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गरमाई सियासत : मंच से नाराज होकर चली गईं डॉ.सीता राय, बोलीं- जहां सम्मान नहीं, वहां क्यों रहें
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मऊ। पूर्व केंद्रीय मंत्री कल्पनाथ राय की पुण्यतिथि पर शनिवार को आयोजित कार्यक्रम में उस समय राजनीतिक माहौल गरमा गया, जब पुत्रवधू डॉ. सीता राय अचानक कार्यक्रम छोड़कर चली गईं।
नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री एके शर्मा के संबोधन के दौरान कल्पनाथ राय के बेटे सिद्धार्थ राय मंच पर मंत्री के पास पहुंचे।
मंत्री ने सिद्धार्थ राय की प्रशंसा करते हुए उनकी राजनीतिक सहभागिता को लेकर बात शुरू की, तभी मंच पर बैठीं डॉ. सीता राय अपनी कुर्सी से उठकर खड़ी हो गईं और मंत्री को प्रणाम करने के बाद मंच से नीचे उतर गईं।
इसके बाद मीडिया से बातचीत में डॉ. सीता राय ने इसे अपने लिए सम्मान का सवाल बताया। उन्होंने कहा, इससे बड़ा अपमान क्या होगा? जहां सम्मान नहीं है, वहां क्यों रहा जाए। उन्होंने कहा कि यह राजनीति का मंच है और उनका बेटा भी उन्हें वहां से जाने से रोक रहा था।
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उन्होंने आरोप लगाया कि राजनीतिक साजिश के तहत उनके परिवार को तोड़ने का प्रयास किया गया। मंच पर मौजूद चार-पांच लोग ऐसे हैं, जिन्होंने उनके परिवार को तोड़ने का काम किया है। उनका कहना था कि यदि सिद्धार्थ राय को मंच पर बुलाना है तो बुलाया जाए लेकिन उनसे यह भी सवाल होना चाहिए कि उन्होंने स्वर्गीय कल्पनाथ राय के नाम और उनके जीवन के कार्यों को कहां तक पहुंचाया है।
कहा कि वह 27 साल से पार्टी से जुड़ी हैं और मंत्री एके शर्मा से भी उनका राजनीतिक जुड़ाव पुराना है। उन्होंने दावा किया कि उन्होंने कभी टिकट की मांग नहीं की, बल्कि लगातार पार्टी की सेवा की है। कहा, ‘मेरे खून का एक-एक कतरा मऊ के लिए है।’
सरायशादी में आयोजित कार्यक्रम के दौरान जब डॉ सीता राय ने अपना भाषण शुरू किया तो वो भाषण देने के समय भावुक हो गईं। इस बीच उन्हें बोलते देख सिद्धार्थ राय दोनों कानों को अपनी उंगलियों से बंद करते दिखे। इसको लेकर सोशल मीडिया पर काफी चर्चा रही। दोनों के बीच दूरियां होने के बाद भी एक मंच पर लाने की कोशिश के पीछे सोशल मीडिया पर तरह तरह की चचाएं होती रहीं।
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नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री एके शर्मा के संबोधन के दौरान कल्पनाथ राय के बेटे सिद्धार्थ राय मंच पर मंत्री के पास पहुंचे।
मंत्री ने सिद्धार्थ राय की प्रशंसा करते हुए उनकी राजनीतिक सहभागिता को लेकर बात शुरू की, तभी मंच पर बैठीं डॉ. सीता राय अपनी कुर्सी से उठकर खड़ी हो गईं और मंत्री को प्रणाम करने के बाद मंच से नीचे उतर गईं।
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इसके बाद मीडिया से बातचीत में डॉ. सीता राय ने इसे अपने लिए सम्मान का सवाल बताया। उन्होंने कहा, इससे बड़ा अपमान क्या होगा? जहां सम्मान नहीं है, वहां क्यों रहा जाए। उन्होंने कहा कि यह राजनीति का मंच है और उनका बेटा भी उन्हें वहां से जाने से रोक रहा था।
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उन्होंने आरोप लगाया कि राजनीतिक साजिश के तहत उनके परिवार को तोड़ने का प्रयास किया गया। मंच पर मौजूद चार-पांच लोग ऐसे हैं, जिन्होंने उनके परिवार को तोड़ने का काम किया है। उनका कहना था कि यदि सिद्धार्थ राय को मंच पर बुलाना है तो बुलाया जाए लेकिन उनसे यह भी सवाल होना चाहिए कि उन्होंने स्वर्गीय कल्पनाथ राय के नाम और उनके जीवन के कार्यों को कहां तक पहुंचाया है।
कहा कि वह 27 साल से पार्टी से जुड़ी हैं और मंत्री एके शर्मा से भी उनका राजनीतिक जुड़ाव पुराना है। उन्होंने दावा किया कि उन्होंने कभी टिकट की मांग नहीं की, बल्कि लगातार पार्टी की सेवा की है। कहा, ‘मेरे खून का एक-एक कतरा मऊ के लिए है।’
सरायशादी में आयोजित कार्यक्रम के दौरान जब डॉ सीता राय ने अपना भाषण शुरू किया तो वो भाषण देने के समय भावुक हो गईं। इस बीच उन्हें बोलते देख सिद्धार्थ राय दोनों कानों को अपनी उंगलियों से बंद करते दिखे। इसको लेकर सोशल मीडिया पर काफी चर्चा रही। दोनों के बीच दूरियां होने के बाद भी एक मंच पर लाने की कोशिश के पीछे सोशल मीडिया पर तरह तरह की चचाएं होती रहीं।