Meerut: मुआवजे की उम्मीद टूटी तो सदमे में किसान महिला की मौत, आठ महीने से चल रहा था किसानों का धरना
मेरठ में वेदव्यासपुरी योजना से जुड़ी 90 वर्षीय किसान महिला शांति देवी की हार्ट अटैक से मौत हो गई। किसानों के अनुसार मुआवजे की प्रक्रिया को लेकर निराशा के बाद उनकी तबीयत बिगड़ी।
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मुआवजे की प्रक्रिया पूछी, निराशाजनक जवाब मिलने के बाद बिगड़ी तबीयत
ग्रामीणों के अनुसार, सोमवार को किसानों की राज्य मंत्री डॉ. सोमेंद्र तोमर के साथ मुआवजे की प्रक्रिया को लेकर बैठक हुई थी। बैठक के बाद जब किसान गांव पहुंचे तो शांति देवी ने उनसे मुआवजे के बारे में जानकारी ली। किसानों के अनुसार, उन्हें बताया गया कि बैठक में अधिकारी और राज्य मंत्री भी मुआवजे को लेकर स्पष्ट जवाब नहीं दे सके हैं और अब मुआवजा मिलने की उम्मीद कम है।
किसानों का कहना है कि यह जानकारी मिलने के बाद शांति देवी काफी निराश हो गईं। वह अपने घर चली गईं और कुछ देर बाद अचानक उनकी तबीयत बिगड़ गई। परिजनों के अनुसार, हार्ट अटैक आने से उनकी मौत हो गई।
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वेदव्यासपुरी योजना से जुड़े किसान बढ़े हुए प्रतिकर के तहत मुआवजे की मांग को लेकर करीब आठ महीने तक मेरठ मंडपम स्थल पर धरने पर बैठे थे। किसानों के आंदोलन के दौरान मेरठ मंडपम का काम भी प्रभावित हुआ था। बाद में मेडा अधिकारियों और राज्य मंत्री डॉ. सोमेंद्र तोमर के साथ कई दौर की वार्ता और आश्वासन के बाद किसानों ने धरना समाप्त कर दिया था।
किसान नेता सुभाष प्रधान ने बताया कि किसानों ने अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के आश्वासन पर भरोसा करते हुए धरना समाप्त किया था, लेकिन अभी तक मुआवजे को लेकर कोई ठोस समाधान नहीं निकला है। सोमवार को राज्य मंत्री के साथ हुई बैठक में भी किसानों को उचित आश्वासन नहीं मिला।
किसान बोले- आश्वासन के बाद भी समाधान नहीं निकला
शांति देवी की मौत की जानकारी मिलने के बाद वेदव्यासपुरी योजना से जुड़े पूठा, कुंडा, डूंगरावली और मालियाना समेत कई गांवों के किसान उनके घर पहुंचे और परिवार को सांत्वना दी।
किसान नेता सुभाष प्रधान ने कहा कि किसान शुरुआत से ही अधिकारियों और सरकार के मंत्रियों की बात मानते आए हैं, लेकिन अब उन्हें केवल आश्वासन मिल रहा है। उन्होंने कहा कि किसानों के साथ इस तरह का रवैया उचित नहीं है। आने वाले समय में किसान बैठक कर आंदोलन की नई रणनीति तैयार करेंगे।