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निराश्रित पशुओं को गोशाला में रखें और कराएं जियो टैगिंग : मंडलायुक्त
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मिर्जापुर। पथरहिया स्थित मंडलायुक्त कार्यालय के सभागार में बृहस्पतिवार को मंडलायुक्त राजेश प्रकाश की अध्यक्षता में मंडल स्तरीय अनुश्रवण, मूल्यांकन और समीक्षा समिति की बैठक हुई। मंडलायुक्त ने कहा कि गोशालाओं में संरक्षित किए जा रहे निराश्रित पशुओं को रखकर उनकी जियो टैगिंग सुनिश्चित करें।
उन्होंने कहा कि हर गोशाला में पर्याप्त मात्रा में भूसा, हरा चारा, चोकर आदि की उपलब्धता सुनिश्चित कराएं। भूसा बैंक बनाते हुए भूसा संग्रहीत किया जाए। गर्मी को देखते हुए पानी की पर्याप्त व्यवस्था हो, गोवशों को लू न लगे इसका भी उचित प्रबंध करें। बीमार और कमजोर पशुओं का तत्काल उपचार कराएं। समय-समय पर कैंप लगाकर उनके स्वास्थ्य की जांच कराएं।
सभी पशु आश्रय स्थलों पर पशु आहार, जियो टैगिंग, मूवमेंट रजिस्टर, पशु टीकाकरण आदि का रजिस्टर बनाकर रखें। गोवशों के लिए लगाए गए हरे चारे की भी जियो टैगिंग कराई जाए। उन्होंने कहा कि बनकर तैयार हो चुके गो आश्रय स्थलों की हैंडओवर की कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। बड़े गो आश्रय स्थलों पर भरण पोषण के लिए कम से कम तीन महीने का अतिरिक्त भंडारण रखा जाए। एक व्हाट्सएप समूह बनाएं। उसमें पशुपालन विभाग के मंडलीय अधिकारी, तीनों जिलों के मुख्य पशु चिकित्साधिकारी, तीनों जिलों के सभी अपर मुख्य चिकित्साधिकारी को जोड़ा जाए और रोस्टर बनाते हुए अधिकारी गो आश्रय स्थलों का नियमित निरीक्षण करें।
निरीक्षण के दौरान यदि कोई कमी पाई जाती है तो उसे तत्काल ठीक कराएं। बैठक में संयुक्त विकास आयुक्त रमेश चंद्र, अपर निदेशक लघु पशु निदेशालय लखनऊ डाॅ संजय कुमार श्रीवास्तव, अपर निदेशक पशुपालन डाॅ हेमलता शर्मा, संयुक्त निदेशक कृषि अशोक उपाध्याय, प्रभागीय वनाधिकारी राकेश कुमार, विकेश पटेल और तीनों जिलों के मुख्य पशु चिकित्साधिकारी उपस्थित रहे।
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उन्होंने कहा कि हर गोशाला में पर्याप्त मात्रा में भूसा, हरा चारा, चोकर आदि की उपलब्धता सुनिश्चित कराएं। भूसा बैंक बनाते हुए भूसा संग्रहीत किया जाए। गर्मी को देखते हुए पानी की पर्याप्त व्यवस्था हो, गोवशों को लू न लगे इसका भी उचित प्रबंध करें। बीमार और कमजोर पशुओं का तत्काल उपचार कराएं। समय-समय पर कैंप लगाकर उनके स्वास्थ्य की जांच कराएं।
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सभी पशु आश्रय स्थलों पर पशु आहार, जियो टैगिंग, मूवमेंट रजिस्टर, पशु टीकाकरण आदि का रजिस्टर बनाकर रखें। गोवशों के लिए लगाए गए हरे चारे की भी जियो टैगिंग कराई जाए। उन्होंने कहा कि बनकर तैयार हो चुके गो आश्रय स्थलों की हैंडओवर की कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। बड़े गो आश्रय स्थलों पर भरण पोषण के लिए कम से कम तीन महीने का अतिरिक्त भंडारण रखा जाए। एक व्हाट्सएप समूह बनाएं। उसमें पशुपालन विभाग के मंडलीय अधिकारी, तीनों जिलों के मुख्य पशु चिकित्साधिकारी, तीनों जिलों के सभी अपर मुख्य चिकित्साधिकारी को जोड़ा जाए और रोस्टर बनाते हुए अधिकारी गो आश्रय स्थलों का नियमित निरीक्षण करें।
निरीक्षण के दौरान यदि कोई कमी पाई जाती है तो उसे तत्काल ठीक कराएं। बैठक में संयुक्त विकास आयुक्त रमेश चंद्र, अपर निदेशक लघु पशु निदेशालय लखनऊ डाॅ संजय कुमार श्रीवास्तव, अपर निदेशक पशुपालन डाॅ हेमलता शर्मा, संयुक्त निदेशक कृषि अशोक उपाध्याय, प्रभागीय वनाधिकारी राकेश कुमार, विकेश पटेल और तीनों जिलों के मुख्य पशु चिकित्साधिकारी उपस्थित रहे।