मेरठ के बुद्धा गार्डन में भारतीय जननाट्य संघ इप्टा के राष्ट्रीय प्लेटिनम जुबली वर्ष के अवसर पर हो रही अखिल भारतीय नाट्य प्रतियोगिता रंगोत्सव 2018 के तीसरे दिन दिल्ली व मुंबई के कलाकारों ने मंच संभाला। कबीरा ग्रुप मुंबई के कलाकारों ने इप्टा जनगीत गाया। शुभारंभ डिप्टी कमिश्नर आबकारी राजेश मनी त्रिपाठी ने किया।
इप्टा के कलाकारों ने सामाजिक कुरीतियों पर की चोट, मंच पर जीवित किए किरदार
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पहला नाटक दिल्ली के नाट्य समूह सोच रंगमंच द्वारा हुकूम मालिक रहा। निर्देशन राजीव कोहली का था। मुख्य भूमिका अर्पण आनंद, दुर्गेश कुमार की रही। दूसरा नाटक कथाकार मंडली दिल्ली द्वारा इल्हाम हुआ। इससे पहले औरत का अपमान, कर्ण के दान की महान कहानी को कलाकारों ने मार्मिक संवादों में मंचित किया तो आंखें भर आईं।
निर्देशन रुद्रप्रताप सिंह का रहा। इप्टा के महामंत्री हरिओम शर्मा, अनुज शर्मा ने संचालन किया। निर्णायक धर्मवीर भारती, नाट्य निर्देशक राजीव मलिक, अशोक मेहरा, आलोक अग्रवाल, संदीप गुप्ता, शांति वर्मा, ज्ञान दीक्षित, अखिलेश चौधरी, मुकेश गुप्ता, केपी सिंह, श्याम सिंह, आरपी सिंह, विजय भोला आदि रहे।
बुद्धा गार्डन गढ़ रोड में चल रहे भारतीय जन नाट्य संघ (इप्टा) के राष्ट्रीय प्लेटिनम जुबली वर्ष समारोह के नाट्य समारोह में दूसरे दिन तीन नाटक मंचित हुए। इतिहास और वर्तमान की परिस्थितियों से निकले घटनाक्रम को संवादों के माध्यम से प्रस्तुत किया। नाट्य समारोह में ओड़िसा के सचेतन हेमा नाट्य समूह ने कुंदुली राएज की बेटी नाटक मंचित किया। अखिल भारती नाट्य प्रतियोगिता में शुक्रवार को ड्रामाटर्जी थिएटर समूह नोएडा ने महारथी व गाजियाबाद के ब्लैक पर्ल आर्ट्स समूह ने मेरा वजूद किन्नर नाटक मंचित किया। तीनों ही नाटकों ने दर्शकों की आंखों को नम कर दिया। महान दानवीर कर्ण की कहानी से लेकर बलात्कार पीड़िताओं व किन्नरों का मर्म कहानी से मंचित हुआ। शुभारंभ आबकारी उपायुक्त धीरज सिंह ने किया। कबीरा समूह मुंबई ने इप्टा के जनगीत से शुरुआत हुई।
ओड़िसा के नाट्य समूह सचेतन हेमा नाट्य ने कुंदुली राएज की बेटी निर्देशक राजकुमार साहू का मंचन किया। खेतिहर किसान की नौंवी कक्षा में पढ़ने वाली बच्चे रजनी से तीन लोग सामूहिक बलात्कार करते हैं। पीड़िता का पिता दोषियों को सजा दिलाने के लिए न्याय की गुहार मांगते-मांगते थक जाता है। मीटू जैसे अभियान से जूझ रहे समाज में बलात्कार पीड़िता के पिता की संवेदनशील गाथा मंच पर सजीव चित्रित थी। हेमांता महाकार, संध्या शाहू, घनश्याम शाहू व बबलू शाही कलाकार रहे।
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