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अवैध पुलिस चौकी पकड़ी: लड़कियों व लड़कों को पसंद करने वालों को जाल में फंसाते थे, पुलिस बनकर वसूलते थे रंगदारी
Sun, 02 Aug 2026 10:45 AM IST
Mohd Mustakim
अमर उजाला नेटवर्क, मेरठ
अमर उजाला नेटवर्क, मेरठ
Published by: Mohd Mustakim
Updated Sun, 02 Aug 2026 10:45 AM IST
सार
Meerut News: मोहकमपुर में अवैध पुलिस चौकी का भंडाफोड़ करते हुए फर्जी एसएचओ और दरोगा को गिरफ्तार किया गया है। ये लोग इंस्टाग्राम पर दोस्ती कर शिकार को जाल में फंसाते थे, फिर उसे धमकी देकर रंगदारी वसूलते थे।
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गिरफ्तार आरोपी और फर्जी पुलिस चौकी।
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
ब्रह्मपुरी पुलिस ने टीपीनगर थाना क्षेत्र के मोहकमपुर में कार्यालय की आड़ में अवैध पुलिस चौकी चलाने वाले गिरोह का भंडाफोड़ कर दिया। इससे जुड़े लोग खुद को सीओ, एसएचओ और दरोगा बताकर लोगों को हनी ट्रैप में फंसाकर वसूली कर रहे थे। इतना ही नहीं उस कार्यालय को पुलिस चौकी साबित करने के लिए वहां वॉकी टॉकी, नेम प्लेट और वर्दी भी रखी जाती थी। इस मामले में फर्जी एसएचओ और दरोगा को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।
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एक डेयरी संचालक की शिकायत पर यह कार्रवाई की गई। आरोपियों के गिरोह में शामिल शशांक शर्मा ने इंस्टाग्राम पर दोस्ती कर डेयरी संचालक को जाल में फंसाया। शशांक के कहने पर डेयरी संचालक जब उनसे मिलने पर पहुंचा तो गिरोह के सदस्यों ने खुद को क्षेत्राधिकारी, थानेदार, दरोगा बताकर धौंस जमाई और उसे बंधक बना लिया। उसे जेल भेजने व एनकाउंटर का डर दिखाकर दो लाख रुपये मांगे और 10 हजार रुपये वसूल लिए।
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डेयरी संचालक ने पुलिस को दी गई तहरीर में कहा है कि वह इंस्टाग्राम पर शशांक शर्मा नाम के युवक से बातचीत करता था। शशांक ने उन्हें 30 जुलाई की शाम करीब सात बजे दिल्ली रोड शॉप्रिक्स मॉल के सामने रोड पर एकांत स्थान पर मिलने के लिए बताया। वह वहां पहुंचे तो पहले से मौजूद 4-5 आरोपियों ने उन पर हमला कर दिया।
आरोपियों ने उन्हें एक सफेद अल्टो कार में जबरन डाल लिया। कार में डालकर उनकी आंख पर पट्टी बांध दी और हाथ में हथकड़ी लगा दी। आरोपियों ने पीड़ित को सीट के नीचे दबा रखा था। इसके बाद आरोपी पीड़ित को कहीं ले जाने लगे और रास्ते में मारपीट करते रहे। राहुल पाल नाम के आरोपी ने उन पर पिस्टल तान दी और पैर में गोली मारकर एनकाउंटर की धमकी दी।
आरोपियों ने उन्हें एक सफेद अल्टो कार में जबरन डाल लिया। कार में डालकर उनकी आंख पर पट्टी बांध दी और हाथ में हथकड़ी लगा दी। आरोपियों ने पीड़ित को सीट के नीचे दबा रखा था। इसके बाद आरोपी पीड़ित को कहीं ले जाने लगे और रास्ते में मारपीट करते रहे। राहुल पाल नाम के आरोपी ने उन पर पिस्टल तान दी और पैर में गोली मारकर एनकाउंटर की धमकी दी।
एक-दूसरे को सीओ साहब और एसओ साहब बोलकर करते थे संबोधित
अपहर्ताओं ने डेयरी संचालक से कहा कि वह सिविल लाइन थाने के पुलिस वाले हैं। शशांक ने उन्हें शिकायत दी है कि इंस्टाग्राम पर दोस्ती कर तुम उसका शोषण कर रहे हो। उसके पास इसके साक्ष्य भी हैं। आरोपी पीड़ित को कार में डालकर इधर-उधर घुमाते रहे। इसके बाद वे उन्हें एक कार्यालय ले गए। कार्यालय में ले जाने से पहले उनकी हथकड़ी खोली गई और अंदर ले जाकर फिर से मारपीट की गई। आरोपियों ने उनका फोन ले लिया और फोन के साथ गूगल पे का पासवर्ड पूछा। पीड़ित का नाम-पता एक रजिस्टर में लिखा। उसका वीडियो भी बनाया।
अपहर्ताओं ने डेयरी संचालक से कहा कि वह सिविल लाइन थाने के पुलिस वाले हैं। शशांक ने उन्हें शिकायत दी है कि इंस्टाग्राम पर दोस्ती कर तुम उसका शोषण कर रहे हो। उसके पास इसके साक्ष्य भी हैं। आरोपी पीड़ित को कार में डालकर इधर-उधर घुमाते रहे। इसके बाद वे उन्हें एक कार्यालय ले गए। कार्यालय में ले जाने से पहले उनकी हथकड़ी खोली गई और अंदर ले जाकर फिर से मारपीट की गई। आरोपियों ने उनका फोन ले लिया और फोन के साथ गूगल पे का पासवर्ड पूछा। पीड़ित का नाम-पता एक रजिस्टर में लिखा। उसका वीडियो भी बनाया।
पैर में तौलिया बांधकर दी एनकाउंटर की धमकी
आरोपियों ने फिर से पीड़ित को पिस्टल दिखाकर उसके पैर में तौलिया बांधकर एनकाउंटर कर थाने ले जाने की धमकी दी। उन्होंने दो लाख रुपये की मांग की। डेयरी संचालक आरोपियों को एक लाख रुपये देने के लिए तैयार हो गया। आरोपियों ने पीड़ित से ऑनलाइन पैसे मंगवाने को कहा। इस पर पीड़ित ने अपने पड़ोसी से 10 हजार रुपये ऑनलाइन मंगवाए। इसे राहुल पाल ने अपने नंबर पर हस्तांतरित कर लिए। पीड़ित ने बाकी 90 हजार रुपये अगले दिन सुबह 11 बजे तक देने को कहा।
आरोपियों ने फिर से पीड़ित को पिस्टल दिखाकर उसके पैर में तौलिया बांधकर एनकाउंटर कर थाने ले जाने की धमकी दी। उन्होंने दो लाख रुपये की मांग की। डेयरी संचालक आरोपियों को एक लाख रुपये देने के लिए तैयार हो गया। आरोपियों ने पीड़ित से ऑनलाइन पैसे मंगवाने को कहा। इस पर पीड़ित ने अपने पड़ोसी से 10 हजार रुपये ऑनलाइन मंगवाए। इसे राहुल पाल ने अपने नंबर पर हस्तांतरित कर लिए। पीड़ित ने बाकी 90 हजार रुपये अगले दिन सुबह 11 बजे तक देने को कहा।
रात भर बंधक बनाया, भैंस बेचने का दिया हवाला
आरोपियों ने पीड़ित को रात भर बंधक बनाया। पीड़ित ने 8-10 लोगों को फोन किया, लेकिन किसी ने पैसे नहीं भेजे। तब उन्होंने कहा कि वह अपनी छह भैंसों में से दो बेचकर पैसे दे देगा। आरोपी नहीं माने और फिर एनकाउंटर की धमकी देने लगे। पीड़ित ने इस्लामुद्दीन नाम के एक व्यक्ति को कॉल करने के लिए कहा। खुद को थानाध्यक्ष बताने वाले राहुल और दरोगा बताने वाले आकाश पीड़ित को अल्टो कार में उनके घर भैंस बेचने के लिए ले जाने लगे। रास्ते में आकाश ने पीड़ित को बाइक पर बैठा लिया। वे मनीष सिंह के गैस गोदाम पर पहुंचे। मनीष सिंह को आकाश के दरोगा होने पर शक हुआ। उसने सवाल-जवाब और जांच पड़ताल की तो आरोपी मौके से भाग गए।
आरोपियों ने पीड़ित को रात भर बंधक बनाया। पीड़ित ने 8-10 लोगों को फोन किया, लेकिन किसी ने पैसे नहीं भेजे। तब उन्होंने कहा कि वह अपनी छह भैंसों में से दो बेचकर पैसे दे देगा। आरोपी नहीं माने और फिर एनकाउंटर की धमकी देने लगे। पीड़ित ने इस्लामुद्दीन नाम के एक व्यक्ति को कॉल करने के लिए कहा। खुद को थानाध्यक्ष बताने वाले राहुल और दरोगा बताने वाले आकाश पीड़ित को अल्टो कार में उनके घर भैंस बेचने के लिए ले जाने लगे। रास्ते में आकाश ने पीड़ित को बाइक पर बैठा लिया। वे मनीष सिंह के गैस गोदाम पर पहुंचे। मनीष सिंह को आकाश के दरोगा होने पर शक हुआ। उसने सवाल-जवाब और जांच पड़ताल की तो आरोपी मौके से भाग गए।
बाइक पर अक्सर आते थे पुलिसकर्मी, दफ्तर से आती थी पीटने की आवाज
फर्जी पुलिस अधिकारी बनकर डेयरी संचालक को बंधक बना हमला करने और रंगदारी वसूलने के मामले की पड़ताल में चौंकाने वाली बातें सामने आई हैं। आसपास के लोगों ने पुलिस को जानकारी दी कि आरोपी खुद को मीडियाकर्मी बताते थे। इनके पास वर्दी में पुलिसकर्मी बाइक से आते थे। राहुल पाल के पुलिसकर्मियों के साथ कई फोटो सोशल मीडिया पर भी वायरल हैं।
फर्जी पुलिस अधिकारी बनकर डेयरी संचालक को बंधक बना हमला करने और रंगदारी वसूलने के मामले की पड़ताल में चौंकाने वाली बातें सामने आई हैं। आसपास के लोगों ने पुलिस को जानकारी दी कि आरोपी खुद को मीडियाकर्मी बताते थे। इनके पास वर्दी में पुलिसकर्मी बाइक से आते थे। राहुल पाल के पुलिसकर्मियों के साथ कई फोटो सोशल मीडिया पर भी वायरल हैं।
शनिवार को अमर उजाला की टीम शॉप्रिक्स मॉल के सामने स्थित रोड पर करीब एक किमी दूर पहुंची। यहां दाईं ओर गली में कुछ दूर चलने पर दाईं ओर आरोपियों का कार्यालय बना था। यह कार्यालय एक घर में बना हुआ था। कार्यालय और घर दोनों पर ताला लटका हुआ था। आसपास के कुछ लोगों ने इस मामले की जानकारी देने से इन्कार किया। बाद में एक निवासी गली के किनारे ले जाकर जानकारी दी। तभी वहां दूसरा निवासी भी आ गया। दोनों ने बताया कि यह प्लॉट राहुल पाल ने करीब एक साल पहले खरीदा था।
इस वर्ष इस प्लॉट पर दिन-रात काम चलवाकर मकान और कार्यालय बनाया गया। लगभग तीन माह पहले यहां दफ्तर खोला गया। इसके बाद राहुल ने अल्टो कार खरीदी थी। आरोपी खुद को मीडियाकर्मी बताता था। उसके साथ अन्य लोग भी यहां आते थे। कई बार अंदर से किसी के पिटाई करने की आवाज आती थी। हालांकि राहुल का रुतबा देखकर कोई भी अड़ोसी-पड़ोसी उससे पूछताछ नहीं करता था।
सोशल मीडिया पर पुलिसकर्मियों के साथ फोटो वायरल
आरोपी अक्सर सोशल मीडिया पर पुलिसकर्मियों के साथ फोटो खिंचवाकर शेयर करता था। आरोपी के सोशल मीडिया पर पुलिसकर्मियों के साथ कई फोटो वायरल हैं। आरोपी इन्हीं फोटो के जरिये अन्य लोगों पर भी धाक जमाते थे। पुलिस अधिकारी इन पुलिस अधिकारियों की भी जानकारी जुटा रहे हैं।
आरोपी अक्सर सोशल मीडिया पर पुलिसकर्मियों के साथ फोटो खिंचवाकर शेयर करता था। आरोपी के सोशल मीडिया पर पुलिसकर्मियों के साथ कई फोटो वायरल हैं। आरोपी इन्हीं फोटो के जरिये अन्य लोगों पर भी धाक जमाते थे। पुलिस अधिकारी इन पुलिस अधिकारियों की भी जानकारी जुटा रहे हैं।
इंस्टाग्राम पर दोस्ती कर फंसाते हैं जाल में
पुलिस की जांच में सामने आया है कि आरोपी इंस्टाग्राम पर नए-नए लोगों से दोस्ती करते थे। उनके नंबर लेकर उनके मोबाइल पर कॉल करते थे। आरोपी न केवल ऐसे लोगों को फोन करते थे जो लड़कियों से बात करना पसंद करते हैं बल्कि ऐसे लोगों को भी कॉल कर फंसाते थे, जो लड़कों से बात करना पसंद करते हैं। जो लड़कियों से बात करना पसंद करते हैं। उनसे आरोपी लड़कियों की आवाज में बात करते थे। जानकारी मिली है कि एक आरोपी के खाते में एक माह में लगभग तीन लाख रुपये ट्रांजेक्शन की जानकारी मिली है। इससे आशंका है कि कई लोगों को ठगी का शिकार बनाया गया हो। पुलिस आरोपियों से गहनता से पूछताछ कर रही है।
पुलिस की जांच में सामने आया है कि आरोपी इंस्टाग्राम पर नए-नए लोगों से दोस्ती करते थे। उनके नंबर लेकर उनके मोबाइल पर कॉल करते थे। आरोपी न केवल ऐसे लोगों को फोन करते थे जो लड़कियों से बात करना पसंद करते हैं बल्कि ऐसे लोगों को भी कॉल कर फंसाते थे, जो लड़कों से बात करना पसंद करते हैं। जो लड़कियों से बात करना पसंद करते हैं। उनसे आरोपी लड़कियों की आवाज में बात करते थे। जानकारी मिली है कि एक आरोपी के खाते में एक माह में लगभग तीन लाख रुपये ट्रांजेक्शन की जानकारी मिली है। इससे आशंका है कि कई लोगों को ठगी का शिकार बनाया गया हो। पुलिस आरोपियों से गहनता से पूछताछ कर रही है।
सीओ ब्रह्मपुरी दफ्तर से एक किमी दूर थी अवैध पुलिस चौकी
यह अवैध पुलिस चौकी सीओ ब्रह्मपुरी दफ्तर से महज एक किमी दूर संचालित हो रही थी। पुलिस ने इस खुलासे के प्रेस नोट को दो बार बदला। तीसरी और अंतिम बार संशोधित प्रेसनोट में बीट बुक, वॉकी टॉकी, मुहर की बरामदगी हटा दी गई।
यह अवैध पुलिस चौकी सीओ ब्रह्मपुरी दफ्तर से महज एक किमी दूर संचालित हो रही थी। पुलिस ने इस खुलासे के प्रेस नोट को दो बार बदला। तीसरी और अंतिम बार संशोधित प्रेसनोट में बीट बुक, वॉकी टॉकी, मुहर की बरामदगी हटा दी गई।