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कलक्ट्रेट पर बवाल: चंद्रशेखर के करीबी पर गोली चलाने वाला सागर लिसाड़ी भी था हंगामे में शामिल, ऐसे हुआ खुलासा

Mon, 13 Jul 2026 04:48 PM IST
Mohd Mustakim अमर उजाला नेटवर्क, मेरठ
अमर उजाला नेटवर्क, मेरठ Published by: Mohd Mustakim Updated Mon, 13 Jul 2026 04:48 PM IST
सार

Meerut News: कलक्ट्रेट पर नौ जुलाई को हुए हंगामे की पांच घंटे की फुटेज पुलिस ने देखी। इसमें हंगामा करते हुए सागर भी दिखाई दे रहा है। पुलिस ने दर्ज रिपोर्ट में महिला दरोगा से अभद्रता समेत पुलिसकर्मियों पर हमला करने के आरोप लगाए हैं।

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Uproar at the Collectorate: Sagar Lisadi—who shot at an associate of Chandrashekhar—was also involved
मेरठ में कलक्ट्रेट पर हंगामा। फाइल फोटो। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

मेरठ में नौ जुलाई को कलक्ट्रेट के सामने जाम लगाकर पुलिस पर हमला करने के आरोपियों की पहचान के प्रयास पुलिस ने तेज कर दिए हैं। पुलिस ने रविवार देर रात तक पांच घंटे प्रोजेक्टर पर जाम के दौरान की गई रिकॉर्डिंग और सोशल मीडिया के वीडियो देखे। इसमें लिसाड़ी के रहने वाले सागर समेत तीन और आरोपियों की पहचान हुई है। सागर जनवरी माह में नगीना सांसद चंद्रशेखर के करीबी संजय हरित पर फायरिंग के मामले में गिरफ्तार किया गया था।
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टीपीनगर थाना क्षेत्र में रहने वाली अनुसूचित जाति की बीए अंतिम वर्ष की छात्रा 15 मई को परीक्षा देने के लिए घर से निकली लेकिन वापस नहीं लौटी। 16 मई को परिजनों ने टीपीनगर थाने में उसकी गुमशुदगी दर्ज कराई थी। 17 मई को छात्रा का शव रोहटा थाना क्षेत्र के गांव स्थित ईख के खेत से बरामद हुआ था। 
इस मामले में पुलिस ने रोहटा के ही कल्याणपुर गांव के अंकुश चौधरी को सबसे पहले गिरफ्तार किया गया। पुलिस का कहना है कि छात्रा और अंकुश चौधरी एक दूसरे को पहचानते थे। छात्रा और अंकुश के एक बाइक पर बैठे हुए 15 मई का फुटेज भी पुलिस को मिला था। आरोप है कि अंकुश चौधरी ने ही छात्रा की हत्या की थी।
 
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पुलिस ने इस मामले में साक्ष्य छिपाने के आरोप में अंकुश के भाई पीएसी के सिपाही अंकित और खेत मालिक आदेश को भी गिरफ्तार किया था। अंकुश अभी जेल में है लेकिन अंकित और आदेश को जमानत मिल गई थी। परिजन सामूहिक दुष्कर्म के बाद हत्या का आरोप लगाकर कार्रवाई की मांग कर रहे थे। परिजनों के साथ बड़ी संख्या में जिले व गैरजनपद के लोग नौ जुलाई को पहले कमिश्नरी और फिर कलक्ट्रेट के बाहर पहुंचे और तीन घंटे तक मार्ग पर जाम लगाए रखा। इनमें कई अराजकतत्व भी शामिल हो गए थे। इनके खिलाफ पहले से आपराधिक मामले दर्ज हैं। 
 
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आरोप था कि पुलिस ने इन्हें समझाने का प्रयास किया तो इन्होंने पुलिस पर हमला किया। एक महिला दरोगा और सिपाही पर अश्लील कमेंट किए। एसपी सिटी विनायक गोपाल भोसले का कहना है कि वीडियो के आधार पर अज्ञात आरोपियों की पहचान की जा रही है। कुछ आरोपियों की पहचान हुई है। अन्य की भी पहचान व गिरफ्तारी का प्रयास किया जा रहा है।
 

स्कॉर्पियो पर तीन आरोपियों ने की थी फायरिंग
सुशांत सिटी निवासी संजय सिंह आजाद समाज पार्टी में राष्ट्रीय कोर कमेटी के सदस्य और चंद्रशेखर के करीबी हैं। 15 जनवरी को संजय अपनी स्कॉर्पियो से जा रहे थे। परतापुर थाना क्षेत्र में पूठा रेलवे लाइन के निकट बाइक सवार तीन हमलावरों ने संजय की स्कॉर्पियो पर ताबड़तोड़ फायरिंग की थी। पुलिस ने इस मामले में लिसाड़ी गांव निवासी सागर जाटव, अंबेडकर भवन निवासी शिवकुमार जाटव और नूरनगर निवासी सुभान सैफी को गिरफ्तार किया था।

उपद्रव में इन पर दर्ज हुई प्राथमिकी, ये हुए गिरफ्तार
जाम लगाकर उपद्रव पुलिस पर हमले में गौतमबुद्ध नगर के रवि कुमार गौतम, अरविंद, अमरोहा के दिग्विजय भाटी, हापुड़ के अजय कुमार, अंकित, मुरादाबाद के नवनीत कुमार, मेरठ के सुशील गौतम, हिमांशु सिद्धार्थ, सागर, लवी प्रधान, बिजेंद्र गौतम, रितिक जाटव, मोहित जाटव, हेमंत प्रधान, संजय, बिजेंद्र सूद और 50 अज्ञात के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। रवि गौतम, दिग्विजय भाटी, लवी प्रधान उर्फ शुभम, ऋतिक गौतम, नवनीत कुमार, अरविंद कुमार, हिमांशु सिद्धार्थ, अंकित कुमार को गिरफ्तार किया गया है। सभी आरोपियों को मेरठ जेल से दूसरे जिलों की कारागार भेज दिया गया है।
 

बीएनएस की इन धाराओं में दर्ज की गई है प्राथमिकी
धारा 74: महिला की गरिमा को ठेस पहुंचाना।
धारा 109(1): हत्या की कोशिश।
धारा 126(2): मार्ग अवरुद्ध करना।
धारा 132: लोक सेवक को कर्तव्य निर्वहन से रोकने के लिए हमला।
धारा 189, 190, 195, 196: लोक सेवक के आदेश की अवज्ञा और बल प्रयोग।
धारा 221, 223, 226: लोक व्यवस्था भंग करना, सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान।
धारा 270: उपद्रव फैलाना।
आपराधिक कानून (संशोधन) अधिनियम की धारा 7: सार्वजनिक उपद्रव।

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