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Meerut News: संसाधनों की कमी बता मेरठ कॉलेज ने परीक्षा कराने में असमर्थता जताई
संवाद न्यूज एजेंसी, मेरठ
Updated Fri, 12 Jun 2026 05:51 PM IST
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चार अन्य केंद्रों के अभ्यर्थियों का मेरठ कॉलेज में सेंटर बनाने पर कॉलेज प्रबंधन ने आपत्ति जताई
विवि प्रशासन से पुनर्विचार करने की अपील की
संवाद न्यूज एजेंसी
मेरठ। चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय की ओर से 16 जून से शुरू होने वाली बीएड परीक्षाओं के लिए चार अन्य परीक्षा केंद्रों के अभ्यर्थियों का केंद्र मेरठ कॉलेज बनाए जाने पर महाविद्यालय प्रशासन ने आपत्ति जताई है। कॉलेज प्रशासन ने संसाधनों और कर्मचारियों की कमी का हवाला देते हुए बाहरी परीक्षार्थियों की परीक्षा कराने में असमर्थता जताई है।
मेरठ कॉलेज की ओर से जारी विज्ञप्ति में कहा गया है कि महाविद्यालय प्रशासन पहले भी कई बार विश्वविद्यालय को अपनी प्रशासनिक और मानव संसाधन संबंधी सीमाओं से अवगत करा चुका है। साथ ही अन्य केंद्रों की परीक्षाएं मेरठ कॉलेज में आयोजित न किए जाने का अनुरोध भी किया गया था। इसके बावजूद विश्वविद्यालय ने चार केंद्रों के बीएड अभ्यर्थियों की परीक्षा का दायित्व मेरठ कॉलेज को सौंप दिया।
कॉलेज प्रशासन के अनुसार वर्तमान में अधिकांश शिक्षक ग्रीष्मकालीन अवकाश पर हैं, जबकि बड़ी संख्या में लिपिकीय कर्मचारी जनगणना कार्य में लगे हुए हैं। ऐसे में अतिरिक्त परीक्षार्थियों के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं करना बेहद चुनौतीपूर्ण है।
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महाविद्यालय ने स्पष्ट किया है कि उपलब्ध संसाधनों और कर्मचारियों की कमी के चलते अन्य केंद्रों के अभ्यर्थियों की परीक्षा का संचालन करना संभव नहीं है। यदि विश्वविद्यालय द्वारा वर्तमान व्यवस्था में कोई बदलाव नहीं किया जाता और परीक्षा संचालन के दौरान किसी प्रकार की अव्यवस्था उत्पन्न होती है तो उसकी जिम्मेदारी महाविद्यालय प्रशासन की नहीं होगी।
मेरठ कॉलेज प्रशासन ने विश्वविद्यालय से मांग की है कि मौजूदा परिस्थितियों को देखते हुए परीक्षा केंद्र निर्धारण के निर्णय पर पुनर्विचार किया जाए, ताकि परीक्षाएं निर्विघ्न और व्यवस्थित ढंग से संपन्न हो सकें।
विवि प्रशासन से पुनर्विचार करने की अपील की
संवाद न्यूज एजेंसी
मेरठ। चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय की ओर से 16 जून से शुरू होने वाली बीएड परीक्षाओं के लिए चार अन्य परीक्षा केंद्रों के अभ्यर्थियों का केंद्र मेरठ कॉलेज बनाए जाने पर महाविद्यालय प्रशासन ने आपत्ति जताई है। कॉलेज प्रशासन ने संसाधनों और कर्मचारियों की कमी का हवाला देते हुए बाहरी परीक्षार्थियों की परीक्षा कराने में असमर्थता जताई है।
मेरठ कॉलेज की ओर से जारी विज्ञप्ति में कहा गया है कि महाविद्यालय प्रशासन पहले भी कई बार विश्वविद्यालय को अपनी प्रशासनिक और मानव संसाधन संबंधी सीमाओं से अवगत करा चुका है। साथ ही अन्य केंद्रों की परीक्षाएं मेरठ कॉलेज में आयोजित न किए जाने का अनुरोध भी किया गया था। इसके बावजूद विश्वविद्यालय ने चार केंद्रों के बीएड अभ्यर्थियों की परीक्षा का दायित्व मेरठ कॉलेज को सौंप दिया।
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कॉलेज प्रशासन के अनुसार वर्तमान में अधिकांश शिक्षक ग्रीष्मकालीन अवकाश पर हैं, जबकि बड़ी संख्या में लिपिकीय कर्मचारी जनगणना कार्य में लगे हुए हैं। ऐसे में अतिरिक्त परीक्षार्थियों के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं करना बेहद चुनौतीपूर्ण है।
महाविद्यालय ने स्पष्ट किया है कि उपलब्ध संसाधनों और कर्मचारियों की कमी के चलते अन्य केंद्रों के अभ्यर्थियों की परीक्षा का संचालन करना संभव नहीं है। यदि विश्वविद्यालय द्वारा वर्तमान व्यवस्था में कोई बदलाव नहीं किया जाता और परीक्षा संचालन के दौरान किसी प्रकार की अव्यवस्था उत्पन्न होती है तो उसकी जिम्मेदारी महाविद्यालय प्रशासन की नहीं होगी।
मेरठ कॉलेज प्रशासन ने विश्वविद्यालय से मांग की है कि मौजूदा परिस्थितियों को देखते हुए परीक्षा केंद्र निर्धारण के निर्णय पर पुनर्विचार किया जाए, ताकि परीक्षाएं निर्विघ्न और व्यवस्थित ढंग से संपन्न हो सकें।