Meerut: 9 बीघा जमीन के लिए भाई बना जल्लाद, 23 दिन जंगल में दबी रही लाश, मौसी की जिद ने खोला कत्ल का राज
मेरठ के बहसूमा क्षेत्र में 9 बीघा जमीन के लालच में बड़े भाई ने छोटे भाई की हत्या कर शव जंगल में दबा दिया। 23 दिन तक नशा मुक्ति केंद्र भेजने का झूठ बोलता रहा।
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मामले का खुलासा तब हुआ जब मृतक की मौसी ने पुलिस में तहरीर देकर हत्या की आशंका जताई। पुलिस की सख्ती के आगे आरोपी टूट गया और उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया।
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मृतक अंकुर पांच मई से लापता था। गांव में उसका बड़ा भाई कपिल लोगों से कहता फिर रहा था कि अंकुर को सुधार के लिए नशा मुक्ति केंद्र भेजा गया है और वह जल्द वापस लौट आएगा। लेकिन अंकुर की दो मासूम बेटियों की देखभाल कर रही मौसी जगबीरी को इस कहानी पर शक हो गया। बच्चियों के बार-बार अपने पिता के बारे में पूछने पर उन्होंने सीधे बहसूमा थाने पहुंचकर कपिल पर हत्या का शक जताया।
पुलिस ने कपिल को हिरासत में लेकर पूछताछ की। पहले वह पुलिस को गुमराह करता रहा, लेकिन सख्ती बढ़ने पर करीब दो घंटे में टूट गया और हत्या की पूरी कहानी उगल दी।
जंगल में दफन मिला 23 दिन पुराना शव
पूछताछ में आरोपी ने बताया कि उसने जमीन के विवाद में छोटे भाई अंकुर को गोली मार दी थी। इसके बाद शव को गांव से करीब दो किलोमीटर दूर वन क्षेत्र में गड्ढा खोदकर दबा दिया। आरोपी की निशानदेही पर पुलिस, क्षेत्राधिकारी और फोरेंसिक टीम मौके पर पहुंची। खुदाई के दौरान 23 दिन पुराना सड़ा-गला शव बरामद हुआ। शव निकलते ही परिजनों में कोहराम मच गया और मौके पर मौजूद ग्रामीणों की आंखें नम हो गईं।
रिश्तों का दोहरा कत्ल
इस घटना का सबसे दर्दनाक पहलू यह है कि आरोपी कपिल और मृतक अंकुर की पत्नियां सगी बहनें थीं। अंकुर की पत्नी की चार वर्ष पहले मौत हो चुकी थी। उसके बाद वह अपनी दो बेटियों के साथ अकेला रह रहा था। पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी को लगता था कि अंकुर का कोई बेटा नहीं है और उसकी जमीन आगे चलकर उसके बेटों के हिस्से में आ जाएगी। इसी लालच ने उसे अपने ही भाई का कातिल बना दिया।
60 बीघा जमीन बना खूनी विवाद की वजह
जानकारी के अनुसार तीनों भाइयों के हिस्से में करीब 20-20 बीघा जमीन आई थी, लेकिन आरोप है कि बड़ा भाई कपिल छोटे भाई अंकुर की जमीन पर भी कब्जा किए हुए था। इसी विवाद ने आखिरकार खूनी रूप ले लिया। पुलिस के अनुसार आरोपी के खिलाफ हत्या, अवैध हथियार और साक्ष्य मिटाने की धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।
दो मासूम बेटियां हुईं अनाथ
इस हत्याकांड ने दो मासूम बच्चियों से मां और पिता दोनों का साया छीन लिया। चार वर्ष पहले मां की मौत हो चुकी थी और अब पिता की हत्या ने दोनों बेटियों को पूरी तरह अनाथ कर दिया। पिता का शव देखकर बच्चियां बिलखती रहीं। मौसी जगबीरी ने कहा कि वह दोनों बच्चियों की मां बनकर उनका पालन-पोषण करेंगी। वहीं प्रशासन ने नियमानुसार सहायता दिलाने का आश्वासन दिया है।