पुलवामा हमले में शहीद हुए शामली के जवान प्रदीप कुमार को आज सुबह अंतिम संस्कार कर दिया गया। वहीं शामली के मोहल्ला रेलपार निवासी सीआरपीएफ के जवान अमित कुमार की समाधि के लिए जमीन देने और उसी पर अंतिम संस्कार करने की मांग को लेकर कुछ लोगों ने शव यात्रा बीच में ही रोक दी। करीब तीन घंटे की कशमकश और गहमागहमी के बाद प्रशासन द्वारा पूर्व निर्धारित नगर पालिका के शमशान घाट पर शव का अंतिम संस्कार किया गया।
पुलवामा हमला: शहीद के अंतिम संस्कार में तीन घंटे की देरी, परिजनों ने रखी ये बड़ी मांग
शामली निवासी सीआरपीएफ के जवान अमित कुमार की शहादत की सूचना के बाद परिजनों पर गम का पहाड़ टूट पड़ा था। कुछ लोग शहीद की समाधि के लिए प्रशासन से जमीन उपलब्ध कराने की मांग पहले दिन से ही कर रहे थे। कुछ परिजनों को भी उन्होंने साथ ले लिया। शुक्रवार की रात भी परिजनों ने गन्ना राज्यमंत्री सुरेश राणा, विधायक तेजेंद्र निर्वाल, डीएम और एसपी के सामने भी जमीन उपलब्ध कराने की मांग रखी थी। परिजनों ने यहां तक कहा था कि जब तक भूमि उपलब्ध नहीं कराई जाती तब तक शहीद के शव का अंतिम संस्कार नहीं करेंगे। अधिकारियों ने परिजनों को समझा बुझा दिया था।
शनिवार सुबह जब जवान के पार्थिव शरीर को अंतिम संस्कार के लिए ले जाया जा रहा था इसी दौरान लोगों ने अंतिम यात्रा को कुछ देर के लिए रास्ते में ही रोक दिया गया। बताया गया कि अंत्येष्टि निर्धारण न होने के कारण अंतिम संस्कार में काफी देरी भी हुई। रेल पार बाईपास पर तकरीबन बीस मिनट तक अंतिम यात्रा रुकी रही।
शनिवार सुबह पहुंची साध्वी प्राची ने भी परिजनों की मांग का समर्थन किया। डीएम अखिलेश सिंह और एसपी अजय कुमार ने नगर पालिका के अधिकारियों से वार्ता की। रेलपार में तालाब के निकट समाधि के लिए भूमि देने का आश्वासन दिया। इसके बाद ट्रैक्टर-ट्राली में शव रखकर अंतिम यात्रा शुरू हुई।
