Meerut: नाले में गिरकर ई-रिक्शा चालक की मौत, खुले और जर्जर नालों ने मेरठ में बढ़ाया मौत का खतरा
मेरठ में आबूलेन के पास नाले में गिरकर ई-रिक्शा चालक की मौत हो गई। शहर के खुले और जर्जर नाले लगातार जानलेवा साबित हो रहे हैं, नगर निगम की कार्यशैली पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
विस्तार
मेरठ शहर में खुले और जर्जर नाले अब आफत का सबब बनते जा रहे हैं। आबूनाला, ओडियन नाला सहित कई प्रमुख नालों की दीवारें जगह-जगह से टूटी पड़ी हैं। इसके बावजूद नगर निगम और संबंधित विभागों की लापरवाही बनी हुई है, जिससे हर दिन लोगों की जान खतरे में पड़ रही है।
आबूलेन पर ई-रिक्शा चालक की मौत
आबूलेन क्षेत्र में नाले में गिरकर ई-रिक्शा चालक की मौत ने नगर निगम और प्रशासन की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। यह घटना साफ तौर पर लापरवाही का नतीजा मानी जा रही है।
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शहर के ओडियन नाले की हालत बेहद खराब है। कई स्थानों पर नाले की दीवारें पूरी तरह टूट चुकी हैं, जबकि कुछ जगहों पर पानी इतना गहरा है कि नाले का अंदाजा ही नहीं लग पाता।
राहगीरों और बच्चों की जान खतरे में
स्थानीय लोगों का कहना है कि दिन हो या रात, राहगीरों, बच्चों और वाहन चालकों के लिए ये नाले जानलेवा साबित हो रहे हैं। बरसात के दिनों में हालात और भी भयावह हो जाते हैं, जब नाले का पानी सड़क के बराबर आ जाता है।
पहले भी जा चुकी हैं कई जानें
दो साल पहले ओडियन नाले में गिरकर एक बालक की मौत हो चुकी है। चार साल पहले दिल्ली रोड पर नाले में गिरने से करीब 10 वर्षीय बच्चे की जान चली गई थी। कई मामलों में शव तलाशने में कई-कई दिन लग गए, जिससे परिजनों को भारी मानसिक पीड़ा झेलनी पड़ी।
अफसरों की नींद नहीं टूटी, मांग फाइलों में दबी
शुक्रवार को काठ का पुल के पास नाले में गिरकर ई-रिक्शा चालक की मौत को स्थानीय लोग प्रशासनिक उपेक्षा का नतीजा बता रहे हैं। नागरिक प्रवींद्र कुमार, संजू राणा और दीपक बंसल का कहना है कि वे लंबे समय से नाले के पास सुरक्षा दीवार बनवाने की मांग कर रहे हैं, लेकिन कैंट बोर्ड के अधिकारी ध्यान नहीं दे रहे।
ढलान बनी हादसों की वजह
काठ के पुल से रजबन की ओर जाने वाली सड़क पर ढलान होने के कारण वाहन तेज गति में अनियंत्रित हो जाते हैं। यहां पहले भी कई वाहन नाले में गिर चुके हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस सुरक्षा इंतजाम नहीं किए गए।
