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Mirzapur News: वनाधिकार से रोजगार तक, आदिवासियों में एकजुटता का आह्वान
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आदिवासी सम्मेलन में मुख्य अतिथि सपा के पूर्व सांसद बालकुमार पटेल एवं सपा नेत्री कीर्ति कोल
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भटवारी की पहाड़ी पर जुटे आदिवासी, शिक्षा, रोजगार और सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने पर जोर
हलिया। भटवारी के पहाड़ी पर बुधवार को सपा नेता कीर्ति कोल की अगुवाई में आयोजित आदिवासी सम्मेलन में समुदाय के उत्थान और विकास के लिए आवाज बुलंद हुई। सम्मेलन में वनाधिकार पट्टे, गांवों में रोजगार, लघु वनोपज का उचित मूल्य और बच्चों की बेहतर शिक्षा को आदिवासी समाज की तरक्की की बुनियाद बताया गया। बड़ी संख्या में आदिवासी समुदाय के लोगों ने जुटकर एकजुटता का संदेश दिया।
मुख्य अतिथि पूर्व सांसद बाल कुमार पटेल ने कहा कि विंध्य क्षेत्र के आदिवासियों को वनाधिकार पट्टे समय से मिलना चाहिए। रोजगार के अभाव में होने वाले पलायन को रोकने के लिए गांवों में स्थायी रोजगार के अवसर बढ़ाने और लघु वनोपज का उचित मूल्य दिलाने की जरूरत है। कीर्ति कोल ने कहा कि आदिवासी समाज के विकास का सबसे मजबूत रास्ता शिक्षा है। हर गांव में आवासीय विद्यालय और छात्रावास की व्यवस्था हो, ताकि आर्थिक अभाव के कारण बच्चों की पढ़ाई न छूटे। उन्होंने समुदाय के लोगों से संगठित होकर अपने अधिकारों के लिए आवाज उठाने का आह्वान किया।
पूर्व जिलाध्यक्ष आशीष यादव ने कहा कि पहाड़ी क्षेत्र प्रकृति और संस्कृति की अनमोल धरोहर है। सम्मेलन के अंत में बच्चों को शिक्षित करने और आदिवासी समाज के सामाजिक-आर्थिक उत्थान के लिए सामूहिक संकल्प लिया गया। इस दौरान ब्लॉक अध्यक्ष मुकुंद लाल, लल्लू कोल, शिवधनी कोल, बुद्धि प्रकाश कोल, रत्नाकर सिंह, गुलबहार, लक्ष्मण कोल, गोविंद यादव और संगम मौर्य समेत बड़ी संख्या में आदिवासी मौजूद रहे।
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हलिया। भटवारी के पहाड़ी पर बुधवार को सपा नेता कीर्ति कोल की अगुवाई में आयोजित आदिवासी सम्मेलन में समुदाय के उत्थान और विकास के लिए आवाज बुलंद हुई। सम्मेलन में वनाधिकार पट्टे, गांवों में रोजगार, लघु वनोपज का उचित मूल्य और बच्चों की बेहतर शिक्षा को आदिवासी समाज की तरक्की की बुनियाद बताया गया। बड़ी संख्या में आदिवासी समुदाय के लोगों ने जुटकर एकजुटता का संदेश दिया।
मुख्य अतिथि पूर्व सांसद बाल कुमार पटेल ने कहा कि विंध्य क्षेत्र के आदिवासियों को वनाधिकार पट्टे समय से मिलना चाहिए। रोजगार के अभाव में होने वाले पलायन को रोकने के लिए गांवों में स्थायी रोजगार के अवसर बढ़ाने और लघु वनोपज का उचित मूल्य दिलाने की जरूरत है। कीर्ति कोल ने कहा कि आदिवासी समाज के विकास का सबसे मजबूत रास्ता शिक्षा है। हर गांव में आवासीय विद्यालय और छात्रावास की व्यवस्था हो, ताकि आर्थिक अभाव के कारण बच्चों की पढ़ाई न छूटे। उन्होंने समुदाय के लोगों से संगठित होकर अपने अधिकारों के लिए आवाज उठाने का आह्वान किया।
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पूर्व जिलाध्यक्ष आशीष यादव ने कहा कि पहाड़ी क्षेत्र प्रकृति और संस्कृति की अनमोल धरोहर है। सम्मेलन के अंत में बच्चों को शिक्षित करने और आदिवासी समाज के सामाजिक-आर्थिक उत्थान के लिए सामूहिक संकल्प लिया गया। इस दौरान ब्लॉक अध्यक्ष मुकुंद लाल, लल्लू कोल, शिवधनी कोल, बुद्धि प्रकाश कोल, रत्नाकर सिंह, गुलबहार, लक्ष्मण कोल, गोविंद यादव और संगम मौर्य समेत बड़ी संख्या में आदिवासी मौजूद रहे।
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