{"_id":"699d4220d29559b31b0357e3","slug":"six-died-in-fire-four-funerals-took-place-simultaneously-twin-girls-were-buried-in-the-night-itself-2026-02-24","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"आग से छह की मौत: एकसाथ उठे चार जनाजे, रात में ही दफना दी थीं जुड़वां बच्चियां, गूंजती रही चीत्कार; छलके आंसू","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
आग से छह की मौत: एकसाथ उठे चार जनाजे, रात में ही दफना दी थीं जुड़वां बच्चियां, गूंजती रही चीत्कार; छलके आंसू
अमर उजाला नेटवर्क, मेरठ
Published by: मोहम्मद मुस्तकीम
Updated Tue, 24 Feb 2026 11:46 AM IST
विज्ञापन
सार
Meerut News: लिसाड़ी गेट थाना क्षेत्र के किदवई नगर इस्लामाबाद में सोमवार देर रात कपड़ा कारोबारी इकबाल के मकान में आग लग गई। एक ही परिवार के छह लोगों की जलकर और धुएं से दम घुटने पर मौत हो गई।
मंगलवार सुबह किदवई नगर से निकलते जनाजे।
- फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन
विस्तार
Six died in fire: कपड़ा कारोबारी इकबाल के मकान में आग लगने की घटना के बाद दो जुड़वां बच्चियों के शव रात को ही दफना दिए गए। रुखसार और तीन बच्चों के शवों को मंगलवार को दफनाया गया। रमजान के महीने में एक साथ एक ही परिवार के चार शव उठाए गए। जनाजे में बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। चार शव एक साथ देखकर लोगों की आंखें नम हो गईं और महिलाओं के आंसू छलक गए।
Trending Videos
रुखसार और दोनों बेटियों की फाइल फोटो।
- फोटो : अमर उजाला
लोगों ने बताया कि हादसे के वक्त इकबाल अहमद और उनके दोनों बेटे आसिम व फारूक तरावीह की नमाज पढ़ने के लिए मस्जिद गए हुए थे। इसके अलावा मोहल्ले के भी अधिकांश पुरुष नमाज पढ़ने गए थे। इकबाल के घर पर घर पर इकबाल की पत्नी अमीर बानो, बेटा आसिम, उसकी पत्नी रुखसार, उनका 3 वर्षीय बेटा अकदस, 6 माह की जुड़वां बेटियां नबिया व इनायत और फारूक की बेटी महविश व बेटा हम्माद मौजूद थे। रात करीब 8:15 बजे अचानक घर में आग लग गई। देखते ही देखते लपटें विकराल हो गईं और पूरी इमारत धुएं के गुबार से भर गई।
विज्ञापन
विज्ञापन
महविश, हम्माद और अकसद की फाइल फोटो।
- फोटो : अमर उजाला
पड़ोसियों के साहस से बची परिवार के अन्य सदस्यों की जान
हादसे के दौरान फारूक और उनके भाई डॉ. अरशद की पत्नी नजमा व उनके बच्चे भी मकान में फंस गए थे। बच्चों के चीखने चिल्लाने की आवाज सुनकर पड़ोसी एकत्रित हुए। उन्होंने नाजिश, नजमा और उनके बच्चे शहरीश आदि को सामने रहने वाले पड़ोसी की छत के रास्ते जाकर बचा लिया।
हादसे के दौरान फारूक और उनके भाई डॉ. अरशद की पत्नी नजमा व उनके बच्चे भी मकान में फंस गए थे। बच्चों के चीखने चिल्लाने की आवाज सुनकर पड़ोसी एकत्रित हुए। उन्होंने नाजिश, नजमा और उनके बच्चे शहरीश आदि को सामने रहने वाले पड़ोसी की छत के रास्ते जाकर बचा लिया।
कमरे में फंसी रुखसार और बच्चों को दमकलकर्मियों ने लोगों की मदद से निकाला। पड़ोसियों का कहना है कि मकान में फंसी फारूक और डॉक्टर अरशद की पत्नी व उनके दो बच्चे दूसरी मंजिल की छत पर आकर चिल्ला रहे थे। इसलिए पड़ोस के लोगों ने सबसे पहले उन्हें सामने वाले मकान की छत पर उतारा।
रुखसार और अन्य बच्चे कमरे में थे। आग और धुएं के कारण पड़ोसी वहां तक नहीं पहुंच सके। दमकल कर्मियों ने पहले पड़ोसियों के एक कमरे की दीवार तोड़ी और फिर दरवाजे के रास्ते अंदर दाखिल हुए। इसके बाद लोगों की मदद से दमकल कर्मियों ने रुखसार और पांचों बच्चों को निकाला। गली संकरी और भीड़ जमा हो जाने के कारण लोग पैदल ही बच्चों को लेकर पास स्थित राजधानी अस्पताल लेकर पहुंचे। यह अस्पताल इकबाल के बेटे डॉ. अरशद के रिश्तेदार का बताया जा रहा है और उनकी इसमें हिस्सेदारी भी बताई गई है।
ये भी देखें...
UP: 'बचने के लिए चीखते रहे बच्चे', आग देख महिला ने 5 बच्चों समेत खुद को कर लिया था कमरे में बंद, फिर भी न बचे
ये भी देखें...
UP: 'बचने के लिए चीखते रहे बच्चे', आग देख महिला ने 5 बच्चों समेत खुद को कर लिया था कमरे में बंद, फिर भी न बचे
ये है मृतक
रुखसार (30 वर्ष) पत्नी आसिम
अकदस (3 वर्ष) पुत्र आसिम
नबिया (6 माह) पुत्री आसिम (जुड़वां)
इनायत (6 माह) पुत्री आसिम (जुड़वां)
महविश (12 वर्ष) पुत्री फारूक
हम्माद (4 वर्ष) पुत्र फारूक
रुखसार (30 वर्ष) पत्नी आसिम
अकदस (3 वर्ष) पुत्र आसिम
नबिया (6 माह) पुत्री आसिम (जुड़वां)
इनायत (6 माह) पुत्री आसिम (जुड़वां)
महविश (12 वर्ष) पुत्री फारूक
हम्माद (4 वर्ष) पुत्र फारूक
