{"_id":"6a773e439503e86a7405ccf3","slug":"an-educated-woman-is-the-foundation-of-an-empowered-nation-dr-ayushi-meerut-news-c-76-1-smrt1039-108493-2026-08-08","type":"story","status":"publish","title_hn":"शिक्षित स्त्री ही सशक्त राष्ट्र का आधार : डॉ. आयुषी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
शिक्षित स्त्री ही सशक्त राष्ट्र का आधार : डॉ. आयुषी
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
आर्य समाज पल्लवपुरम में महिला शिक्षा और संस्कारयुक्त परिवार पर मंथन
संवाद न्यूज एजेंसी
मोदीपुरम। आर्य समाज पल्लवपुरम में श्रावणी पर्व के दूसरे दिन शनिवार को शिक्षित स्त्री और संस्कारयुक्त परिवार को लेकर मंथन हुआ। दिल्ली से आईं डॉ. आयुषी राणा ने शिक्षित स्त्री सशक्त राष्ट्र का आधार विषय पर कहा कि नारी शिक्षित होगी तो तीन पीढ़ियां सुधरेंगी।
उन्होंने मदालसा, रानी अहिल्याबाई होलकर, जीजाबाई, द्रौपदी, रुक्मिणी, सीता और कौशल्या जैसी महिलाओं के उदाहरण देते हुए कहा कि इनके जीवन से प्रेरणा लेने की जरूरत है।उन्होंने कहा कि शिक्षा के साथ संस्कार भी जरूरी हैं। शाम को संस्कारयुक्त परिवार सशक्त समाज का आधार विषय पर उन्होंने कहा कि संस्कारयुक्त परिवार के निर्माण में गुरुकुल शिक्षा पद्धति महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। उन्होंने बच्चों को शिक्षा के साथ संस्कार देने पर जोर दिया। कार्यक्रम में भजनों के माध्यम से ऋषि दयानंद के विचारों और सच्चे शिव की गाथा का वर्णन किया गया। तरस पाल विमल ने भजन प्रस्तुत किए। आयोजन में भानु प्रताप रघुवंशी, रेणु रघुवंशी, ओमी सिंह, अनिता तोमर, साक्षी, श्रुति, प्रशांत चौधरी, रितु, कुलदीप रघुवंशी, अरुण वर्मा, धर्मेंद्र प्रधान, ओम प्रकाश अहलावत, राजीव वर्मा आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
मोदीपुरम। आर्य समाज पल्लवपुरम में श्रावणी पर्व के दूसरे दिन शनिवार को शिक्षित स्त्री और संस्कारयुक्त परिवार को लेकर मंथन हुआ। दिल्ली से आईं डॉ. आयुषी राणा ने शिक्षित स्त्री सशक्त राष्ट्र का आधार विषय पर कहा कि नारी शिक्षित होगी तो तीन पीढ़ियां सुधरेंगी।
उन्होंने मदालसा, रानी अहिल्याबाई होलकर, जीजाबाई, द्रौपदी, रुक्मिणी, सीता और कौशल्या जैसी महिलाओं के उदाहरण देते हुए कहा कि इनके जीवन से प्रेरणा लेने की जरूरत है।उन्होंने कहा कि शिक्षा के साथ संस्कार भी जरूरी हैं। शाम को संस्कारयुक्त परिवार सशक्त समाज का आधार विषय पर उन्होंने कहा कि संस्कारयुक्त परिवार के निर्माण में गुरुकुल शिक्षा पद्धति महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। उन्होंने बच्चों को शिक्षा के साथ संस्कार देने पर जोर दिया। कार्यक्रम में भजनों के माध्यम से ऋषि दयानंद के विचारों और सच्चे शिव की गाथा का वर्णन किया गया। तरस पाल विमल ने भजन प्रस्तुत किए। आयोजन में भानु प्रताप रघुवंशी, रेणु रघुवंशी, ओमी सिंह, अनिता तोमर, साक्षी, श्रुति, प्रशांत चौधरी, रितु, कुलदीप रघुवंशी, अरुण वर्मा, धर्मेंद्र प्रधान, ओम प्रकाश अहलावत, राजीव वर्मा आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन