मेरठ में खड़ौली से लेकर जिटौली तक एनएच-58 के आसपास बनीं कॉलोनियों और गांवों के संपर्क मार्ग सीधे हाईवे पर जुड़ रहे हैं। इसके बाद भी यहां न तो सर्विस रोड बनाई गई है और न ही फुटपाथ। जहां सर्विस रोड है, वहां अतिक्रमण हो गया है।
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एनएच-58 : सर्विस रोड बनाई न फुट ओवर ब्रिज, जान जोखिम में डाल सड़क पार कर रहे लोग
Fri, 27 Sep 2019 02:24 AM IST
मेरठ ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
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Published by: मेरठ ब्यूरो
Updated Fri, 27 Sep 2019 02:24 AM IST
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कई जगहों पर हैं अवैध कट
नेशनल हाईवे पर सड़क पार करने के लिए कई जगह लोग अवैध कट का सहारा ले रहे हैं। खड़ौली, डाबका, दयामपुर गांव के सामने अवैध कट हैं। आरके सिटी कॉलोनी व कैलाशी हॉस्पिटल के सामने भी लोग जान जोखिम में डालकर सड़क पार कर रहे हैं।
खिर्वा चौपला व जिटौली कट पर भी यही हाल है। फिलहाल खिर्वा चौपला का कट तो पुलिस ने बंद करा दिया है, लेकिन मजबूरी में लोग डिवाइडर पर चढ़कर सड़क पार करते हैं। लोगों का कहना है कि यदि एफओबी बन जाए तो लोगों को खतरा नहीं उठाना पड़ेगा।
नेशनल हाईवे पर सड़क पार करने के लिए कई जगह लोग अवैध कट का सहारा ले रहे हैं। खड़ौली, डाबका, दयामपुर गांव के सामने अवैध कट हैं। आरके सिटी कॉलोनी व कैलाशी हॉस्पिटल के सामने भी लोग जान जोखिम में डालकर सड़क पार कर रहे हैं।
खिर्वा चौपला व जिटौली कट पर भी यही हाल है। फिलहाल खिर्वा चौपला का कट तो पुलिस ने बंद करा दिया है, लेकिन मजबूरी में लोग डिवाइडर पर चढ़कर सड़क पार करते हैं। लोगों का कहना है कि यदि एफओबी बन जाए तो लोगों को खतरा नहीं उठाना पड़ेगा।
हाईवे पर पर भीषण जाम
- फोटो : अमर उजाला
आए दिन हो रहे हादसे
अवैध कटों पर अब तक दर्जनों हादसे हो चुके हैं। इनमें कई की मौत हो चुकी है। चार दिन पूर्व डाबका गांव के सामने एक बाइक सवार को अज्ञात वाहन ने टक्कर मार दी थी। खड़ौली में 10 दिन पूर्व दो बाइकों की भिड़ंत में एक युवक की मौत हो गई थी, एक गंभीर रूप से घायल हुआ था। एक माह पूर्व दो बाइक सवार युवकों को ट्रक ने टक्कर मार दी थी। दोनों की मौत हो गई थी।
कट का ही सहारा
गांव के लोगों को सड़क पार जाने के लिए कट का ही सहारा है। न तो यहां सर्विस रोड है और न ही फुट ओवर ब्रिज। ऐसे में आए दिन हादसे होते रहते हैं। - सुनील कुमार, दायमपुर
अवैध कटों पर अब तक दर्जनों हादसे हो चुके हैं। इनमें कई की मौत हो चुकी है। चार दिन पूर्व डाबका गांव के सामने एक बाइक सवार को अज्ञात वाहन ने टक्कर मार दी थी। खड़ौली में 10 दिन पूर्व दो बाइकों की भिड़ंत में एक युवक की मौत हो गई थी, एक गंभीर रूप से घायल हुआ था। एक माह पूर्व दो बाइक सवार युवकों को ट्रक ने टक्कर मार दी थी। दोनों की मौत हो गई थी।
कट का ही सहारा
गांव के लोगों को सड़क पार जाने के लिए कट का ही सहारा है। न तो यहां सर्विस रोड है और न ही फुट ओवर ब्रिज। ऐसे में आए दिन हादसे होते रहते हैं। - सुनील कुमार, दायमपुर
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बच्चों को रहता है खतरा
सबसे बड़ी समस्या तो साइकिल या पैदल स्कूल जाने वाले बच्चों की है। उन्हें हाईवे पर जाना पड़ता है। कट से आने जाने में हादसा होने का खतरा रहता है। - रमेश कुमार, दायमपुर
नहीं हो रही सुनवाई
काफी समय से सर्विस रोड और एफओबी की मांग कर रहे हैं। एनएनएआई व जिला प्रशासन ने भी शिकायत की, लेकिन आज तक सुनवाई नहीं हुई। -मुकेश कुमार, डाबका
एफओबी की है जरूरत
सर्विस रोड और एफओबी न होने से अक्सर हादसे होते रहते हैं। हाईवे पर तेज रफ्तार में वाहन दौड़ते हैं। यहां पर फुट ओवर ब्रिज बनना जरूरी है। - देवेन्द्र कुमार, डाबका
सबसे बड़ी समस्या तो साइकिल या पैदल स्कूल जाने वाले बच्चों की है। उन्हें हाईवे पर जाना पड़ता है। कट से आने जाने में हादसा होने का खतरा रहता है। - रमेश कुमार, दायमपुर
नहीं हो रही सुनवाई
काफी समय से सर्विस रोड और एफओबी की मांग कर रहे हैं। एनएनएआई व जिला प्रशासन ने भी शिकायत की, लेकिन आज तक सुनवाई नहीं हुई। -मुकेश कुमार, डाबका
एफओबी की है जरूरत
सर्विस रोड और एफओबी न होने से अक्सर हादसे होते रहते हैं। हाईवे पर तेज रफ्तार में वाहन दौड़ते हैं। यहां पर फुट ओवर ब्रिज बनना जरूरी है। - देवेन्द्र कुमार, डाबका
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गंभीर समस्या है
समस्या बड़ी और गंभीर है, लेकिन यहां सुनने वाला कोई नहीं है। न एनएनएआई वाले सुनते हैं और न ही जिला प्रशासन इस ओर ध्यान देता है। - भूप सिंह, डाबका
हादसे का रहता है डर
फुट ओवरब्रिज नहीं होने की वजह से यहां पर व्यापार करना भी मुश्किल है। लोगों को सड़क के पार जाने और वापस आने में डर लगा रहता है। -गुड्डू मलिक, खड़ौली
समस्या बड़ी और गंभीर है, लेकिन यहां सुनने वाला कोई नहीं है। न एनएनएआई वाले सुनते हैं और न ही जिला प्रशासन इस ओर ध्यान देता है। - भूप सिंह, डाबका
हादसे का रहता है डर
फुट ओवरब्रिज नहीं होने की वजह से यहां पर व्यापार करना भी मुश्किल है। लोगों को सड़क के पार जाने और वापस आने में डर लगा रहता है। -गुड्डू मलिक, खड़ौली