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ब्रज की होली 2026: राजाधिराज संग भक्तों ने खेली अलौकिक होली, जगमोहन में जमकर हुई रंगों की बरसात
संवाद न्यूज एजेंसी, मथुरा
Published by: अमर उजाला ब्यूरो
Updated Mon, 02 Mar 2026 09:16 AM IST
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सार
मथुरा में फाग उत्सव के दौरान मंदिर के जगमोहन में सजे बगीचे में राजाधिराज ने भक्तों संग दिव्य होली खेली। टेसू के रंग, रसिया गायन और जयघोष के बीच श्रद्धालु भक्ति और उत्साह में डूबे नजर आए।
श्री द्वारिकाधीश मंदिर में होली खेलने को उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़।
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विस्तार
मथुरा में फाग उत्सव की छटा रविवार को उस समय अपने चरम पर पहुंच गई जब राजाधिराज ने मंदिर के जगमोहन में सजे भव्य बगीचे में विराजमान होकर भक्तों के संग होली खेली। केसरिया टेसू के रंग, चंदन, और अबीर-गुलाल की सुगंध से मंदिर परिसर महक उठा। देश-विदेश से आए श्रद्धालु इस दिव्य होली के साक्षी बने रंग में सराबोर नजर आए।
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उत्सव के लिए जगमोहन में आकर्षक बगीचा सजाया गया। यहां विराजमान ठाकुरजी के श्रीविग्रह की छटा अलौकिक दिखाई दे रही थी। होली का आरंभ होते ही मंदिर के मुखियाजी ने पिचकारी के माध्यम से भक्तों पर रंग की वर्षा की। श्रद्धालु राधे-राधे और जय कन्हैया लाल की के जयघोष के साथ उत्सव में शामिल हुए। मंदिर के विधि एवं मीडिया प्रभारी राकेश तिवारी ने बताया कि दोपहर में आयोजित इस विशेष होली ने वातावरण को भक्तिमय बना दिया। श्रद्धालुओं ने ठाकुरजी के चरणों में रंग अर्पित कर आशीर्वाद प्राप्त किया।
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डेढ़ घंटे तक गूंजे पारंपरिक रसिया
उत्सव के दौरान ब्रज फाग द्वारकेश रसिया मंडल के गायकों ने लगातार लगभग डेढ़ घंटे तक ब्रज के रसिया प्रस्तुत किए। मृदंग और झांझ की ताल पर ऐसी होरी में लग जाए आग री और कैसो चटक रंग डारो जैसे पारंपरिक रसिया गूंजते ही श्रद्धालु झूम उठे।
उत्सव के दौरान ब्रज फाग द्वारकेश रसिया मंडल के गायकों ने लगातार लगभग डेढ़ घंटे तक ब्रज के रसिया प्रस्तुत किए। मृदंग और झांझ की ताल पर ऐसी होरी में लग जाए आग री और कैसो चटक रंग डारो जैसे पारंपरिक रसिया गूंजते ही श्रद्धालु झूम उठे।
सेवा क्रम रहा नियमित
विशेष होली के उपरांत मंदिर में नियमित सेवा-पूजन का क्रम चलता रहा। सायंकाल 4.30 से 5 बजे तक शयन दर्शन हुए, जिसके पश्चात शाम 5:00 बजे मंदिर के पट बंद कर दिए गए। अगले दिन सुबह के सभी दर्शन नियमानुसार होंगे। सुबह 10 बजे से 11 बजे तक ठाकुरजी पुनः भक्तों के साथ होली खेलेंगे।
विशेष होली के उपरांत मंदिर में नियमित सेवा-पूजन का क्रम चलता रहा। सायंकाल 4.30 से 5 बजे तक शयन दर्शन हुए, जिसके पश्चात शाम 5:00 बजे मंदिर के पट बंद कर दिए गए। अगले दिन सुबह के सभी दर्शन नियमानुसार होंगे। सुबह 10 बजे से 11 बजे तक ठाकुरजी पुनः भक्तों के साथ होली खेलेंगे।
