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सीसीएसयू: लोकगायिका मालिनी अवस्थी बनीं प्रोफेसर, विवि में छात्रों को सिखाएंगी संगीत; ये दो नए कोर्स हुए शुरू
अमर उजाला नेटवर्क, मेरठ
Published by: Mohd Mustakim
Updated Fri, 20 Mar 2026 09:31 AM IST
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सार
Meerut News: चौधरी चरण विश्वविद्यालय कार्य परिषद की बैठक में कई अहम निर्णय लिए गए। 59 शोधार्थियों की पीएचडी मंजूर की गई। संगीत और गायन को बढ़ावा देने के लिए मालिनी अवस्थी को लाया गया है।
मालिनी अवस्थी।
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विस्तार
चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय कुलपति प्रो. संगीता शुक्ला की अध्यक्षता में कार्य परिषद की बैठक कमेटी हॉल में हुई। बैठक में शैक्षणिक और प्रशासनिक मुद्दों पर गहन चर्चा के बाद कई अहम फैसले लिए गए। जिनमें शोध को बढ़ावा देने और सांस्कृतिक शिक्षा को मजबूत करने वाले निर्णय प्रमुख रहे। बैठक में सबसे पहले 8 जनवरी को हुई पिछली कार्य परिषद बैठक के कार्यवृत्त की पुष्टि की गई। साथ ही 18 मार्च को हुई विद्वत परिषद के निर्णयों को अनुमोदन प्रदान किया गया। वहीं कार्य परिषद ने 59 शोधार्थियों को पीएचडी उपाधि प्रदान करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी। यह फैसला विश्वविद्यालय में उच्च शिक्षा और अनुसंधान गतिविधियों को नई गति प्रदान करने वाला माना जा रहा है।
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मालिनी अवस्थी व शैलेंद्र जायसवाल बने प्रोफेसर ऑफ प्रैक्टिस
पद्मश्री लोक गायिका मालिनी अवस्थी और शैलेंद्र जायसवाल को प्रोफेसर ऑफ प्रैक्टिस के पद पर एक वर्ष के लिए नियुक्त करने की स्वीकृति दी गई। यह कदम लोक कला, लोक संगीत और व्यावहारिक शिक्षा को विश्वविद्यालय के पाठ्यक्रम में मजबूती से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण है। बैठक में कुलसचिव डॉ. अनिल कुमार यादव, वित्त अधिकारी रमेश चंद्र, परीक्षा नियंत्रक वीरेंद्र कुमार मौर्य, डिप्टी रजिस्ट्रार सत्य प्रकाश, प्रो. अनिल मलिक, प्रो. विजय जायसवाल, प्रो. अजय विजय कौर, डॉ. यशवेंद्र वर्मा, डॉ. प्रमोद कुमार, इरशाद मोहम्मद खान और प्रेस प्रवक्ता मितेंद्र कुमार गुप्ता सहित अन्य सदस्य और अधिकारी उपस्थित रहे।
पद्मश्री लोक गायिका मालिनी अवस्थी और शैलेंद्र जायसवाल को प्रोफेसर ऑफ प्रैक्टिस के पद पर एक वर्ष के लिए नियुक्त करने की स्वीकृति दी गई। यह कदम लोक कला, लोक संगीत और व्यावहारिक शिक्षा को विश्वविद्यालय के पाठ्यक्रम में मजबूती से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण है। बैठक में कुलसचिव डॉ. अनिल कुमार यादव, वित्त अधिकारी रमेश चंद्र, परीक्षा नियंत्रक वीरेंद्र कुमार मौर्य, डिप्टी रजिस्ट्रार सत्य प्रकाश, प्रो. अनिल मलिक, प्रो. विजय जायसवाल, प्रो. अजय विजय कौर, डॉ. यशवेंद्र वर्मा, डॉ. प्रमोद कुमार, इरशाद मोहम्मद खान और प्रेस प्रवक्ता मितेंद्र कुमार गुप्ता सहित अन्य सदस्य और अधिकारी उपस्थित रहे।
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सीसीएसयू में चार वर्षीय बीए-बीएड एवं बीएससी-बीएड कार्यक्रम शुरू
सीसीएसयू द्वारा राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के अनुरूप शैक्षणिक सत्र-26–27 से चार वर्षीय एकीकृत शिक्षक शिक्षा कार्यक्रम बीए बीएड एवं बीएससी बीएड शुरू किए जाने की घोषणा की गई है। विश्वविद्यालय को इन पाठ्यक्रमों के संचालन हेतु राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद से मान्यता प्राप्त हो चुकी है। कुलपति प्रो. संगीता शुक्ला के नेतृत्व में शुरू किया जा रहा यह कार्यक्रम माध्यमिक एवं उच्च माध्यमिक स्तर के लिए दक्ष एवं गुणवत्तापूर्ण शिक्षकों के निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।
सीसीएसयू द्वारा राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के अनुरूप शैक्षणिक सत्र-26–27 से चार वर्षीय एकीकृत शिक्षक शिक्षा कार्यक्रम बीए बीएड एवं बीएससी बीएड शुरू किए जाने की घोषणा की गई है। विश्वविद्यालय को इन पाठ्यक्रमों के संचालन हेतु राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद से मान्यता प्राप्त हो चुकी है। कुलपति प्रो. संगीता शुक्ला के नेतृत्व में शुरू किया जा रहा यह कार्यक्रम माध्यमिक एवं उच्च माध्यमिक स्तर के लिए दक्ष एवं गुणवत्तापूर्ण शिक्षकों के निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।
विश्वविद्यालय प्रशासन के अनुसार, इस पाठ्यक्रम में प्रवेश राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी द्वारा आयोजित राष्ट्रीय स्तर की प्रवेश परीक्षा के माध्यम से होगा। वर्ष-26 में कक्षा 12वीं की परीक्षा में सम्मिलित होने वाले अथवा उत्तीर्ण अभ्यर्थी निर्धारित पात्रता के अनुसार आवेदन कर सकेंगे। इस कार्यक्रम के अंतर्गत विद्यार्थियों को विषय-विशेष ज्ञान के साथ-साथ शिक्षण कौशल, विद्यालयीय इंटर्नशिप, शैक्षिक प्रौद्योगिकी एवं शोध आधारित प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। चार वर्ष की अवधि पूर्ण करने पर अभ्यर्थियों को स्नातक उपाधि के साथ बीएड की डिग्री प्रदान की जाएगी। प्रवेश प्रक्रिया विश्वविद्यालय अनुदान आयोग एवं राज्य सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुरूप संचालित की जाएगी। काउंसिलिंग प्रक्रिया में आरक्षण नीति एवं मेरिट के आधार पर सीटों का आवंटन किया जाएगा।
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