New Year 2026: ठंड पर भारी जश्न, नए साल के पहले दिन कड़ाके की सर्दी, बूंदाबांदी के भी आसार
नए साल के पहले दिन मेरठ और पश्चिमी यूपी में कड़ाके की ठंड और शीतलहर का प्रकोप जारी है। तापमान में गिरावट दर्ज की गई है और आज बूंदाबांदी के भी आसार जताए गए हैं। बढ़ती ठंड और प्रदूषण से अस्पतालों में मरीजों की संख्या बढ़ रही है।
विस्तार
पश्चिमी उत्तर प्रदेश और आसपास के क्षेत्रों में शीतलहर का प्रकोप लगातार बढ़ता जा रहा है। नए साल के पहले दिन यानी आज कड़ाके की सर्दी तो है ही साथी ही बूंदाबांदी के भी आसार हैं। बुधवार को अधिकतम और न्यूनतम तापमान में गिरावट दर्ज की गई।
दिन का अधिकतम तापमान दो डिग्री गिरकर 16 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया, जबकि न्यूनतम तापमान में 1.6 डिग्री की गिरावट दर्ज की गई। मौसम विभाग के अनुसार अभी ठंड से राहत मिलने की संभावना नहीं है।
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कोहरा छंटा, लेकिन सर्द हवाओं ने बढ़ाई ठिठुरन
बुधवार को सुबह कोहरा जल्दी छंट गया, लेकिन दिनभर चली सर्द हवाओं ने लोगों को ठिठुरने पर मजबूर कर दिया। शाम तक शीतलहर का असर बना रहा और लोग घरों में कैद नजर आए। कई दिनों से न्यूनतम तापमान सामान्य से नीचे बना हुआ है।
घने कोहरे और प्रदूषण की मोटी परत के कारण दृश्यता भी प्रभावित रही। सुबह 10 बजे के बाद धूप निकलने के बावजूद ठंड का असर कम नहीं हुआ। कृषि विश्वविद्यालय के मौसम वैज्ञानिक डॉ. यूपी शाही के अनुसार आने वाले कुछ दिनों तक शीतलहर और कोहरे का असर बना रहेगा, वहीं आज बूंदाबांदी हो सकती है।
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एक्यूआई लाल श्रेणी में, सांस के मरीज बढ़े
शहर का एयर क्वालिटी इंडेक्स (एक्यूआई) बुधवार को 316 दर्ज किया गया, जो लाल श्रेणी में बना हुआ है। गंगानगर, जयभीम नगर, पल्लवपुरम, बेगमपुल और दिल्ली रोड जैसे इलाकों में भी प्रदूषण का स्तर चिंताजनक रहा।
अस्पतालों में मरीजों की भीड़
बढ़ती ठंड और प्रदूषण के चलते अस्पतालों में मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। पीएल शर्मा जिला अस्पताल और एलएलआरएम मेडिकल कॉलेज में खांसी, जुकाम, वायरल बुखार, गले में खराश और सांस लेने में दिक्कत के मरीज बड़ी संख्या में पहुंच रहे हैं। बुधवार को ओपीडी में 3715 मरीज दर्ज किए गए।
सांस एवं छाती रोग विशेषज्ञ डॉ. वीरोत्तम तोमर के अनुसार ठंड और प्रदूषण के कारण अस्थमा और फेफड़ों से संबंधित रोग बढ़ रहे हैं। वहीं नाक-कान-गला रोग विशेषज्ञ डॉ. बीपी कौशिक ने लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी है।
ठंड पर भारी पड़ा नववर्ष का जश्न
कड़ाके की ठंड और शीतलहर के बावजूद मेरठवासियों का उत्साह कम नहीं हुआ। साल 2025 की विदाई और 2026 के स्वागत में शहर जश्न में डूबा रहा। रात 12 बजते ही “हैप्पी न्यू ईयर 2026” की गूंज के साथ आतिशबाजी से आसमान जगमगा उठा।
31 दिसंबर की शाम से ही होटल, रिसॉर्ट, मंडप और रेस्टोरेंट्स में रौनक देखने को मिली। डीजे की धुनों और रंग-बिरंगी लाइटों के बीच ठंड का असर फीका पड़ गया और जश्न का पारा चढ़ता चला गया।
