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Meerut News: उदयभानु की काउसलिंग अवधि बढ़ी, नहीं बता पा रहा बेटी की मौत की तिथि
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बेटी की मौत के बाद कई दिन तक शव के साथ रहने का मामला
15 दिन की काउंसलिंग के बाद चिकित्सक पुलिस को देंगे रिपोर्ट
माई सिटी रिपोर्टर
मेरठ। तेली मोहल्ला प्रियंका विश्वास (33) के शव के साथ रहने वाले पिता उदयभानु विश्वास (76) की मेडिकल कॉलेज में काउंसलिंग की अवधि बढ़ाकर 15 दिन कर दी गई है। अब तक की काउंसलिंग में उदयभानु में चिकित्सकों में कोई असामान्य गतिविधि नहीं दिखी है लेकिन वह अब तक बेटी की मौत की तिथि नहीं बता पाया है।
सदर बाजार थाना क्षेत्र के तेली मोहल्ला निवासी माध्यमिक शिक्षा परिषद से सेवानिवृत्त लिपिक उदयभानु विश्वास के घर से 10 अप्रैल की रात उनकी बेटी का कंकाल में तब्दील शव बरामद किया गया था। उदयभानु ने बताया था कि उनकी बेटी प्रियंका पीलिया (जॉन्डिस) से पीड़ित थी। उसने बेटी को झाड़-फूंक करने वाले शकील को कई बार दिखाया था। पुलिस की जांच में पता चला है कि 26 नवंबर के आसपास प्रियंका की मौत हुई थी। शव पर परफ्यूम छिड़ककर पांच दिन उदयभानु शव के साथ रहे और फिर हरिद्वार चले गए।
उदयभानु के मोबाइल से मिले चिकित्सकों के पर्चे के आधार पर पुलिस उदयभानु को मानसिक बीमार होने की आशंका जता रही थी। इसके चलते उसके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज नहीं की गई। उदयभानु को 17 अप्रैल को 10 दिन के लिए मनोरोग विभाग में भर्ती कराया गया था। इसके बाद से उनकी मेडिकल कॉलेज में काउंसलिंग चल रही है। चिकित्सकों की टीम उनकी हर गतिविधि की निगरानी कर रही है। इसके अलावा उनसे सवाल जवाब भी किए जा रहे हैं। अब तक की चिकित्सकों की टीम को उनकी गतिविधियां सामान्य लग रही हैं। वह अधिकांश सवालों के जवाब भी सही दे रहे हैं। शव प्रियंका का ही था। इसकी पुष्टि के लिए पुलिस ने प्रियंका के जबड़े से दांत और उदयभानु के रक्त का नमूना डीएनए टेस्ट के लिए फोरेंसिक लैब भेजा है। इसकी रिपोर्ट अभी नहीं आई है।
सीओ कैंट एएसपी नवीना शुक्ला का कहना है कि मनोरोग विभाग की 15 दिन की काउंसलिंग पूरी होने के बाद आएगी। रिपोर्ट आने के बाद ही तय होगा कि इस मामले में प्राथमिकी दर्ज की जाएगी या नहीं।
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उदयभानु का मानसिक परीक्षण करने के बाद व्यवहार और रहन-सहन की निगरानी की जा रही है। वह सभी सवालों के सटीक जवाब दे रहे हैं लेकिन बेटी की मौत कभी नवंबर तो कभी दिसंबर में बता रहे हैं। संभव है कि बेटी की मौत और अंतिम संस्कार न कर पाने के कारण वह डर गए हैं। पूरी स्थिति का पता लगाने के लिए काउंसलिंग की अवधि बढ़ाई गई है।
डॉ. तरुण पाल, प्रभारी मनोरोग विभाग, एलएलआरएम मेडिकल कॉलेज
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15 दिन की काउंसलिंग के बाद चिकित्सक पुलिस को देंगे रिपोर्ट
माई सिटी रिपोर्टर
मेरठ। तेली मोहल्ला प्रियंका विश्वास (33) के शव के साथ रहने वाले पिता उदयभानु विश्वास (76) की मेडिकल कॉलेज में काउंसलिंग की अवधि बढ़ाकर 15 दिन कर दी गई है। अब तक की काउंसलिंग में उदयभानु में चिकित्सकों में कोई असामान्य गतिविधि नहीं दिखी है लेकिन वह अब तक बेटी की मौत की तिथि नहीं बता पाया है।
सदर बाजार थाना क्षेत्र के तेली मोहल्ला निवासी माध्यमिक शिक्षा परिषद से सेवानिवृत्त लिपिक उदयभानु विश्वास के घर से 10 अप्रैल की रात उनकी बेटी का कंकाल में तब्दील शव बरामद किया गया था। उदयभानु ने बताया था कि उनकी बेटी प्रियंका पीलिया (जॉन्डिस) से पीड़ित थी। उसने बेटी को झाड़-फूंक करने वाले शकील को कई बार दिखाया था। पुलिस की जांच में पता चला है कि 26 नवंबर के आसपास प्रियंका की मौत हुई थी। शव पर परफ्यूम छिड़ककर पांच दिन उदयभानु शव के साथ रहे और फिर हरिद्वार चले गए।
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उदयभानु के मोबाइल से मिले चिकित्सकों के पर्चे के आधार पर पुलिस उदयभानु को मानसिक बीमार होने की आशंका जता रही थी। इसके चलते उसके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज नहीं की गई। उदयभानु को 17 अप्रैल को 10 दिन के लिए मनोरोग विभाग में भर्ती कराया गया था। इसके बाद से उनकी मेडिकल कॉलेज में काउंसलिंग चल रही है। चिकित्सकों की टीम उनकी हर गतिविधि की निगरानी कर रही है। इसके अलावा उनसे सवाल जवाब भी किए जा रहे हैं। अब तक की चिकित्सकों की टीम को उनकी गतिविधियां सामान्य लग रही हैं। वह अधिकांश सवालों के जवाब भी सही दे रहे हैं। शव प्रियंका का ही था। इसकी पुष्टि के लिए पुलिस ने प्रियंका के जबड़े से दांत और उदयभानु के रक्त का नमूना डीएनए टेस्ट के लिए फोरेंसिक लैब भेजा है। इसकी रिपोर्ट अभी नहीं आई है।
सीओ कैंट एएसपी नवीना शुक्ला का कहना है कि मनोरोग विभाग की 15 दिन की काउंसलिंग पूरी होने के बाद आएगी। रिपोर्ट आने के बाद ही तय होगा कि इस मामले में प्राथमिकी दर्ज की जाएगी या नहीं।
उदयभानु का मानसिक परीक्षण करने के बाद व्यवहार और रहन-सहन की निगरानी की जा रही है। वह सभी सवालों के सटीक जवाब दे रहे हैं लेकिन बेटी की मौत कभी नवंबर तो कभी दिसंबर में बता रहे हैं। संभव है कि बेटी की मौत और अंतिम संस्कार न कर पाने के कारण वह डर गए हैं। पूरी स्थिति का पता लगाने के लिए काउंसलिंग की अवधि बढ़ाई गई है।
डॉ. तरुण पाल, प्रभारी मनोरोग विभाग, एलएलआरएम मेडिकल कॉलेज
