{"_id":"69d65b82ee1f2195f6016262","slug":"meerut-weather-today-weather-cold-due-to-rain-and-hailstorm-huge-damage-to-many-crops-2026-04-08","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"Meerut Weather Today: बारिश व ओलावृष्टि से गिरा पारा, कई फसलों को नुकसान, ऐसा रहेगा बृहस्पतिवार का मौसम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Meerut Weather Today: बारिश व ओलावृष्टि से गिरा पारा, कई फसलों को नुकसान, ऐसा रहेगा बृहस्पतिवार का मौसम
अमर उजाला नेटवर्क, मेरठ
Published by: Mohd Mustakim
Updated Wed, 08 Apr 2026 07:13 PM IST
विज्ञापन
सार
बारिश और ओले पड़ने से मक्का, सरसों, गेहूं और ईख की फसल को नुकसान पहुंचने की आशंका है। ओलों से फसलें बिछ गई हैं। किसानों ने सर्वे कराकर मुआवजा देने की मांग की है। बृहस्पतिवर को भी ऐसा ही मौसम बना रहने का अनुमान है।
मेरठ में बारिश और ओलावृष्टि।
- फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन
विस्तार
पश्चिमी उत्तर प्रदेश में बुधवार को अचानक बदले मौसम ने किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया। तेज बारिश के साथ हुई ओलावृष्टि ने मक्का, सरसों, गेहूं और ईख (गन्ना) जैसी रबी की फसलों को भारी नुकसान पहुंचाया है। खेतों में खड़ी फसलें ओलों की मार से बिछ गईं, जिससे किसानों के चेहरे पर चिंता की लकीरें साफ दिखाई दे रही हैं।
Trending Videos
बुधवार सुबह से ही मौसम का मिजाज बदला हुआ था। आसमान में बादल छाए रहे और रुक-रुक कर रिमझिम बारिश होती रही। दोपहर के समय अचानक मौसम ने करवट ली और तेज बारिश के साथ ओलों की बौछार शुरू हो गई। करीब 15 मिनट तक भावनपुर क्षेत्र में हुई ओलावृष्टि ने खेतों को सफेद चादर से ढक दिया।
विज्ञापन
विज्ञापन
किसानों की चिंता और आर्थिक संकट
इस अचानक आए मौसमी बदलाव से जहां एक ओर किसानों को भारी आर्थिक नुकसान हुआ है, वहीं दूसरी ओर आम लोगों को गर्मी से राहत मिली है। तापमान में गिरावट दर्ज की गई है और ठंडी हवाओं के चलने से मौसम सुहावना हो गया है। लोगों ने कई दिनों बाद ठंडक का एहसास किया है। बारिश के कारण वायु प्रदूषण में भी कमी आई है और वातावरण साफ हुआ है। हालांकि, किसानों के लिए यह मौसम बड़ी परेशानी का सबब बन गया है। किसानों का कहना है कि यदि जल्द ही प्रशासन द्वारा सर्वे कर उचित मुआवजा नहीं दिया गया तो उन्हें गंभीर आर्थिक संकट का सामना करना पड़ेगा।
इस अचानक आए मौसमी बदलाव से जहां एक ओर किसानों को भारी आर्थिक नुकसान हुआ है, वहीं दूसरी ओर आम लोगों को गर्मी से राहत मिली है। तापमान में गिरावट दर्ज की गई है और ठंडी हवाओं के चलने से मौसम सुहावना हो गया है। लोगों ने कई दिनों बाद ठंडक का एहसास किया है। बारिश के कारण वायु प्रदूषण में भी कमी आई है और वातावरण साफ हुआ है। हालांकि, किसानों के लिए यह मौसम बड़ी परेशानी का सबब बन गया है। किसानों का कहना है कि यदि जल्द ही प्रशासन द्वारा सर्वे कर उचित मुआवजा नहीं दिया गया तो उन्हें गंभीर आर्थिक संकट का सामना करना पड़ेगा।
मौसम वैज्ञानिकों की भविष्यवाणी और तापमान
कृषि प्रणाली के मौसम वैज्ञानिक डॉ. एम शमीम के अनुसार, बृहस्पतिवार को भी मौसम ऐसा ही बना रहेगा और गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद है। चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय की मौसम वेधशाला पर दिन का अधिकतम तापमान 26.7 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 16.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। बारिश 7.8 मिमी दर्ज की गई। एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 75 दर्ज किया गया, जो सामान्य श्रेणी में है।
कृषि प्रणाली के मौसम वैज्ञानिक डॉ. एम शमीम के अनुसार, बृहस्पतिवार को भी मौसम ऐसा ही बना रहेगा और गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद है। चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय की मौसम वेधशाला पर दिन का अधिकतम तापमान 26.7 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 16.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। बारिश 7.8 मिमी दर्ज की गई। एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 75 दर्ज किया गया, जो सामान्य श्रेणी में है।