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Mau News: किसानों के प्रदर्शन के बाद चालू हुई गन्ने की तौल
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घोसी चीनी मिल पर प्रदर्शन करते हुए किसान ।संवाद
- फोटो : बौद्धाश्रम स्थित गैस गोदाम में सिलिंडर लेने के लिए उमड़े ग्राहक। संवाद
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घोसी सहकारी चीनी मिल में बने केंद्र पर मंगलवार की सुबह से तौल बंद होने पर किसानों ने हंगामा किया। इकट्ठा होकर मिल प्रशासन के विरुद्ध नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन किया। हंगामा होने पर दोपहर 12 बजे से दोबारा तौल शुरू हुआ।
इस बीच 25 से अधिक किसान मजबूरी में गन्ना लदी ट्रालियां सठियांव चीनी मिल लेकर गए। घोसी चीनी मिल में पेराई बंद होने के बाद 25 फरवरी से परिसर को तौल केंद्र बनाकर गन्ना खरीद की जा रही है।
गन्ना परिवहन का जिम्मा संभाल रहे ठेकेदार राजीव राय ने बताया कि 25 फरवरी से लगातार गन्ना ढुलाई सठियांव चीनी मिल की जा रही है। ढुलाई का करीब 5.60 लाख रुपये बकाया हो गया है, जिससे दिक्कतें बढ़ गई हैं।
चीनी मिल बंद होने के बाद मौखिक आदेश पर ही ढुलाई शुरू कर दी गई थी, अब तक वर्क ऑर्डर भी जारी नहीं हुआ है। मधुबन के पिपरा निवासी किसान अजय यादव, धरमपुर निवासी अमरजीत पाल, वीर बहादुर और नुरुल्लाहपुर निवासी श्रवण चौहान ने बताया कि वो बीते चार दिन से गन्ना लेकर तौल केंद्र पर खड़े हैं।
अभी भी खेत में 6 ट्राली गन्ना खड़ी हैं। तौल में देरी होने से परेशानी बढ़ रही है। आरोप लगाया कि तौल के बाद दूसरे वाहन पर लोडिंग के लिए 200 रुपये लिए जा रहे हैं। पर्चियों पर गन्ने का रेट भी दर्ज नहीं है।
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कोट -
किसानों से बातचीत कर समस्या सुनी गई है। चीनी मिल की ओर से कोई समस्या नहीं है। ट्रांसपोर्टर के मजदूरों की लोडिंग को लेकर कुछ दिक्कतें थीं, जिन्हें दूर कर दी गई है। 25 फरवरी से 370 किसानों से करीब 20 हजार क्विंटल गन्ना खरीद कर सठियांव चीनी मिल भेजा जा चुका है। किसानों से 400 रुपये प्रति क्विंटल की दर से खरीद जारी है। चूंकि यह तौल केंद्र है, इसलिए पर्चियों पर रेट प्रिंट नहीं हो रहा। -पवन कुमार, जीएम, चीनी मिल घोसी
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इस बीच 25 से अधिक किसान मजबूरी में गन्ना लदी ट्रालियां सठियांव चीनी मिल लेकर गए। घोसी चीनी मिल में पेराई बंद होने के बाद 25 फरवरी से परिसर को तौल केंद्र बनाकर गन्ना खरीद की जा रही है।
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गन्ना परिवहन का जिम्मा संभाल रहे ठेकेदार राजीव राय ने बताया कि 25 फरवरी से लगातार गन्ना ढुलाई सठियांव चीनी मिल की जा रही है। ढुलाई का करीब 5.60 लाख रुपये बकाया हो गया है, जिससे दिक्कतें बढ़ गई हैं।
चीनी मिल बंद होने के बाद मौखिक आदेश पर ही ढुलाई शुरू कर दी गई थी, अब तक वर्क ऑर्डर भी जारी नहीं हुआ है। मधुबन के पिपरा निवासी किसान अजय यादव, धरमपुर निवासी अमरजीत पाल, वीर बहादुर और नुरुल्लाहपुर निवासी श्रवण चौहान ने बताया कि वो बीते चार दिन से गन्ना लेकर तौल केंद्र पर खड़े हैं।
अभी भी खेत में 6 ट्राली गन्ना खड़ी हैं। तौल में देरी होने से परेशानी बढ़ रही है। आरोप लगाया कि तौल के बाद दूसरे वाहन पर लोडिंग के लिए 200 रुपये लिए जा रहे हैं। पर्चियों पर गन्ने का रेट भी दर्ज नहीं है।
कोट -
किसानों से बातचीत कर समस्या सुनी गई है। चीनी मिल की ओर से कोई समस्या नहीं है। ट्रांसपोर्टर के मजदूरों की लोडिंग को लेकर कुछ दिक्कतें थीं, जिन्हें दूर कर दी गई है। 25 फरवरी से 370 किसानों से करीब 20 हजार क्विंटल गन्ना खरीद कर सठियांव चीनी मिल भेजा जा चुका है। किसानों से 400 रुपये प्रति क्विंटल की दर से खरीद जारी है। चूंकि यह तौल केंद्र है, इसलिए पर्चियों पर रेट प्रिंट नहीं हो रहा। -पवन कुमार, जीएम, चीनी मिल घोसी