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Mau News: हत्या कर दुर्घटना का रूप देने का किया था प्रयास, दो को आजीवन कारावास
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अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश फास्ट ट्रैक कोर्ट नंबर एक निरंजन चंद्र पांडेय ने हत्या कर उसे दुर्घटना का रूप देने में अरविंद यादव और विरेंद्र यादव को आजीवन कारावास की सजा सुनाई और 7-7 हजार रुपये अर्थदंड लगाया गया।
मामला दोहरीघाट थाना क्षेत्र के सियरही गांव एक मई 2010 का है। अभियोजन के अनुसार, वादी मुकदमा दीपचंद यादव पुत्र स्व. छोटकई यादव की तहरीर पर प्राथमिकी दर्ज हुई। इसमें लाली गांव निवासी अरविंद यादव पुत्र जयप्रकाश यादव और विरेंद्र यादव पुत्र रामबचन यादव को नामजद किया गया।
आरोप था कि पैसों के लेन-देन के विवाद को लेकर इंद्रचंद यादव की एक मई 2010 को हत्या कर उसे दुर्घटना का रूप देने का प्रयास किया गया।
पुलिस ने विवेचना के बाद आरोप पत्र न्यायालय में पेश किया। न्यायालय में अभियोजन की ओर से पैरवी करते हुए एडीजीसी फौजदारी ने आठ गवाहों को पेश कर पक्ष रखा। बचाव पक्ष की ओर से कहा गया कि आरोपियों को झूठा फंसाया गया है।
एडीजे ने दोनों पक्षों के तर्कों को सुनने और पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्यों का अवलोकन करने के बाद आरोपी अरविंद यादव और विरेंद्र यादव को हत्या और साक्ष्य मिटाने का दोषी पाया।
दोनों को हत्या के मामले में आजीवन कारावास की सजा के साथ 5-5 हजार रुपये अर्थदंड लगाया गया। वहीं साक्ष्य मिटाने के मामले में 7-7 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा के साथ 2-2 हजार रुपये अर्थदंड लगाया गया। अर्थदंड न देने पर दो वर्ष का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
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मामला दोहरीघाट थाना क्षेत्र के सियरही गांव एक मई 2010 का है। अभियोजन के अनुसार, वादी मुकदमा दीपचंद यादव पुत्र स्व. छोटकई यादव की तहरीर पर प्राथमिकी दर्ज हुई। इसमें लाली गांव निवासी अरविंद यादव पुत्र जयप्रकाश यादव और विरेंद्र यादव पुत्र रामबचन यादव को नामजद किया गया।
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आरोप था कि पैसों के लेन-देन के विवाद को लेकर इंद्रचंद यादव की एक मई 2010 को हत्या कर उसे दुर्घटना का रूप देने का प्रयास किया गया।
पुलिस ने विवेचना के बाद आरोप पत्र न्यायालय में पेश किया। न्यायालय में अभियोजन की ओर से पैरवी करते हुए एडीजीसी फौजदारी ने आठ गवाहों को पेश कर पक्ष रखा। बचाव पक्ष की ओर से कहा गया कि आरोपियों को झूठा फंसाया गया है।
एडीजे ने दोनों पक्षों के तर्कों को सुनने और पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्यों का अवलोकन करने के बाद आरोपी अरविंद यादव और विरेंद्र यादव को हत्या और साक्ष्य मिटाने का दोषी पाया।
दोनों को हत्या के मामले में आजीवन कारावास की सजा के साथ 5-5 हजार रुपये अर्थदंड लगाया गया। वहीं साक्ष्य मिटाने के मामले में 7-7 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा के साथ 2-2 हजार रुपये अर्थदंड लगाया गया। अर्थदंड न देने पर दो वर्ष का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
