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Mirzapur News: 200 दफ्तरों को चालान पर्ची दी, 10 साल में मात्र पांच विभागों ने की कार्रवाई, 1.70 लाख का वसूला जुर्माना
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पीएचसी परिसर में लेखाकार कक्ष के बगल में गुटखा पान के निशान, स्रोत संवाद
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देव गुप्ता
मिर्जापुर। जिले के 200 से ज्यादा सरकारी कार्यालयों को तंबाकू मुक्त बनाने का अभियान कागजों तक सिमटकर रह गया है। तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम के तहत कलेक्ट्रेट से लेकर थानों, ब्लॉक, सीएचसी-पीएचसी, बिजली निगम, शिक्षा विभाग और अन्य सरकारी कार्यालयों में तंबाकू सेवन करने वालों का चालान काटने के लिए पर्ची दी गई। बावजूद पिछले 10वर्षों में कार्रवाई केवल पांच-छह विभागों तक ही सीमित रही। अधिकांश कार्यालयों में आज तक एक भी चालान नहीं काटा गया।
हालात यह है कि कई सरकारी दफ्तरों की सीढ़ियां, बरामदे और दीवारें पान-गुटखा की पीक से लाल हो गई हैं। कर्मचारी और फरियादी खुलेआम तंबाकू का सेवन कर कार्यालय पहुंचते हैं, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी कार्रवाई से बचते रहे हैं। इससे तंबाकू मुक्त कार्यालय का दावा सवालों के घेरे में है।
जिला तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम के आंकड़ों के अनुसार, 10 वर्षों में 1200 से अधिक लोगों का चालान किया गया। इससे 1.70 लाख रुपये का जुर्माना वसूला। इनमें सबसे अधिक 1133 चालान तंबाकू नियंत्रण इकाई और स्वास्थ्य विभाग ने किए। पुलिस विभाग ने 28, कलेक्ट्रेट ने छह, सदर और मड़िहान तहसील में भी कुछ चालान किए गए। शेष 200 से अधिक विभागों और कार्यालयों में कार्रवाई शून्य रही। विभाग नियमित रूप से कार्रवाई करें तो कार्यालयों को तंबाकू मुक्त बनाया जा सकता है। फिलहाल अभियान कुछ विभागों तक ही सीमित है। (संवाद)
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मिर्जापुर। जिले के 200 से ज्यादा सरकारी कार्यालयों को तंबाकू मुक्त बनाने का अभियान कागजों तक सिमटकर रह गया है। तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम के तहत कलेक्ट्रेट से लेकर थानों, ब्लॉक, सीएचसी-पीएचसी, बिजली निगम, शिक्षा विभाग और अन्य सरकारी कार्यालयों में तंबाकू सेवन करने वालों का चालान काटने के लिए पर्ची दी गई। बावजूद पिछले 10वर्षों में कार्रवाई केवल पांच-छह विभागों तक ही सीमित रही। अधिकांश कार्यालयों में आज तक एक भी चालान नहीं काटा गया।
हालात यह है कि कई सरकारी दफ्तरों की सीढ़ियां, बरामदे और दीवारें पान-गुटखा की पीक से लाल हो गई हैं। कर्मचारी और फरियादी खुलेआम तंबाकू का सेवन कर कार्यालय पहुंचते हैं, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी कार्रवाई से बचते रहे हैं। इससे तंबाकू मुक्त कार्यालय का दावा सवालों के घेरे में है।
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जिला तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम के आंकड़ों के अनुसार, 10 वर्षों में 1200 से अधिक लोगों का चालान किया गया। इससे 1.70 लाख रुपये का जुर्माना वसूला। इनमें सबसे अधिक 1133 चालान तंबाकू नियंत्रण इकाई और स्वास्थ्य विभाग ने किए। पुलिस विभाग ने 28, कलेक्ट्रेट ने छह, सदर और मड़िहान तहसील में भी कुछ चालान किए गए। शेष 200 से अधिक विभागों और कार्यालयों में कार्रवाई शून्य रही। विभाग नियमित रूप से कार्रवाई करें तो कार्यालयों को तंबाकू मुक्त बनाया जा सकता है। फिलहाल अभियान कुछ विभागों तक ही सीमित है। (संवाद)

पीएचसी परिसर में लेखाकार कक्ष के बगल में गुटखा पान के निशान, स्रोत संवाद
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