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Mirzapur News: सड़क हादसों को रोकने के लिए ड्रमंडगंज घाटी के रोड मैप की डिजाइन में होगा बदलाव
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ड्रमंडगंज घाटी का बड़का मोड़, संवाद
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बड़का मोड़ समेत घाटी के कई स्थानों पर हो चुके हैं गंभीर हादसे
लालगंज। वाराणसी-रीवा राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच-135) पर लगातार हो रही दुर्घटनाओं के बाद ड्रमंडगंज घाटी के संपूर्ण रोड मैप की डिजाइन में बदलाव की तैयारी शुरू हो गई है। बताया जा रहा है कि राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने घाटी के पूरे हिस्से का नए सिरे से सर्वे कर विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
रिपोर्ट के आधार पर सड़क की ज्यामितीय डिजाइन, मोड़ों और अन्य दुर्घटना संभावित स्थलों में आवश्यक बदलाव किए जाएंगे। ड्रमंडगंज घाटी यूपी और मप्र को जोड़ने वाले वाराणसी-रीवा राष्ट्रीय राजमार्ग का सबसे चुनौतीपूर्ण हिस्सा माना जाता है। प्रतिदिन हजारों मालवाहक ट्रक, बसें और अन्य वाहन इस मार्ग से गुजरते हैं। पिछले कुछ वर्षों में बड़का मोड़ समेत घाटी के कई स्थानों पर हुए गंभीर हादसों ने सड़क की मौजूदा डिजाइन पर सवाल खड़े किए हैं। पिछले दिनों भीषण दुर्घटना में एक वाहन में सवार नौ लोगों की जलकर मौत के बाद सड़क सुरक्षा का मुद्दा और गंभीर हो गया। इसके बाद ट्रक चालकों, वाहन स्वामियों, स्थानीय लोगों और अधिवक्ताओं ने घाटी की पूरी सड़क डिजाइन में सुधार की मांग तेज कर दी। सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने भी मामले को गंभीरता से लिया है। जिला प्रशासन और एनएचएआई के बीच तकनीकी स्तर पर समन्वय जारी है। इंजीनियर घाटी के पूरे हिस्से का नया रोड मैप तैयार कर रहे हैं, जिससे भविष्य में दुर्घटनाओं की संभावना कम हो और वाहनों की आवाजाही अधिक सुरक्षित बन सके। एनएचएआई के परियोजना निदेशक अरुण कुमार ने बताया कि प्रस्ताव पर विचार किया जा रहा है।
इनसेट
साल भर में औसतन 60 लोगों की मौत
ड्रमंडगंज। ड्रमंडगंज घाटी के बड़का मोड़ पर अनियंत्रित भारी वाहनों की टक्कर या पलटने से आए दिन होने वाले हादसों में वर्ष भर में औसतन 60 लोगों की जान चली जाती है। इसके अलावा वहां वर्ष पर्यंत काफी संख्या में लोग गंभीर रूप से घायल भी होते रहते हैं।
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केस-1
23 अप्रैल: बड़का मोड़ के पास चार वाहनों की टक्कर के बाद बोलेरो सवार माैके पर नौ लोग जिंदा जल गए थे। घटना में 12 लोगों की मौत हुई थी
केस-2
28 मार्च : दो कंटेनरों की टक्कर में चालक अरविंद कुमार (36) व लालता यादव (50) की मौत हो गई थी। दोनों कंटेनरों की चपेट आने से सुभाष नगर ऊंज भदोही निवासी बाइक सवार दो सगे भाई अजय और विजय गंभीर रूप से घायल हो गए थे।
केस-3
11 जनवरी : बड़का मोड़ के पास अनियंत्रित ट्रक से कुचल जाने के कारण बाइक सवार प्रयागराज के सैंभा कोरांव निवासी कपड़ा व्यवसायी संजय सिंह कुशवाहा (40) की मौत हो गई थी।
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लालगंज। वाराणसी-रीवा राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच-135) पर लगातार हो रही दुर्घटनाओं के बाद ड्रमंडगंज घाटी के संपूर्ण रोड मैप की डिजाइन में बदलाव की तैयारी शुरू हो गई है। बताया जा रहा है कि राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने घाटी के पूरे हिस्से का नए सिरे से सर्वे कर विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
रिपोर्ट के आधार पर सड़क की ज्यामितीय डिजाइन, मोड़ों और अन्य दुर्घटना संभावित स्थलों में आवश्यक बदलाव किए जाएंगे। ड्रमंडगंज घाटी यूपी और मप्र को जोड़ने वाले वाराणसी-रीवा राष्ट्रीय राजमार्ग का सबसे चुनौतीपूर्ण हिस्सा माना जाता है। प्रतिदिन हजारों मालवाहक ट्रक, बसें और अन्य वाहन इस मार्ग से गुजरते हैं। पिछले कुछ वर्षों में बड़का मोड़ समेत घाटी के कई स्थानों पर हुए गंभीर हादसों ने सड़क की मौजूदा डिजाइन पर सवाल खड़े किए हैं। पिछले दिनों भीषण दुर्घटना में एक वाहन में सवार नौ लोगों की जलकर मौत के बाद सड़क सुरक्षा का मुद्दा और गंभीर हो गया। इसके बाद ट्रक चालकों, वाहन स्वामियों, स्थानीय लोगों और अधिवक्ताओं ने घाटी की पूरी सड़क डिजाइन में सुधार की मांग तेज कर दी। सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने भी मामले को गंभीरता से लिया है। जिला प्रशासन और एनएचएआई के बीच तकनीकी स्तर पर समन्वय जारी है। इंजीनियर घाटी के पूरे हिस्से का नया रोड मैप तैयार कर रहे हैं, जिससे भविष्य में दुर्घटनाओं की संभावना कम हो और वाहनों की आवाजाही अधिक सुरक्षित बन सके। एनएचएआई के परियोजना निदेशक अरुण कुमार ने बताया कि प्रस्ताव पर विचार किया जा रहा है।
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साल भर में औसतन 60 लोगों की मौत
ड्रमंडगंज। ड्रमंडगंज घाटी के बड़का मोड़ पर अनियंत्रित भारी वाहनों की टक्कर या पलटने से आए दिन होने वाले हादसों में वर्ष भर में औसतन 60 लोगों की जान चली जाती है। इसके अलावा वहां वर्ष पर्यंत काफी संख्या में लोग गंभीर रूप से घायल भी होते रहते हैं।
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केस-1
23 अप्रैल: बड़का मोड़ के पास चार वाहनों की टक्कर के बाद बोलेरो सवार माैके पर नौ लोग जिंदा जल गए थे। घटना में 12 लोगों की मौत हुई थी
केस-2
28 मार्च : दो कंटेनरों की टक्कर में चालक अरविंद कुमार (36) व लालता यादव (50) की मौत हो गई थी। दोनों कंटेनरों की चपेट आने से सुभाष नगर ऊंज भदोही निवासी बाइक सवार दो सगे भाई अजय और विजय गंभीर रूप से घायल हो गए थे।
केस-3
11 जनवरी : बड़का मोड़ के पास अनियंत्रित ट्रक से कुचल जाने के कारण बाइक सवार प्रयागराज के सैंभा कोरांव निवासी कपड़ा व्यवसायी संजय सिंह कुशवाहा (40) की मौत हो गई थी।