Meerut: सेंट्रल मार्केट में गरजा बुलडोजर, हिश्ट्रीशीटर का मकान ध्वस्त, कार्रवाई के विरोध में उतरीं महिलाएं
Meerut Central Market News Hindi: मेरठ के सेंट्रल मार्केट में सेटबैक कार्रवाई के तहत हिस्ट्रीशीटर अमित मिरिंडा के मकान पर बुलडोजर चला। अन्य मकानों पर कार्रवाई शुरू होते ही महिलाओं ने विरोध किया। मामला सुप्रीम कोर्ट के आदेश और 14 जुलाई की अगली सुनवाई से जुड़ा है।
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विस्तार
शास्त्रीनगर स्थित सेंट्रल मार्केट में शनिवार को आवास विकास परिषद की ओर से सेटबैक कार्रवाई शुरू कर दी गई। कार्रवाई की शुरुआत कुख्यात हिस्ट्रीशीटर अमित मिरिंडा के दो मंजिला मकान से हुई, जहां सुबह करीब 11 बजे बुलडोजर चलाकर अनाधिकृत निर्माण को ध्वस्त कर दिया गया। इसके बाद क्षेत्र में तनावपूर्ण माहौल बन गया और अन्य मकानों पर कार्रवाई शुरू होते ही महिलाओं ने विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया।
जानकारी के अनुसार अमित मिरिंडा नौचंदी थाने का हिस्ट्रीशीटर है और मेडिकल थाना क्षेत्र के सक्रिय डी-155 गिरोह का सरगना बताया जाता है। उसके खिलाफ उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, दिल्ली, हरियाणा, पंजाब और कर्नाटक समेत कई राज्यों में हत्या, रंगदारी, गिरोहबंद अपराध और अन्य गंभीर मामलों के 30 से अधिक मुकदमे दर्ज हैं।
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अन्य मकानों पर कार्रवाई शुरू होते ही महिलाओं का विरोध
हिस्ट्रीशीटर के मकान पर कार्रवाई के बाद जैसे ही टीम ने अन्य भवनों की ओर रुख किया, क्षेत्र की महिलाएं विरोध में उतर आईं। महिलाओं ने ध्वस्तीकरण का विरोध करते हुए अधिकारियों से तीखी नोकझोंक की और कार्रवाई रोकने की मांग की।
मौके पर मौजूद पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने लोगों को समझाने का प्रयास किया। विरोध के चलते कुछ समय के लिए माहौल तनावपूर्ण बना रहा, हालांकि पुलिस बल की मौजूदगी में स्थिति नियंत्रण में रही।
सुप्रीम कोर्ट के आदेश से जुड़ा है मामला
जानकारी के अनुसार सेंट्रल मार्केट के आवासीय भवनों में संचालित व्यावसायिक गतिविधियों को लेकर मामला न्यायालय में विचाराधीन है। इसी प्रकरण में सुप्रीम कोर्ट ने 8 अप्रैल को आवासीय परिसरों में संचालित व्यावसायिक गतिविधियों के खिलाफ ध्वस्तीकरण संबंधी आदेश दिए थे। इसके बाद से आवास विकास परिषद और प्रशासन न्यायालय के निर्देशों के अनुपालन की प्रक्रिया में जुटे हुए हैं।
14 जुलाई को होनी है अगली सुनवाई
मामले में अगली सुनवाई 14 जुलाई को प्रस्तावित है। हालांकि प्रशासन की ओर से किसी बड़े स्तर के ध्वस्तीकरण अभियान की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है, लेकिन परिषद कार्यालय के बाहर बढ़ी गतिविधियों और कार्रवाई की शुरुआत ने प्रभावित लोगों की चिंता बढ़ा दी है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि कई मकान करीब चार दशक पुराने हैं और किसी भी व्यापक कार्रवाई से परिवारों के सामने बड़ा संकट खड़ा हो सकता है। वहीं अधिकारी न्यायालय के आदेशों के अनुरूप आगे की प्रक्रिया पर काम कर रहे हैं।
महिलाओं का कहना- मकान टूटे तो होगा बड़ा नुकसान
विरोध कर रही महिलाओं का कहना है कि कई मकान पुराने और कमजोर ढांचे वाले हैं। उनका दावा है कि सेटबैक छोड़ने की स्थिति में कई मकानों को गंभीर नुकसान पहुंच सकता है। उन्होंने प्रशासन से मानवीय आधार पर समाधान निकालने और प्रभावित परिवारों की समस्याओं पर विचार करने की मांग की है।