दोहरीघाट कस्बा स्थित सरयू नदी तट पर बसा अंतरराष्ट्रीय मातेश्वरी महाधाम में नौ दिवसीय आदि शक्ति अखंड महायज्ञ के पांचवें दिन सद्गुरु जी महाराज ने भगवान शिव-पार्वती विवाह के दिव्य प्रसंग पर अत्यंत रोचक एवं प्रेरक प्रवचन किया।
सद्गुरु महाराज ने कहा कि भगवान शिव का विवाह प्रसंग केवल धार्मिक कथा नहीं, बल्कि समाज के लिए समानता और स्वीकार्यता का संदेश है। उन्होंने बताया कि शिव की बारात में देव, दानव, गण, योगी, साधु और सामान्य जन सभी शामिल थे, जो यह दर्शाता है कि ईश्वर के दरबार में किसी प्रकार का भेदभाव नहीं होता।
उन्होंने श्रद्धालुओं से आह्वान किया कि समाज में ऊंच-नीच, जाति-पांति और अहंकार को त्यागकर प्रेम, सहयोग और समता का मार्ग अपनाना ही सच्ची शिवभक्ति है।
प्रवचन के दौरान कई बार पूरा परिसर हर-हर महादेव के जयघोष से गूंज उठा। इस दौरान शेषनाथ, सुदर्शन, बाबूलाल, धर्मानंद पांडेय, द्वारिका मद्धेशिया, देवेंद्र सिंह, रंजू यादव, पूनम, सुनीता, किस्मती, शांति आदि शामिल थे।