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Mau News: रसोई तक पहुंची युद्ध की आंच... घरेलू गैस सिलिंडर की मांग दोगुनी हुई, कॉमर्शियल की आपूर्ति बंद
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नगर के शीतला मंदिर के पास स्थित गैस एजेंसी पर सिलिंडर के लिए पहुंचे उपभोक्ता।संवाद
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ईरान-इस्राइल युद्ध के बीच उड़ रही अफवाहों के चलते एलपीजी गैस सिलिंडर की मांग बढ़ गई है। सामान्य दिनों की अपेक्षा सिलिंडर की मांग दोगुनी हो गई है। इसकी जगह आपूर्ति आधी रह गई है। कमर्शियल सिलिडर की आपूर्ति बंद हो गई है।
ग्रामीण इलाकों में तो बुकिंग के चार-पांच दिन बाद भी गैस सिलिंडर नहीं मिल पा रहा है। गैस एजेंसियों के पास भी मांग के अनुरूप 50 फीसदी तक आपूर्ति होने और कॉर्मिशियल सिलिंडर पर रोक लगने से यह स्थिति ओर बदतर हो चुकी है।
पूर्ति विभाग मांग के अनुसार एलपीजी सिलिंडर उपलब्ध होने का दावा कर रहा है। ईरान में चल रहे युद्ध के चलते डीजल-पेट्रोल और एलपीजी गैस की कमी की अफवाहें उड़ रही हैं। सोमवार को टीम ने इस मामले की पड़ताल की, इसके तहत टीम दशई पोखरा स्थित गैस एजेंसी पर सुबह साढ़े 11 बजे पहुंची।
यहां ग्राहकों की लंबी कतारें दिखी, यहीं स्थित मुंशीपुरा स्थित गैस एजेंसी पर दिखा। एजेंसी संचालकों के अनुसार पहले एक दिन में सामान्य रूप से 400 के आसपास सिलिंडरों की मांग रहती थी, वहीं पिछले चार पांच दिनों से मांग बढ़कर एक हजार तक पहुंच गई है।
उन्होंने बताया कि आपूर्ति भी प्रभावित हो रही हैं, मांग में बढ़ोतरी के सापेक्ष आपूर्ति 50 फीसदी तक ही हो रही है। लाइन में लगे निजामुदीनपुरा निवासी रमेश, सहादतपुरा निवासी उमेश, भीटी निवासी सुनिल और बलिया मोड़ निवासी मनोज ने बताया कि बुकिंग करने के बाद भी सिलिंडर नहीं मिल रहा है।
सोमवार को वह सुबह सात बजे ही एजेंसी पहुंच गए जिससे उन्हें जल्द ही गैस सिलिंडर मिल जाए। यहां पहुंचने पर पाया गया कि यहां पहले से लंबी लाइन लगी है। कमर्शियल गैस सिलेंडर की आपूर्ति बंद होने से इसका असर होटल, रेस्ट्रारेंट पर भी दिखना शुरू हो चुका है।
सहालग, रमजान माह में रिफिलिंग की बढ़ी मांग
वर्तमान में सहालग के साथ रमजान भी चल रहा है। ऐसे में गैस सिलिंडर की आपूर्ति प्रभावित होती है तो इसका असर हर वर्ग पर देखने को मिलेगा। शादी सीजन में कमर्शियल सिलिंडर की जगह घरेलू सिलिंडर का ज्यादा प्रयोग होता है। उधर कॉमर्शियल सिलिंडर की आपूर्ति भी प्रभावित से घूरेल सिलिंडर की खपत ज्यादा बढ़ गई है।
कालाबाजारी रोकने के लिए टीम गठित
डीएसओ राघवेंद्र सिंह ने बताया कि जिले में डीजल, पेट्रोल और एलपीजी गैस की कोई कमी नहीं है। पर्याप्त मात्रा में उपलब्धता है। गैस एजेंसियों ने डिलीवरी और बुकिंग के समय में मामूली परिवर्तन किया गया है, किसी को अनावश्यक परेशान होने की आवश्यकता नहीं है। बताया कि युद्ध के चलते इस समस्या को लेकर बीते शनिवार को ही सभी एजेंसी संचालकों से जूम एप से मीटिंग कर निर्देशित किया जा चुका है। साथ ही कालाबाजारी रोकने के लिए चारों तहसील सदर, मधुबन, मुहम्मदाबाद गोहना, घोसी में टीम बनाई गई है। जिनके द्वारा निरीक्षण कर इस पर नजर रखने का निर्देश दिया गया।
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ग्रामीण इलाकों में तो बुकिंग के चार-पांच दिन बाद भी गैस सिलिंडर नहीं मिल पा रहा है। गैस एजेंसियों के पास भी मांग के अनुरूप 50 फीसदी तक आपूर्ति होने और कॉर्मिशियल सिलिंडर पर रोक लगने से यह स्थिति ओर बदतर हो चुकी है।
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पूर्ति विभाग मांग के अनुसार एलपीजी सिलिंडर उपलब्ध होने का दावा कर रहा है। ईरान में चल रहे युद्ध के चलते डीजल-पेट्रोल और एलपीजी गैस की कमी की अफवाहें उड़ रही हैं। सोमवार को टीम ने इस मामले की पड़ताल की, इसके तहत टीम दशई पोखरा स्थित गैस एजेंसी पर सुबह साढ़े 11 बजे पहुंची।
यहां ग्राहकों की लंबी कतारें दिखी, यहीं स्थित मुंशीपुरा स्थित गैस एजेंसी पर दिखा। एजेंसी संचालकों के अनुसार पहले एक दिन में सामान्य रूप से 400 के आसपास सिलिंडरों की मांग रहती थी, वहीं पिछले चार पांच दिनों से मांग बढ़कर एक हजार तक पहुंच गई है।
उन्होंने बताया कि आपूर्ति भी प्रभावित हो रही हैं, मांग में बढ़ोतरी के सापेक्ष आपूर्ति 50 फीसदी तक ही हो रही है। लाइन में लगे निजामुदीनपुरा निवासी रमेश, सहादतपुरा निवासी उमेश, भीटी निवासी सुनिल और बलिया मोड़ निवासी मनोज ने बताया कि बुकिंग करने के बाद भी सिलिंडर नहीं मिल रहा है।
सोमवार को वह सुबह सात बजे ही एजेंसी पहुंच गए जिससे उन्हें जल्द ही गैस सिलिंडर मिल जाए। यहां पहुंचने पर पाया गया कि यहां पहले से लंबी लाइन लगी है। कमर्शियल गैस सिलेंडर की आपूर्ति बंद होने से इसका असर होटल, रेस्ट्रारेंट पर भी दिखना शुरू हो चुका है।
सहालग, रमजान माह में रिफिलिंग की बढ़ी मांग
वर्तमान में सहालग के साथ रमजान भी चल रहा है। ऐसे में गैस सिलिंडर की आपूर्ति प्रभावित होती है तो इसका असर हर वर्ग पर देखने को मिलेगा। शादी सीजन में कमर्शियल सिलिंडर की जगह घरेलू सिलिंडर का ज्यादा प्रयोग होता है। उधर कॉमर्शियल सिलिंडर की आपूर्ति भी प्रभावित से घूरेल सिलिंडर की खपत ज्यादा बढ़ गई है।
कालाबाजारी रोकने के लिए टीम गठित
डीएसओ राघवेंद्र सिंह ने बताया कि जिले में डीजल, पेट्रोल और एलपीजी गैस की कोई कमी नहीं है। पर्याप्त मात्रा में उपलब्धता है। गैस एजेंसियों ने डिलीवरी और बुकिंग के समय में मामूली परिवर्तन किया गया है, किसी को अनावश्यक परेशान होने की आवश्यकता नहीं है। बताया कि युद्ध के चलते इस समस्या को लेकर बीते शनिवार को ही सभी एजेंसी संचालकों से जूम एप से मीटिंग कर निर्देशित किया जा चुका है। साथ ही कालाबाजारी रोकने के लिए चारों तहसील सदर, मधुबन, मुहम्मदाबाद गोहना, घोसी में टीम बनाई गई है। जिनके द्वारा निरीक्षण कर इस पर नजर रखने का निर्देश दिया गया।