कपसाड़ कांड: पारस की उम्र पर एससी-एसटी कोर्ट में आज सुनवाई, नाबालिग होने का दावा
मेरठ के कपसाड़ गांव में अनुसूचित जाति की महिला सुनीता की हत्या और बेटी रूबी के अपहरण मामले में जेल में बंद आरोपी पारस सोम की उम्र को लेकर आज एससी-एसटी कोर्ट में सुनवाई होगी। आरोपी पक्ष ने नाबालिग होने का दावा किया है।
विस्तार
मेरठ के कपसाड़ गांव में अनुसूचित जाति की महिला सुनीता की हत्या और उनकी बेटी रूबी के अपहरण मामले में जेल में बंद मुख्य आरोपी पारस सोम की उम्र को लेकर बृहस्पतिवार को एससी-एसटी कोर्ट में सुनवाई होगी। इस सुनवाई पर पीड़ित परिवार समेत आमजन की निगाहें टिकी हुई हैं।
नाबालिग बताकर केस ट्रांसफर की मांग
14 जनवरी को आरोपी पारस सोम की ओर से अधिवक्ता सुनील शर्मा, संजीव राणा उर्फ संजू राणा, विजय शर्मा और बलराम सोम ने एससी-एसटी कोर्ट में अर्जी दाखिल की थी। अर्जी में पारस सोम को नाबालिग बताते हुए मामले को किशोर न्याय बोर्ड में स्थानांतरित करने की मांग की गई है।
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कोर्ट में पेश किए गए दस्तावेज
अधिवक्ताओं की ओर से आधार कार्ड, जनता आदर्श इंटर कॉलेज कपसाड़ का परिचय पत्र और हाईस्कूल की अंकतालिका को साक्ष्य के रूप में कोर्ट में पेश किया गया है। इन दस्तावेजों के अनुसार पारस सोम की जन्मतिथि 11 मई 2008 बताई गई है। कोर्ट ने इसी आधार पर सुनवाई के लिए 22 जनवरी की तिथि तय की थी।
यह था पूरा मामला
कपसाड़ गांव में 8 जनवरी को अनुसूचित जाति की महिला सुनीता की हत्या कर दी गई थी, जबकि उनकी बेटी रूबी का अपहरण कर लिया गया था। पुलिस ने तीन दिन बाद मुख्य आरोपी पारस सोम को रुड़की से गिरफ्तार किया था। बाद में रूबी को भी बरामद कर लिया गया। पुलिस ने आरोपी को जेल भेज दिया है।
परिजनों का दावा, जांच जारी
आरोपी पारस सोम के परिजनों का दावा है कि वह नाबालिग है और उसके खिलाफ मामला किशोर न्याय बोर्ड में चलाया जाना चाहिए। वहीं पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और कोर्ट के आदेश का इंतजार किया जा रहा है।
