{"_id":"6a7f36bfeb4d81433f0f38d3","slug":"father-who-killed-two-year-old-daughter-sentenced-to-life-imprisonment-meerut-news-c-14-1-mrt1051-1274007-2026-08-14","type":"story","status":"publish","title_hn":"Meerut News: दो साल की बेटी की हत्या करने वाले पिता को उम्रकैद","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Meerut News: दो साल की बेटी की हत्या करने वाले पिता को उम्रकैद
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
- गला घोंटकर हत्या कर मासूम का शव गंगनहर में फेंका था, न्यायालय में बच्ची की मां ने दी गवाही
संवाद न्यूज एजेंसी
मेरठ। दो साल की मासूम बेटी इकरा की गला घोंटने के बाद नहर में फेंककर हत्या करने वाले पिता सुलेमान को अपर जिला जज भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम (कोर्ट नंबर- 01) आलोक द्विवेदी ने उम्रकैद और जुर्माने से दंडित किया है। न्यायालय में बच्ची की मां मोहसिना ने गवाही दी।
अभियोजन पक्ष के अनुसार, थाना सरधना क्षेत्र के कमरूद्दीन मढ़ियाई निवासी सुलेमान की दो साल की बेटी इकरा 15 जून 2024 को गायब हो गई थी। गुमशुदगी दर्ज कराने के बाद पुलिस ने उसकी तलाश शुरू की थी। 18 जून 2024 को भोला झाल में इकरा का शव मिला। इसके बाद सुलेमान की पत्नी मोहसिना ने ही पुलिस में अपने पति के खिलाफ बेटी की हत्या करने की तहरीर दी थी। पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू की थी।
-- -- -- -
मां मोहसिना ने कहा-बेटियों को पसंद नहीं करता था सुलेमान
मोहसिना ने न्यायालय में अपने बयान दर्ज कराया कि उसकी तीन लड़कियां और एक लड़का है। इकरा सबसे छोटी थी। उसकी दो बेटियों की पहले मृत्यु हो चुकी है। उन दोनों पर ऊपरी हवा होने की बात कहते हुए पति सुलेमान ने इलाज नहीं कराया था। उसने बताया कि उसका पति बेटियों को बिल्कुल पसंद नहीं करता था। इसके चलते वह घटना के दिन उसकी बेटी इकरा को अपने साथ ले गया था। इकरा को साथ ले जाते हुए रास्ते में लगे हुए सीसीटीवी कैमरे में भी रिकॉर्डिंग हुई थी। इसकी फुटेज के आधार पर पुलिस ने जांच की थी। वहीं, पोस्टमार्टम करने वाले डॉ. अनुराग कुमार ने बताया कि इकरा की मौत गला घोंटकर पानी में डूबने से हुई है। इकरा की पहचान उसके पहने हुए कपड़ों से भी की गई थी। न्यायालय में मां सहित सात गवाह पेश किए गए। वहीं, आरोपी पक्ष की ओर से कहा गया कि हत्या की घटना का कोई प्रत्यक्ष गवाह नहीं है। घटना में सभी परिस्थितिजन्य साक्षी हैं।
विज्ञापन
-- -- -- -
पानी में डूबने तक बेटी को देखता रहा
न्यायालय ने शुक्रवार को अपने निर्णय में कहा कि पिता ने बेटी की हत्या की है और शव को छिपाने के लिए नहर में फेंकने के बाद वह उसे तब तक देखता रहा, जब तक बेटी पानी में डूब नहीं गई। पिता सुलेमान को बेटी की हत्या करने और साक्ष्य छिपाने का दोषी पाते हुए उम्रकैद और 10 हजार रुपये के अर्थदंड से दंड़ित किया गया। शव छिपाने के दोष में तीन वर्ष के कारावास और 5000 रुपये की जुर्माने की सजा दी गई।
-- -- -- --
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
मेरठ। दो साल की मासूम बेटी इकरा की गला घोंटने के बाद नहर में फेंककर हत्या करने वाले पिता सुलेमान को अपर जिला जज भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम (कोर्ट नंबर- 01) आलोक द्विवेदी ने उम्रकैद और जुर्माने से दंडित किया है। न्यायालय में बच्ची की मां मोहसिना ने गवाही दी।
अभियोजन पक्ष के अनुसार, थाना सरधना क्षेत्र के कमरूद्दीन मढ़ियाई निवासी सुलेमान की दो साल की बेटी इकरा 15 जून 2024 को गायब हो गई थी। गुमशुदगी दर्ज कराने के बाद पुलिस ने उसकी तलाश शुरू की थी। 18 जून 2024 को भोला झाल में इकरा का शव मिला। इसके बाद सुलेमान की पत्नी मोहसिना ने ही पुलिस में अपने पति के खिलाफ बेटी की हत्या करने की तहरीर दी थी। पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू की थी।
विज्ञापन
मां मोहसिना ने कहा-बेटियों को पसंद नहीं करता था सुलेमान
मोहसिना ने न्यायालय में अपने बयान दर्ज कराया कि उसकी तीन लड़कियां और एक लड़का है। इकरा सबसे छोटी थी। उसकी दो बेटियों की पहले मृत्यु हो चुकी है। उन दोनों पर ऊपरी हवा होने की बात कहते हुए पति सुलेमान ने इलाज नहीं कराया था। उसने बताया कि उसका पति बेटियों को बिल्कुल पसंद नहीं करता था। इसके चलते वह घटना के दिन उसकी बेटी इकरा को अपने साथ ले गया था। इकरा को साथ ले जाते हुए रास्ते में लगे हुए सीसीटीवी कैमरे में भी रिकॉर्डिंग हुई थी। इसकी फुटेज के आधार पर पुलिस ने जांच की थी। वहीं, पोस्टमार्टम करने वाले डॉ. अनुराग कुमार ने बताया कि इकरा की मौत गला घोंटकर पानी में डूबने से हुई है। इकरा की पहचान उसके पहने हुए कपड़ों से भी की गई थी। न्यायालय में मां सहित सात गवाह पेश किए गए। वहीं, आरोपी पक्ष की ओर से कहा गया कि हत्या की घटना का कोई प्रत्यक्ष गवाह नहीं है। घटना में सभी परिस्थितिजन्य साक्षी हैं।
विज्ञापन
पानी में डूबने तक बेटी को देखता रहा
न्यायालय ने शुक्रवार को अपने निर्णय में कहा कि पिता ने बेटी की हत्या की है और शव को छिपाने के लिए नहर में फेंकने के बाद वह उसे तब तक देखता रहा, जब तक बेटी पानी में डूब नहीं गई। पिता सुलेमान को बेटी की हत्या करने और साक्ष्य छिपाने का दोषी पाते हुए उम्रकैद और 10 हजार रुपये के अर्थदंड से दंड़ित किया गया। शव छिपाने के दोष में तीन वर्ष के कारावास और 5000 रुपये की जुर्माने की सजा दी गई।