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रफ्तार पकड़ रही बयार चुनावी: मतदाताओं का रुख साफ नहीं, मुद्दे गायब जाति-धर्म का एजेंडा हावी

राजकुमार सैनी, अमर उजाला, मेरठ Published by: Dimple Sirohi Updated Sat, 13 Apr 2024 08:18 PM IST
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सार

चुनाव के दौरान जब विभिन्न दलों के नेता मैदान में उतरते हैं तो उनके पास देश, दल और समाज के फायदे और नुकसान के मुद्दे भी होते हैं लेकिन इस बार के चुनाव मैदान में समाज के महत्वपूर्ण मुद्दों को छोड़कर धर्म और ध्रुवीकरण पर ध्यान दिया जा रहा है।

Elections 2024: Voters attitude is not clear, issues are missing, caste-religion agenda dominates
चुनाव प्रचार - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार

एक समय था जब रोटी, कपड़ा और मकान को चुनावी मुद्दा बनाकर नेता जनता के बीच जाते थे। बेरोजगारी, विकास, भ्रष्टाचार भी प्रभावी रहते थे। इस बार नेताओं के एजेंडे में जाति-धर्म और ध्रुवीकरण का मुद्दा हावी दिखाई दे रहा है। इससे किसी दल को फायदा तो किसी को नुकसान उठाना पड़ा है। इस बार मेरठ सीट से भाजपा के अरुण गोविल, सपा-कांग्रेस गठबंधन से सुनीता वर्मा और बसपा से देवव्रत त्यागी चुनाव मैदान में हैं। 

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 मेरठ-हापुड लोकसभा सीट की बात करें तो 2014 और 2019 के चुनावों से ध्रुवीकरण का एजेंडा भाजपा के पक्ष में रहा। इस बार भी राजनीतिक दलों की नजर ध्रुवीकरण की तरफ बताई जा रही है।

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2014 में मेरठ लोकसभा सीट पर चुनाव राजेन्द्र अग्रवाल और शाहिद अखलाक, शाहिद मंजूर व नगमा के बीच ठहर गया, वहीं 2019 में भाजपा के राजेन्द्र अग्रवाल और बसपा के हाजी याकूब कुरैशी के बीच कांटे की टक्कर हुई थी।

मुस्लिम मतदाता एकतरफा हाजी याकूब के साथ हो लिए थे। हिंदुत्व के एजेंडे पर राजेन्द्र अग्रवाल बाजी मार ले गए। भाजपा के दावे के अनुसार बसपा के कोर वोट बैंक में भी हिंदुत्व के मुददे ने सेंध लगा दी थी।  

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इस बार लोकसभा चुनाव में मेरठ सीट पर किसी भी दल ने मुस्लिम को प्रत्याशी नहीं बनाया है। लेकिन इतना जरूर है कि भाजपा को हटाने के लिए मुस्लिम मतदाता एकमत देखे जा रहे हैं। वह अलग बात है कि मुस्लिम अभी तक यह स्पष्ट नहीं कर रहे हैं कि वह किसके साथ खड़े होंगे।

उधर, मुस्लिम की एकजुटता की चर्चा दूसरे पक्ष के मतदाता में हो रही है। इसका असर चुनाव में पड़ सकता है। हालांकि अभी तक ध्रुवीकरण पर केवल चर्चा भर है। जानकार बताते हैं कि ध्रुवीकरण के एजेंडे के कारण ही जनता के अहम मुद्दे सभी राजनीतिक दलों की प्राथमिकता से बाहर देखे जा रहे हैं। 

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