ISI Connection: वेल्डिंग करते बने स्लीपर सेल, एक पार्टी के दफ्तर-अस्पताल को उड़ाने की थी साजिश, मंसूबे बेनकाब
उत्तर प्रदेश एटीएस ने सहारनपुर से चार कथित स्लीपर सेल गिरफ्तार किए हैं। जांच में सामने आया कि आरोपी सोशल माध्यमों के जरिए पाकिस्तानी गैंगस्टर और विदेशी हैंडलरों के संपर्क में थे।
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यूपी एटीएस ने पाकिस्तानी गैंगस्टर शहजाद भट्टी के स्लीपर सेल से जुड़े चार युवकों सहारनपुर निवासी महकाब व शाहरुख, मुजफ्फरनगर निवासी गगनदीप उर्फ गुरी सिंह और हरिद्वार निवासी मुशर्रफ को मंगलवार को सहारनपुर से गिरफ्तार किया। चारों पाकिस्तानी गैंगस्टर शहजाद भट्टी के संपर्क में थे और उसके इशारे पर संवेदनशील जगहों की रेकी करने के साथ देशविरोधी गतिविधियों के लिए युवाओं को शामिल कर रहे थे।
एडीजी कानून-व्यवस्था एवं एसटीएफ अमिताभ यश ने बताया कि इस माड्यूल के बारे में एटीएस और एसटीएफ ने संयुक्त रूप से जांच की थी जिसमें चारों की संलिप्तता पाकिस्तानी गैंगस्टर्स के अलावा आईएसआई के हैंडलर्स के साथ होने के प्रमाण मिले थे।
चारों सोशल मीडिया एवं वीडियो कॉलिंग के माध्यम से पाकिस्तानी हैंडलर्स के संपर्क में थे। उनके इशारे पर संवेदनशील स्थलों की रेकी करने के साथ युवाओं को आतंकी गतिविधियों की साजिश में शामिल होने के लिए जोड़ रहे थे। इसके पुख्ता सुबूत मिलने पर चारों को सहारनपुर से गिरफ्तार किया गया है। उन्हें रिमांड पर लेकर आईएसआई के मंसूबों के बारे में पूछताछ की जाएगी।
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पाकिस्तानी गैंगस्टर शहजाद भट्टी आईएसआई के इशारे पर पश्चिमी यूपी के युवाओं को आतंकी गतिविधियों में शामिल होने के लिए लगातार बरगला रहा है। इससे पहले भी शहजाद के संपर्क में रहने वाले आधा दर्जन से अधिक युवाओं को पश्चिमी यूपी और उत्तराखंड से गिरफ्तार किया जा चुका है। इन सभी को सामरिक महत्व की जगहों, महत्वपूर्ण सरकारी प्रतिष्ठानों, हिंदूवादी नेताओं को निशाना बनाने का टास्क सौंपा जाता है। बदले में लाखों रुपये और हथियार मुहैया कराए जाते हैं।
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वेल्डिंग करते-करते बन गए पाकिस्तानी गैंगस्टर के स्लीपर सेल
सहारनपुर पाकिस्तानी गैंगस्टर शहजाद भट्टी के सहारनपुर से चारों स्लीपर सेल की गिरफ्तारी ने सभी को चौका दिया है। पकड़े गए स्लीपर सेल वेल्डिंग और ड्राइवरी करते-करते करीब छह माह पहले पाकिस्तानी गैंगस्टर के संपर्क में इंस्टाग्राम के माध्यम से आए थे। इसके बाद से उन्होंने अपनी गतिविधियां यूपी, दिल्ली, हरियाणा, पंजाब और उत्तराखंड में बढ़ा दी थी। ग्रामीण भी इनकी गिरफ्तारी से हैरान है।
सरसावा के ढिक्का कलां गांव निवासी महकाब और शाहरूख के परिवार की आर्थिक स्थिति कमजोर है। दोनों अविवाहित है। महकाब वेल्डिंग के काम के लिए अक्सर हरियाणा और पंजाब में जाता रहता था। इसलिए महकाब को वहां की अच्छी जानकारी थी। इसी तरह शाहरूख उत्तराखंड के अलग-अलग में वेल्डिंग का काम करता था। हरिद्वार के ढनढेरा गांव निवासी मुशर्रफ भी मंसूरी के पास वेल्डिंग का काम करता है, जबकि मुजफ्फरनगर के शाहपुर रामराज निवासी गगनदीप उर्फ गुरी ट्रक ड्राइवर है।
चारों ही अक्सर अपने कामकाज का हवाला देते घर से बाहर रहते थे। ढिक्का कलां के ग्रामीणों की मानें तो महकाब और शाहरूख को देखकर कभी नहीं लगता था कि उनके अंदर इतने खतरनाक मंसूबे हो सकते हैं। जांच में आया कि वह करीब छह माह पहले इंस्टाग्राम और वाट्सएप के जरिये पाकिस्तानी गैंगस्टर शहजाद भट्टी और आबिद जट्ट के संपर्क में थे। महकाब और शाहरूख के परिजन इस मामले में कुछ बोलने को तैयार नहीं है।
एक राजनीतिक पार्टी के कार्यालय और अस्पताल को बम से उड़ाने की थी साजिश
आबिद ने उनको अन्य राज्य के एक राजनीतिक दल के कार्यालय और अस्पताल को बम से उड़ाने तथा कई स्कूलों के एक संचालक की हत्या करने के लिए रेकी करने को कहा था। काम होने के बाद अगला टारगेट देने की बात भी कही थी। महकाम और गगनदीप ने अपने साथ शाहरुख और मुशर्रफ को जोड़ा था।
जांच में सामने आया कि सभी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर एक अस्पताल की रेकी करने और हथियार आदि खरीदने की बात कर रहे थे। मार्च 2026 में किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने के लिए महकाम व गगनदीप ने नोएडा में मीटिंग की थी, जिसमें उनके बीच पैसे व हथियार आदि के बारे में बातचीत हुई थी।
आबिद ने वीडियो कॉल के जरिये चारों को कई जगहों पर आतंकी गतिविधियों को अंजाम देकर दहशत फैलाने और अधिक से अधिक युवकों को अपने साथ जोड़ने को कहा था। चारों को रिमांड पर लेकर आईएसआई के मंसूबों के बारे में पूछताछ की जाएगी।
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मुजफ्फरनगर का गगनदीप उर्फ गुरी चलाता था ट्रक
मुजफ्फरनगर के रामराज क्षेत्र के गांव शाहपुर निवासी गगनदीप (25) को एटीएस ने पाकिस्तानी गैंगस्टर शहजाद भट्टी के स्लीपर सेल का सदस्य होने के चलते गिरफ्तार किया है। उसकी गिरफ्तारी के बाद से क्षेत्र में कई तरह की चर्चाएं चल रही हैं। कुछ लोगों का कहना है कि उसके रिश्तेदार पाकिस्तान में रहते हैं। संभवतः वह उनसे बात करता होगा इसी के चलते वह किसी गलत गिरोह के सदस्यों के साथ संपर्क में आ गया।
एटीएस की टीम ने पाकिस्तानी गैंगस्टर शहजाद भट्टी के स्लीपर सेल के चार सदस्यों को गिरफ्तार किया है। इनमें रामराज थाना क्षेत्र के गांव शाहपुर निवासी गगनदीप को गिरफ्तार किया गया। पुलिस बताती है कि उसके पिता ट्रक चालक हैं।
वह अपने पिता के साथ ट्रक पर परिचालक का काम करता था। उसके परिवार में दो भाई लखवेंद्र, लाडी व एक बहन मनजीत कौर है। उसके भाई मकान किराये पर दिलाने व खरिदवाने का काम करते हैं। बहन की शादी रामराज में हुई है। मां नरकजीत कौर घर पर रहती है। गगनदीप की गिरफ्तारी के बारे में जानकारी मिलने के बाद से क्षेत्र में अनेक प्रकार की चर्चाएं हैं।
संदिग्धों की पनाहगाह बना जिला
सहारनपर जिला संदिग्धों की पनाहगाह बन रह है। यहां ये कई बार संदिग्ध आतंकी, बांगदेशी और रोहिंग्या पकड़े गए हैं। उन्से महतपूर्ण दस्तावेज भी मिल चुके हैं। खस बात यह है कि स्थानीय पुलिस और खुफिया विभाग हमेशा फेल नजर आता है। एटीएस या बाहर के जिलों की पुलिस यहां आकर ही कार्रवाई करती है।