सेंट्रल मार्केट विवाद: धरनारत महिलाओं का अनोखा विरोध, आत्मसम्मान-विश्वास की ‘तेरहवीं’, हवन कर जताया गुस्सा
मेरठ के सेंट्रल मार्केट में धरने पर बैठी महिलाओं ने अनोखा विरोध करते हुए आत्मसम्मान और विश्वास की ‘तेरहवीं’ की। महिलाओं ने हवन कर आहुति दी और भाजपा जनप्रतिनिधियों पर उनकी सुध न लेने का आरोप लगाया।
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मेरठ के सेंट्रल मार्केट में चल रहे विरोध प्रदर्शन ने अब प्रतीकात्मक और भावनात्मक रूप ले लिया है। धरने पर बैठी महिलाओं ने आंदोलन के 13वें दिन अपने आत्मसम्मान, विश्वास और व्यापार की 'तेरहवीं' कर विरोध जताया। महिलाओं ने हवन कर आहुति दी और इसके बाद ब्रह्मभोज का आयोजन भी किया।
हवन कर जताया विरोध
धरने पर बैठी महिलाओं ने सुबह एकत्र होकर हवन किया और आहुति डालते हुए कहा कि उनका आत्मसम्मान, विश्वास और व्यापार खत्म कर दिया गया है। महिलाओं का कहना था कि यह कार्यक्रम प्रतीकात्मक विरोध के रूप में किया गया है, ताकि उनकी पीड़ा और आक्रोश सामने आ सके। महिलाओं के अनुसार, यह आंदोलन पिछले कई दिनों से जारी है और इसके बावजूद उनकी समस्याओं की सुनवाई नहीं हो रही है।
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जनप्रतिनिधियों पर लगाया उपेक्षा का आरोप
गुस्साई महिलाओं ने आरोप लगाया कि उन्हें उम्मीद थी कि भाजपा के जनप्रतिनिधि उनकी सुध लेने के लिए सेंट्रल मार्केट पहुंचेंगे, लेकिन अब तक कोई भी उनसे मिलने नहीं आया। महिलाओं का कहना है कि वे लगातार अपनी समस्या को उठाने की कोशिश कर रही हैं, लेकिन उन्हें अनदेखा किया जा रहा है।
एक दिन पहले दी थी चेतावनी
धरने पर बैठी महिलाओं ने एक दिन पहले प्रेस कॉन्फ्रेंस कर ऐलान किया था कि यदि उनकी बात नहीं सुनी गई तो वे अपने आत्मसम्मान और विश्वास की 'तेरहवीं' करेंगी। इसी घोषणा के तहत आज हवन के बाद प्रतीकात्मक तेरहवीं कार्यक्रम किया गया और ब्रह्मभोज की भी व्यवस्था की गई।

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