्धालुओं की लगातार बढ़ती संख्या को देखते हुए हाईपावर्ड कमेटी शुरू से ही दर्शनों के समय में वृद्धि करने की पक्षधर रही है। विरोध कर रही नीलम गोस्वामी, राखर गोस्वामी का कहना है कि पूर्व में एक न्यायिक मामले में इलाहाबाद उच्च न्यायालय द्वारा दर्शनों के समय में वृद्धि पर स्थगनादेश दिया गया था, इसलिए इसे लागू नहीं किया जा सकता। हाल ही में कमेटी की ओर से उन सेवाधिकारी गोस्वामियों पर आर्थिक दंड लगाने का नोटिस चस्पा किया गया जिसमें कहा गया कि दर्शनों का समय जिन भी सेवायतों ने नहीं बढ़ाया तो उनके खिलाफ अर्थदंड लगाया जाएगा। प्रदर्शनकारी महिलाओं ने चेतावनी दी कि यदि पारंपरिक व्यवस्था में हस्तक्षेप किया गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। इस दौरान अंजलि गोस्वामी, सुमन गोस्वामी, माला गोस्वामी, सुनीता गोस्वामी, मनीषा गोस्वामी, कोमल गोस्वामी, ललिता गोस्वामी, शालू भंडारी, पिंकी पुरोहित, प्रीति गोस्वामी आदि मौजूद रहे।