UP: आखिर कब खत्म होगा इंतजार, सबकुछ ऑल ओके…तारीख पता नहीं, 7 माह में मेरठ मेट्रो ने लगाए 12,960 ट्रायल फेरे
मेरठ मेट्रो और नमो भारत ट्रेन पूरी तरह तैयार होने के बावजूद अब तक जनता के लिए शुरू नहीं हो सकी है। सात महीनों में 12,960 ट्रायल रन के बाद भी उद्घाटन की तारीख तय नहीं हो पाई।
विस्तार
बदलते शहर की धुरी पर मेरठ मेट्रो का संचालन जनता के लिए अबूझ पहेली बन गया है। वजह है सब कुछ ओके होने के बाद भी इस मेट्रो रेल परियोजना के संचालन के लिए तारीख का इंतजार। लंबे इंतजार की यह घड़ियां अब 35 लाख की आबादी वाले मेरठवासियों के माथे पर सिलवटें पैदा करने लगीं हैं। मेरठ मेट्रो का ट्रायल 22 जून 2025 को आरंभ हुआ था। ऐसे में मोटे तौर पर देखा जाए तो तब से अब तक सात महीने की अवधि में रोजाना हर 10 मिनट पर खाली कोच लेकर दौड़ने वाली मेरठ मेट्रो 12960 फेरे लगा चुकी है। ऐसे में ट्रायल के नाम पर पैसा, परिश्रम और वक्त तीनों की फिजूलखर्ची की वजहों को लेकर अफसर निरुत्तर हैं।
अरबों रुपये खर्च के बाद इस महात्वाकांक्षी परियोजना का आलम यह है कि स्टेशनों के टिकट विंडो पर धूल की परतें चढ़ने लगी हैं। एनसीआरटीसी के अफसरों का दावा है कि मेरठ साउथ स्टेशन से मोदीपुरम तक कॉरिडोर और सभी स्टेशनों पर काम पूरा हो गया है। इसके बाद नमो भारत और मेट्रो ट्रेदों के संचालन में क्या दिक्कतें हैं, इसे लेकर वह चुप्पी साध लेते हैं। सवाल उठता है कि अगर ट्रैक पूरी तरह तैयार है तो सात महीने से लगातार मेट्रो और नमो भारत का ट्रायल क्यों चल रहा है।
किसी भी ट्रैक के सत्यापन के लिए कितने दिन तक ट्रेनों का ट्रायल किया जाना चाहिए, इसका भी जवाब देने के लिए अधिकारी तैयार नहीं हैं। मेरठ साउथ से दिल्ली के बीच चलाई गई नमो भारत ट्रेन के लिए महज कुछ दिनों में ही ट्रायल पूरा कर लिया गया था। बड़े पुलों, फ्लाईओवरों पर भी स्पीड ट्रायल कुछ घंटे या दिनों में पूरा कर लिया जाता है। ऐसे में मेरठ मेट्रो के इतने लंबे ट्रायल की वजहों को लेकर अफसर और जनप्रतिनिधि दोनों ही मौन हैं। इतना जरूर बताया जा रहा है कि मेट्रो कॉरिडोर की फाइल पीएमओ में है। तिथि निर्धारित होते ही संचालन शुरू करा दिया जाएगा।
दिल्ली से मेरठ मोदीपुरम तक रैपिड का 82 किमी लंबा कॉरिडोर है। इसमें दिल्ली से मेरठ साउथ तक 55 किमी कॉरिडोर पर नमो भारत ट्रेन जनता को पहले ही सौंपी जा चुकी है। इसका लाभ मेरठ, गाजियाबाद के लोग ले रहे हैं। पिछले कई माह से मेरठ की जनता को मेरठ साउथ स्टेशन से मोदीपुरम तक 27 किमी कॉरिडाेर पर 24 घंटे मेट्रो खाली दौड़ती नजर आ रही है।
पहले हर 10 मिनट पर मेट्रो के फेरे ट्रायल के नाम पर लगते थे, अब पिछले चार दिन से ट्रैक पर हर पांच मिनट में मेट्रो और नमो भारत ट्रेनें फर्रांटे भर रही हैं। ट्रेनों की गति को देखकर फिर से मेरठ की जनता को मेट्रो संचालन की उम्मीदें बढ़ी हैं। अफसरों का कहना है कि मेरठ के 27 किमी कॉरिडोर की टेक्निकल रिपोर्ट पीएमओ को दिसंबर से पहले ही भेजी जा चुकी है। ट्रेन के शुभारंभ की तिथि पीएमओ से ही तय होगी।
सदन में मेरठ मेट्रो का मुद्दा उठा चुका हूं,मुझे भी जवाब का इंतजार है: लक्ष्मीकांत
राज्यसभा सदस्य डॉ. लक्ष्मीकांत वाजपेयी बताते हैं कि मैंने सदन में भी मेरठ मेट्रो का मामला उठाया था, लेकिन अभी तक जवाब नहीं मिला है। फिर भी उम्मीद है कि फरवरी में मेरठ मेट्रो ट्रेन का उद्घाटन हो जाएगा। इसके लिए हम केंद्रीय मंत्री मनोहरलाल खट्टर से भी मिलेंगे।
हम कई बार केंद्र सरकार और एनसीआरटीसी को पत्र लिख चुके हैं, लेकिन कोई उत्तर नहीं आया। हम चाहते हैं कि शीघ्र मेरठ साउथ से मोदीपुरम तक जनता के लिए मेट्रो और नमो भारत ट्रेन चलाई जाए। - अरुण गोविल, सांसद।
स्टेशनों पर काम पूरा होने के बाद ही चले मेट्रो
मेट्रो को लेकर जल्दीबाजी नहीं करनी चाहिए। ट्रैक भले ही तैयार हो गया हो, लेकिन अभी कई मेट्रो स्टेशनों पर काम अधूरा है। जब तक काम पूरा न हो, तब तक मेट्रो मेरठ साउथ से मोदीपुरम तक नहीं चलनी चाहिए। - अमित अग्रवाल, विधायक कैंट।
मेरठ साउथ से मोदीपुरम तक कॉरिडोर मेट्रो, नमो भारत के संचालन के लिए तैयार है। स्टेशनों पर भी काम पूरा हो चुका है। शीघ्र ही 27 किमी कॉरिडोर पर मेट्रो जनता को सौंपी जाएगी। यह शासन स्तर से तय होना है। -पुनीत वत्स, जनसंपर्क अधिकारी एनसीआरटीसी।
