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Mau News: हाईस्कूल, इंटरमीडिएट के विद्यार्थियों का साल में तीन बार होगा मॉक टेस्ट
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यूपी बोर्ड हाईस्कूल और इंटरमीडिएट के विद्यार्थियों की तैयारियों के लिए हर चार माह पर मॉक टेस्ट लिया जाएगा। इससे तैयारी की हकीकत सामने आएगी। इसमें जो छात्र-छात्राएं कमजोर होंगे, उन्हें अतिरिक्त तैयारी कराई जाएगी। पढ़ाई में शिक्षकों की जिम्मेदारी तय की जाएगी।
जिले में 17 राजकीय, 67 अशासकीय और 436 मान्यता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों में नौवीं से 12वीं तक लगभग 1.52 लाख विद्यार्थी अध्ययनरत हैं। विद्यालयों में शिक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार के लिए सरकार की ओर से नई व्यवस्था लागू की जा रही है।
इस बार एक अप्रैल से शुरू होने वाले नए सत्र में कई प्रकार के बदलाव किए गए हैं। निजी विद्यालयों की तर्ज पर प्रतिस्पर्धा पर जोर दिया गया है।छात्रों की पढ़ाई के साथ शिक्षकों की जिम्मेदारी बढ़ा दी गई है।
छात्र-छात्राओं को भी पढ़ाई पर ध्यान देना होगा। अब घर पर बैठकर उनकी उपस्थिति दर्ज नहीं होगी। वहीं, बिना पढ़े वे परीक्षा भी पास नहीं कर पाएंगे। 10वीं और 12वीं के विद्यार्थियों की तैयारियों के लिए हर चार माह पर मॉक टेस्ट लिया जाएगा।
इसमें जो बच्चे कमजोर होंगे, उन्हें अतिरिक्त तैयारी कराई जाएगी। नियमित अभ्यास से विद्यार्थियों की पकड़ न केवल मजबूत होगी, बल्कि परीक्षा के दौरान समय प्रबंधन, प्रश्न चयन और लिखने की गति में भी सुधार आएगा।
इस बाबत जिला समन्वयक समग्र शिक्षा माध्यमिक सीपी श्रीवास्तव का कहना है कि यूपी बोर्ड हाईस्कूल और इंटरमीडिएट के विद्यार्थियों की तैयारियों के लिए हर चार माह पर मॉक टेस्ट लिए जाने के संबंध में जिले के सभी माध्यमिक विद्यालयों के प्रधानाचार्यों को पत्र जारी किया गया है।
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जिले में 17 राजकीय, 67 अशासकीय और 436 मान्यता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों में नौवीं से 12वीं तक लगभग 1.52 लाख विद्यार्थी अध्ययनरत हैं। विद्यालयों में शिक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार के लिए सरकार की ओर से नई व्यवस्था लागू की जा रही है।
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इस बार एक अप्रैल से शुरू होने वाले नए सत्र में कई प्रकार के बदलाव किए गए हैं। निजी विद्यालयों की तर्ज पर प्रतिस्पर्धा पर जोर दिया गया है।छात्रों की पढ़ाई के साथ शिक्षकों की जिम्मेदारी बढ़ा दी गई है।
छात्र-छात्राओं को भी पढ़ाई पर ध्यान देना होगा। अब घर पर बैठकर उनकी उपस्थिति दर्ज नहीं होगी। वहीं, बिना पढ़े वे परीक्षा भी पास नहीं कर पाएंगे। 10वीं और 12वीं के विद्यार्थियों की तैयारियों के लिए हर चार माह पर मॉक टेस्ट लिया जाएगा।
इसमें जो बच्चे कमजोर होंगे, उन्हें अतिरिक्त तैयारी कराई जाएगी। नियमित अभ्यास से विद्यार्थियों की पकड़ न केवल मजबूत होगी, बल्कि परीक्षा के दौरान समय प्रबंधन, प्रश्न चयन और लिखने की गति में भी सुधार आएगा।
इस बाबत जिला समन्वयक समग्र शिक्षा माध्यमिक सीपी श्रीवास्तव का कहना है कि यूपी बोर्ड हाईस्कूल और इंटरमीडिएट के विद्यार्थियों की तैयारियों के लिए हर चार माह पर मॉक टेस्ट लिए जाने के संबंध में जिले के सभी माध्यमिक विद्यालयों के प्रधानाचार्यों को पत्र जारी किया गया है।