सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Meerut News ›   UP: Lukewarm water can reduce the risk of heart attack, how to strengthen the heart

UP: गुनगुना पानी कम कर सकता है हार्ट अटैक का खतरा, कैसे करें दिल को मजबूत, जानें विशेषज्ञों ने क्या बताया

अमर उजाला नेटवर्क, मेरठ Published by: मोहम्मद मुस्तकीम Updated Wed, 07 Jan 2026 08:44 PM IST
विज्ञापन
सार

Meerut News: सर्दी और बढ़ते प्रदूषण के स्तर के कारण हार्ट अटैक का खतरा बढ़ जाता है। इस समय जो मौसम चल रहा है, वह दिल के रोगियों के साथ ही स्वस्थ लोगों के लिए भी ठीक नहीं है। ऐसे में प्यास न लगने पर भी समय-समय पर गुनगुना पानी पीना चाहिए।

UP: Lukewarm water can reduce the risk of heart attack, how to strengthen the heart
सांकेतिक तस्वीर। - फोटो : amar ujala
विज्ञापन

विस्तार
Follow Us

बढ़ते प्रदूषण के कारण जहरीली हवा सांसों के रास्ते अंदर जाकर हृदय रोग और ब्रेन स्ट्रोक का जोखिम कई गुना बढ़ा रही है। फेफड़ों की हालत खस्ता होने लगी है। लोग थोड़ा सा काम करते ही थकने लगे हैं। सांस फूल रही है और रक्तचाप बढ़ने लगा है। सर्दी के मौसम में जिला अस्पताल, मेडिकल कॉलेज और निजी अस्पतालों में हृदय व सांस से जुड़े मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। चिकित्सक बच्चे, बुजुर्गों व रोगियों को ठंड से बचने की सलाह दे रहे हैं। उनका कहना है कि बिना प्यास लगे भी गुनगुना पानी पीते रहें। इससे हार्ट अटैक का खतरा कम होगा।
Trending Videos

 

दिल और दिमाग की सेहत पर कोहरा और स्मॉग दोहरा वार कर रहे हैं। चिकित्सकों के अनुसार, ठंड का सीधा असर धमनियों पर पड़ता है। सर्द मौसम में धमनियां सिकुड़ जाती हैं, जिससे रक्त प्रवाह प्रभावित होता है और दिल पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है। पसीना नहीं आने और प्यास कम लगने के कारण लोग पानी कम पीते हैं, जिससे खून गाढ़ा हो जाता है। गाढ़ा रक्त क्लॉट बनाकर हार्ट अटैक और ब्रेन स्ट्रोक की आशंका बढ़ा देता है। नींद के दौरान दिल की धड़कन धीमी पड़ जाती हैं। 
 
विज्ञापन
विज्ञापन

कई मामलों में अचानक कार्डिएक अरेस्ट तक की स्थिति बन जाती है। इसी वजह से सर्दियों में रात के समय हार्ट अटैक के मामले अधिक सामने आते हैं। चिकित्सकों ने सलाह दी है कि बिना प्यास लगे भी गुनगुना पानी पीते रहें। ठंड के साथ बढ़ा प्रदूषण स्थिति को और गंभीर बना रहा है।
 

शराब और सिगरेट से रखें दूरी
वरिष्ठ हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. राजीव अग्रवाल बताते हैं कि स्वस्थ व्यक्ति भी चलने पर हांफने लगते हैं, ऐसे में हृदय रोगियों के लिए यह स्थिति और खतरनाक है। मेरठ पहले से ही देश के सबसे प्रदूषित शहरों में शुमार है। चिकना, तला-भुना और मसालेदार भोजन छोड़कर हल्का और सुपाच्य आहार लें। शुगर और बीपी के मरीज नियमित दवा लें और अपनी जांच कराते रहें। सर्दी में धूम्रपान और शराब दिल के लिए सबसे खतरनाक साबित हो सकते हैं। शराब शरीर का तापमान गिराती है, जिससे ठंड का असर बढ़ता है। सिगरेट रक्त धमनियों को और संकुचित कर देती है। हृदय रोगी सुबह-शाम टहलने से परहेज करें। जरूरत हो तो घर के भीतर हल्का व्यायाम करें।
 

मल्टीग्रेन आटा, मेवे और हल्का प्रोटीन करें प्रयोग
वरिष्ठ हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. ममतेश गुप्ता के अनुसार इस मौसम में सही खानपान दिल की सुरक्षा में अहम भूमिका निभाती है। मल्टीग्रेन आटा, अलग-अलग कोल्ड प्रेस्ड तेल, मौसमी फल-सब्जियां, मेवे और हल्का प्रोटीन दिल को मजबूत रखते हैं। लाल मिर्च, मैदा, फास्ट फूड और मीठे पेय से दूरी बनाना जरूरी है। चीनी की जगह गुड़ या शक्कर बेहतर विकल्प हैं। घर में एयर प्यूरीफायर लगाना या ऑक्सीजन देने वाले इनडोर पौधे रखना भी लाभकारी हो सकता है।
 

गर्दन और सिर को भी ढककर रखें
जिला अस्पताल के प्रभारी एसआईसी डा. योगेंद्र अग्रवाल ने बताया कि हृदय, फेफड़े और गठिया-बाय के मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। तीन-चार लेयर में कपड़े पहनें और गर्दन व सिर को भी ढककर रखें।

ये भी देखें...
SIR: मेरठ में एसआईआर के बाद कटे 6.65 लाख वोट, भाजपा में मची खलबली, कैंट और दक्षिण सीट पर सबसे ज्यादा चिंता
 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

Election
एप में पढ़ें

Followed