Meerut: सेंट्रल मार्केट में सुप्रीम कोर्ट आदेश के बाद हड़कंप, व्यापारियों ने हटाए टिन शेड और अवैध स्ट्रक्चर
मेरठ के सेंट्रल मार्केट में सुप्रीम कोर्ट के अवैध निर्माण हटाने के आदेश अपलोड होते ही व्यापारियों में हड़कंप मच गया। कई दुकानदारों ने टिन शेड और लोहे के स्ट्रक्चर खुद हटाने शुरू कर दिए।
विस्तार
सुप्रीम कोर्ट में सेंट्रल मार्केट में आवासीय भवनों में व्यावसायिक गतिविधियों के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट के आदेश सोमवार को अपलोड हो गए। इससे व्यापारियों में खलबली मच गई। सोमवार को साप्ताहिक बंदी के बावजूद शाम से ही कई दुकानों के बाहर से लोहे के स्ट्रक्चर व अतिक्रमण को खुद ही व्यापारियों ने हटाना शुरू कर दिया।
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मामले में पिछले मंगलवार को सर्वोच्च न्यायालय के न्याय कक्ष संख्या 6 में न्यायमूर्ति जेबी पारदीवाला एवं न्यायमूर्ति संदीप मेहता ने सुनवाई की थी। इसमें राज्य सरकार की ओर से राज्य सरकार का प्रतिनिधित्व हेतु भारत के अटॉर्नी जनरल आर वेंकटरमणि एवं वरिष्ठ अधिवक्ता मलखान सिंह तथा सॉलिसिटर जनरल गवर्मेंट ऑफ इंडिया तुषार मेहता सहित अन्य वरिष्ठ अधिवक्ताओं ने व्यापारियों के हित में बहस करते हुए परिषद का पक्ष रखा था। इस दौरान यह अनुरोध किया गया कि अन्य समस्त अवैध निर्माण के विनियमितिकरण हेतु प्राप्त प्रस्तावों के स्वीकृति का आदेश न्यायालय द्वारा दिया जाए।
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सोमवार को आदेश अपलोड होने के साथ ही व्यापारियों में खलबली मच गई। 661/6 के सामने कई दुकानदारों ने अपने टीन शेड और लोहे के स्ट्रक्चर रात में हटाने शुरू कर दिए। खुराना के अधिवक्ता तुषार जैन ने बताया कि अदालत ने निर्देश दिए कि छह सप्ताह के भीतर अन्य समस्त अवैध निर्माणों को ध्वस्त करके ध्वस्तीकरण की कंप्लायंस रिपोर्ट याचिकाकर्ता के वकील के माध्यम से कोर्ट को उपलब्ध कराने की कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
आवास आयुक्त ने बाजार स्ट्रीट के लिए मांगी आपत्ति
सेंट्रल मार्केट को बाजार स्ट्रीट के तौर पर विकसित करने की योजना पर आवास आयुक्त ने 15 दिन में आम जनता से आपत्ति और सुझाव मांगे हैं। विभाग की 274वीं बोर्ड बैठक में लिए गए निर्णय के अनुसार यह कदम उठाया गया है। भूखंडों का प्रस्तावित उपयोग इस योजना के तहत विभिन्न चौड़ाई वाली सड़कों पर स्थित भूखंडों का व्यावसायिक और मिश्रित भू-उपयोग किया जाना है।
इसमें 36 मीटर चौड़ी सड़क पर दो, 24 मीटर सड़क पर एक, 18 मीटर चौड़ी सड़क पर 50 और 12 मीटर चौड़ी सड़क पर 27 भूखंड शामिल हैं। आपत्ति और सुझाव भेजने की प्रक्रिया इच्छुक व्यक्ति 15 दिनों के भीतर अपनी आपत्ति व सुझाव वास्तुविद नियोजक, वास्तुकला तथा नियोजन अनुभाग, नीलगिरी कॉम्प्लेक्स, इंदिरा नगर, लखनऊ स्थित कार्यालय में लिखित रूप में या cap@upavp.com से भेज सकते हैं।
