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Meerut: रैपिड ट्रेन और मेट्रो फुल, पहले ही दिन एक लाख लोगों ने किया सफर, शहरवासियों में जबरदस्त उत्साह
अमर उजाला नेटवर्क, मेरठ
Published by: मोहम्मद मुस्तकीम
Updated Tue, 24 Feb 2026 10:30 AM IST
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सार
नमो भारत और मेट्रो शुरू होते ही उनमें यात्रियों की भीड़ जुटनी शुरू हो गई है। कुछ लोग तो बस चाय पीने या सेल्फी लेने के लिए ही स्टेशन और ट्रेन में पहुंच गए। उनके चेहरे पर ऐसी खुशी थी, मानो घर में नई कार आ गई हो।
मेट्रो ट्रेन के बेगमपुल स्टेशन पर मेटल डिटेक्टर से गुजरते समय भीड़ लग गई।
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
शहर की पटरियों पर जैसे ही नमो भारत (आरआरटीएस) और मेरठ मेट्रो ने दौड़ना शुरू किया, मेरठवासियों का उत्साह सातवें आसमान पर पहुंच गया। रविवार के बाद सोमवार को भी स्टेशनों पर उमड़ी भीड़ को देखकर ऐसा लग रहा था मानो पूरे शहर के हर घर के आंगन में एक साथ नई चमचमाती गाड़ी आई हो। लोग सिर्फ सफर करने नहीं बल्कि इस ऐतिहासिक पल का हिस्सा बनने घरों से निकले। सोमवार का दिन और ऊपर से रफ्तार का नया साथी, मेरठवासियों ने इस मौके को यादगार बना दिया। एनसीआरटीसी के मुताबिक सोमवार को मेट्रो और नमो भारत में सुबह छह से रात दस बजे तक करीब एक लाख लोगों ने यात्रा की।
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मेरठ मेट्रो में पत्नी के साथ यात्रा का आनंद लेते भाजपा नेता लक्ष्मीकांत वाजपेयी।
- फोटो : अमर उजाला
सोमवार की सुबह, रफ्तार का नया मंडे मोटिवेशन
हफ्ते का पहला दिन होने के कारण अमूमन सड़कों पर भारी जाम और दफ्तर जाने की जद्दोजहद दिखती थी लेकिन सोमवार को नजारा बदला हुआ था। दिल्ली और नोएडा में नौकरी करने वाले सैकड़ों लोग पहली बार बिना जाम की फिक्र किए मुस्कुराते हुए ऑफिस के लिए निकले। छात्रों के लिए यह किसी एडवेंचर ट्रिप से कम नहीं था। वापसी में भी उनके चेहरे पर थकान की जगह एक गर्व भरी मुस्कान थी कि अब उनका मेरठ भी स्मार्ट सिटी की कतार में मजबूती से खड़ा है।
हफ्ते का पहला दिन होने के कारण अमूमन सड़कों पर भारी जाम और दफ्तर जाने की जद्दोजहद दिखती थी लेकिन सोमवार को नजारा बदला हुआ था। दिल्ली और नोएडा में नौकरी करने वाले सैकड़ों लोग पहली बार बिना जाम की फिक्र किए मुस्कुराते हुए ऑफिस के लिए निकले। छात्रों के लिए यह किसी एडवेंचर ट्रिप से कम नहीं था। वापसी में भी उनके चेहरे पर थकान की जगह एक गर्व भरी मुस्कान थी कि अब उनका मेरठ भी स्मार्ट सिटी की कतार में मजबूती से खड़ा है।
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हफ्ते का पहला दिन होने के कारण सुबह से ही स्टेशनों पर भारी भीड़ देखी गई। दिल्ली और नोएडा में काम करने वाले नौकरीपेशा लोग पहली बार बिना जाम की फिक्र किए, मुस्कुराते हुए ऑफिस के लिए निकले। छात्रों में भी अपनी इस नई लाइफलाइन को लेकर जबरदस्त क्रेज देखने को मिला। मेट्रो की सवारी का लुत्फ उठाने के लिए भारी संख्या में लोग घरों से बाहर आए। कई लोगों के पास कोई मंजिल नहीं थी, बस इस आधुनिक सफर का गवाह बनना था।
चाय का बहाना, मेट्रो का सफर
शहर में इस नई सौगात को लेकर दीवानगी का आलम यह था कि सैकड़ों लोग बिना किसी खास काम के ही स्टेशनों पर टिकट कटाते दिखे। पूछने पर जवाब मिला- कहां जा रहे हैं, क्यों जा रहे हैं, नहीं पता... बस अपनी मेट्रो में बैठना है। युवाओं की टोली में अलग ही स्वैग दिखा। उन्होंने तो इसे पिकनिक बना दिया। कुछ ग्रुप परतापुर से मोदीपुरम सिर्फ इसलिए गए ताकि वहां की मशहूर चाय पी सकें तो कुछ शौकीनों ने तो चाय के लिए सीधे दिल्ली का रुख किया ताकि मेट्रो और नमो भारत का भी अनुभव ले सकें।
शहर में इस नई सौगात को लेकर दीवानगी का आलम यह था कि सैकड़ों लोग बिना किसी खास काम के ही स्टेशनों पर टिकट कटाते दिखे। पूछने पर जवाब मिला- कहां जा रहे हैं, क्यों जा रहे हैं, नहीं पता... बस अपनी मेट्रो में बैठना है। युवाओं की टोली में अलग ही स्वैग दिखा। उन्होंने तो इसे पिकनिक बना दिया। कुछ ग्रुप परतापुर से मोदीपुरम सिर्फ इसलिए गए ताकि वहां की मशहूर चाय पी सकें तो कुछ शौकीनों ने तो चाय के लिए सीधे दिल्ली का रुख किया ताकि मेट्रो और नमो भारत का भी अनुभव ले सकें।
जाम से आजादी, सपनों को उड़ान
परतापुर, शताब्दीनगर और मोदीपुरम जैसे स्टेशनों पर सुबह से ही उत्सव जैसा माहौल रहा। लोगों का कहना है कि अब दिल्ली दूर नहीं रही। जो सफर घंटों की थकान लेकर आता था, अब वह चंद मिनटों के सुकून में बदल गया है। बुजुर्गों से लेकर बच्चों तक, हर कोई इस आधुनिक ट्रेन की सुविधाओं और उसकी रफ्तार का कायल नजर आया।
परतापुर, शताब्दीनगर और मोदीपुरम जैसे स्टेशनों पर सुबह से ही उत्सव जैसा माहौल रहा। लोगों का कहना है कि अब दिल्ली दूर नहीं रही। जो सफर घंटों की थकान लेकर आता था, अब वह चंद मिनटों के सुकून में बदल गया है। बुजुर्गों से लेकर बच्चों तक, हर कोई इस आधुनिक ट्रेन की सुविधाओं और उसकी रफ्तार का कायल नजर आया।
जिसका मुझे था इंतजार.. गानों पर रील्स की धूम
मेरठ की नमो भारत और मेट्रो सिर्फ पटरियों पर ही नहीं, बल्कि सोशल मीडिया पर भी रफ्तार पकड़ रही है। शहर के युवाओं ने इस ऐतिहासिक मौके को यादगार बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ी। प्लेटफॉर्म्स पर कदम रखते ही सैकड़ों युवाओं के मोबाइल कैमरे ऑन हो गए और नमो भारत और मेट्रो के साथ रील्स बनाने का सिलसिला शुरू हो गया।
फेमस बॉलीवुड ट्रैक जिसका मुझे था इंतजार, जिसके लिए दिल था बेकरार... और आए हो मेरी जिंदगी में तुम बहार बनके... जैसे गानों पर बनी रील्स खास तौर पर वायरल हो रही हैं। युवा मेट्रो के अंदर, बाहर, प्लेटफॉर्म पर और यहां तक कि चलते हुए मेट्रो के साथ भी क्रिएटिव वीडियो बनाते दिखे। कई रील्स में तो युवाओं ने अपनी कई साल की प्रतीक्षा और जाम से मुक्ति मिलने की खुशी को भी बखूबी दर्शाया।
मेरठ की नमो भारत और मेट्रो सिर्फ पटरियों पर ही नहीं, बल्कि सोशल मीडिया पर भी रफ्तार पकड़ रही है। शहर के युवाओं ने इस ऐतिहासिक मौके को यादगार बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ी। प्लेटफॉर्म्स पर कदम रखते ही सैकड़ों युवाओं के मोबाइल कैमरे ऑन हो गए और नमो भारत और मेट्रो के साथ रील्स बनाने का सिलसिला शुरू हो गया।
फेमस बॉलीवुड ट्रैक जिसका मुझे था इंतजार, जिसके लिए दिल था बेकरार... और आए हो मेरी जिंदगी में तुम बहार बनके... जैसे गानों पर बनी रील्स खास तौर पर वायरल हो रही हैं। युवा मेट्रो के अंदर, बाहर, प्लेटफॉर्म पर और यहां तक कि चलते हुए मेट्रो के साथ भी क्रिएटिव वीडियो बनाते दिखे। कई रील्स में तो युवाओं ने अपनी कई साल की प्रतीक्षा और जाम से मुक्ति मिलने की खुशी को भी बखूबी दर्शाया।
एनसीआरटीसी के अधिकारी उत्साहित
एनसीआरटीसी के आंकड़ों के अनुसार 22 फरवरी से पहले मेरठ साउथ से न्यू अशोक नगर तक 55 किलोमीटर के रैपिड कॉरिडोर पर नमो भारत ट्रेन में प्रतिदिन 50 से 60 हजार लोग यात्रा करते थे। रविवार शाम छह बजे से मोदीपुरम से दिल्ली सरायकाले खां तक पूरे 82 किलोमीटर लंबे कॉरिडोर पर नमो भारत ट्रेन का संचालन शुरू हो गया है। साथ ही मेरठ साउथ से मोदीपुरम तक 21 किलोमीटर के कॉरिडोर पर मेरठ मेट्रो भी दौड़ने लगी हैं। पहले दिन सुबह छह से रात दस बजे तक करीब एक लाख यात्री इन दोनों ट्रेनों में यात्रा कर चुके थे। इससे एनसीआरटीसी के अधिकारी बेहद उत्साहित हैं।
एनसीआरटीसी के आंकड़ों के अनुसार 22 फरवरी से पहले मेरठ साउथ से न्यू अशोक नगर तक 55 किलोमीटर के रैपिड कॉरिडोर पर नमो भारत ट्रेन में प्रतिदिन 50 से 60 हजार लोग यात्रा करते थे। रविवार शाम छह बजे से मोदीपुरम से दिल्ली सरायकाले खां तक पूरे 82 किलोमीटर लंबे कॉरिडोर पर नमो भारत ट्रेन का संचालन शुरू हो गया है। साथ ही मेरठ साउथ से मोदीपुरम तक 21 किलोमीटर के कॉरिडोर पर मेरठ मेट्रो भी दौड़ने लगी हैं। पहले दिन सुबह छह से रात दस बजे तक करीब एक लाख यात्री इन दोनों ट्रेनों में यात्रा कर चुके थे। इससे एनसीआरटीसी के अधिकारी बेहद उत्साहित हैं।
मेरठ मेट्रो बना सेल्फी प्वाइंट
मेरठ की जनता के लिए मेट्रो और नमो भारत ट्रेन अब एक सेल्फी प्वाइंट बन गई हैं। स्टेशनों से लेकर ट्रेनों के पास खड़े होकर लोग उत्साह से सेल्फी ले रहे हैं। सोमवार को दिनभर मेट्रो और नमो भारत ट्रेन के साथ लोगों की सेल्फी व तस्वीरें सोशल मीडिया पर छाई रहीं। बच्चे, बूढ़े और जवान सभी ट्रेन के साथ एक फोटो लेने के लिए उत्सुक दिखाई दिए।
मेरठ की जनता के लिए मेट्रो और नमो भारत ट्रेन अब एक सेल्फी प्वाइंट बन गई हैं। स्टेशनों से लेकर ट्रेनों के पास खड़े होकर लोग उत्साह से सेल्फी ले रहे हैं। सोमवार को दिनभर मेट्रो और नमो भारत ट्रेन के साथ लोगों की सेल्फी व तस्वीरें सोशल मीडिया पर छाई रहीं। बच्चे, बूढ़े और जवान सभी ट्रेन के साथ एक फोटो लेने के लिए उत्सुक दिखाई दिए।
मेरठ मेट्रो के स्टेशन
मेरठ के मोदीपुरम से मेरठ साउथ तक 21 किलोमीटर के कॉरिडोर पर 12 स्टेशनों से मेट्रो ट्रेन की सुविधा मिल रही है। हर दस मिनट में एक ट्रेन उपलब्ध है जो 120 किलोमीटर प्रति घंटा की गति से चलती है। मेरठ मेट्रो में तीन डिब्बे हैं, जिनमें 700 से अधिक यात्री एक साथ यात्रा कर सकते हैं। महिलाओं की सुरक्षा को मेट्रो में प्राथमिकता दी गई है। मेरठ में मोदीपुरम, मेरठ उत्तर, डोरली, एमईएस कॉलोनी, बेगमपुल, भैंसाली, मेरठ सेंट्रल, ब्रह्मपुरी, शताब्दीनगर, रिठानी, परतापुर और मेरठ साउथ पर मेट्रो की सुविधा है।
मेरठ के मोदीपुरम से मेरठ साउथ तक 21 किलोमीटर के कॉरिडोर पर 12 स्टेशनों से मेट्रो ट्रेन की सुविधा मिल रही है। हर दस मिनट में एक ट्रेन उपलब्ध है जो 120 किलोमीटर प्रति घंटा की गति से चलती है। मेरठ मेट्रो में तीन डिब्बे हैं, जिनमें 700 से अधिक यात्री एक साथ यात्रा कर सकते हैं। महिलाओं की सुरक्षा को मेट्रो में प्राथमिकता दी गई है। मेरठ में मोदीपुरम, मेरठ उत्तर, डोरली, एमईएस कॉलोनी, बेगमपुल, भैंसाली, मेरठ सेंट्रल, ब्रह्मपुरी, शताब्दीनगर, रिठानी, परतापुर और मेरठ साउथ पर मेट्रो की सुविधा है।
नमो भारत के स्टेशन
मेरठ शहर में इसी ट्रैक पर मोदीपुरम, बेगमपुल, शताब्दीनगर और मेरठ साउथ से यात्रियों को नमो भारत ट्रेन मिल रही है। मेरठ में देश का पहला ऐसा रैपिड कॉरिडोर है, जिस पर एक ही कॉरिडोर पर नमो भारत और मेट्रो दोनों ट्रेनें चल रही हैं। इनके अलावा, गाजियाबाद जनपद के मोदीनगर नॉर्थ, मोदीनगर साउथ, मुरादनगर, दुहाई, गुलधर, गाजियाबाद और साहिबाबाद से भी नमो भारत ट्रेन उपलब्ध है। वहीं दिल्ली आनंद विहार, न्यू अशोक नगर से दिल्ली सरायकाले खां तक दौड़ती है।
मेरठ शहर में इसी ट्रैक पर मोदीपुरम, बेगमपुल, शताब्दीनगर और मेरठ साउथ से यात्रियों को नमो भारत ट्रेन मिल रही है। मेरठ में देश का पहला ऐसा रैपिड कॉरिडोर है, जिस पर एक ही कॉरिडोर पर नमो भारत और मेट्रो दोनों ट्रेनें चल रही हैं। इनके अलावा, गाजियाबाद जनपद के मोदीनगर नॉर्थ, मोदीनगर साउथ, मुरादनगर, दुहाई, गुलधर, गाजियाबाद और साहिबाबाद से भी नमो भारत ट्रेन उपलब्ध है। वहीं दिल्ली आनंद विहार, न्यू अशोक नगर से दिल्ली सरायकाले खां तक दौड़ती है।
जनता की जुबानी
नमो भारत में पहली बार यात्रा करके अच्छा लग रहा है। स्टेशन की स्वच्छता और आधुनिकता ने हमें प्रभावित किया। सुरक्षा भी अच्छी है।
-गीता कटारिया, माधवपुरम
नमो भारत में आज का सफर तेज, सुरक्षित और यादगार रहा। देश की यह पहली नमो भारत ऊंचाईयां छू रही है। जनता के लिए बड़ा तोहफा है।
- सुभांगी, सदर बाजार
मेरठ मेट्रो में यात्रा करके बेहद अच्छा लगा है। यात्रा के दौरान पूरे शहर को देखने का अवसर भी मिला। सरकार के तोहफे को प्रणाम।
- तनीषा राजपूत, सुभाष बाजार
देश के विकास के पन्नों में मेरठ का नाम भी शामिल हुआ है। मेट्रो और नमो भारत में यात्रा करके सुखद अहसास हो रहा है। इस तरह की सुविधाओं से देश तरक्की करेगा।
- अभिमन्यु, ईव्ज चौराहा
नमो भारत में पहली बार यात्रा करके अच्छा लग रहा है। स्टेशन की स्वच्छता और आधुनिकता ने हमें प्रभावित किया। सुरक्षा भी अच्छी है।
-गीता कटारिया, माधवपुरम
नमो भारत में आज का सफर तेज, सुरक्षित और यादगार रहा। देश की यह पहली नमो भारत ऊंचाईयां छू रही है। जनता के लिए बड़ा तोहफा है।
- सुभांगी, सदर बाजार
मेरठ मेट्रो में यात्रा करके बेहद अच्छा लगा है। यात्रा के दौरान पूरे शहर को देखने का अवसर भी मिला। सरकार के तोहफे को प्रणाम।
- तनीषा राजपूत, सुभाष बाजार
देश के विकास के पन्नों में मेरठ का नाम भी शामिल हुआ है। मेट्रो और नमो भारत में यात्रा करके सुखद अहसास हो रहा है। इस तरह की सुविधाओं से देश तरक्की करेगा।
- अभिमन्यु, ईव्ज चौराहा
