UP Politics: 'मंत्री के हाथ की कठपुतली है मिर्जापुर पुलिस', डॉ. पल्लवी ने किया तंज; धरने पर बैठीं विधायक
Mirzapur News: कलेक्ट्रेट पर धरने के एक घंटे बाद एडीएम और एएसपी ऑपरेशन बात करने गए पर विधायक नहीं मानीं। शनिवार को शाम सवा पांच बजे पार्टी का 12 सदस्यीय प्रतिनिधि मंडल डीएम कार्यालय पहुंचा।
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UP Politics: अपना दल कमेरावादी के जिलाध्यक्ष और ग्राम प्रधान श्याम बहादुर पटेल पर दर्ज की गई पशु तस्करी की प्राथमिकी को फर्जी करार देते हुए पार्टी की शीर्ष नेता और सिराथू की विधायक डॉ. पल्लवी पटेल कलेक्ट्रेट पर धरने पर बैठ गईं। उन्होंने नाम लिए बिना पर मंत्री पर निशाना साधा। कहा कि मिर्जापुर पुलिस और जिला प्रशासन मंत्री के हाथ की कठपुतली है।
उन्होंने मामले की उच्च स्तरीय जांच कराने की मांग की। इससे पहले सीटी क्लब से पैदल जुलूस निकालकर कलेक्ट्रेट पहुंची। धरना समाप्त कराने के लिए पहले एसडीएम सदर और सीओ लालगंज गए। धरने को लेकर बहस हुआ।
धरने को संबोधित करते हुए अपना दल कमेरावादी की शीर्ष नेता डॉ. पल्लवी पटेल ने कहा कि भाजपा सरकार में पुलिस जुल्म की घटनाओं में तेजी से वृद्धि हुई है। जिले में पुलिस प्रशासन और सत्तासंरक्षित नेताओं की मिली भगत से बड़े पैमाने पर अपराध फल फूल रहा है। मिर्जापुर पुलिस प्रशासन मंत्री के हाथ की कठपुतली बन गया है।
गरमाई राजनीति
मादक द्रव्यों की तस्करी और पशु तस्करी प्रशासनिक अमले की मिली भगत से हो रहा है। पिछले दिनों कुछ पशु तस्कर पकड़े गए, जो पूर्व में भी कई बार जेल जा चुके हैं। उन लोगों ने पुलिस और अधिकारियों की मिलीभगत से पशु तस्करी की बात कबूली। तब पुलिस ने नेताओं को बचाने के लिए अपना दल कमेरावादी के जिलाध्यक्ष श्याम बहादुर पटेल का नाम लेकर फंसा दिया।
श्याम बहादुर पटेल के ग्रामसभा में भी एक सरकारी गोशाला है। जहां बीडीओ, एडीओ पंचायत, गांव के सेक्रेटरी की देख-रेख में गोशाला के केयरटेकर की नियुक्ति होती है। अन्य गोशालाओं के अलावा यहां से भी शिकायतें मिलीं। इसकी जांच जिले के अधिकारियों के देखरेख में होनी चाहिए थी, लेकिन पूरे घटनाक्रम को राजनीतिक लाभ उठाने के लिए उपयोग किया गया।
एफआईआर में नाम नहीं होने पर जिलाध्यक्ष को फंसाया
ग्राम प्रधान और जिलाध्यक्ष को बिना किसी जांच के राजनीतिक षड़यंत्र के तहत प्रथम सूचना रिपोर्ट में नाम न होने के बावजूद फंसाया गया। कहा कि हद तो तब हो गई जब एक मुकदमे में जमानत हो जाने के बाद कहीं अन्यत्र का दूसरा मुकदमा लिख दिया गया। पल्लवी से बात करने पहुंचे एसडीएम सदर गुलाब चंद और सीओ लालगंज अमर बहादुर ने विधायक पल्लवी पटेल से ज्ञापन देने को कहा।
इस पर पल्लवी ने कहा कि ज्ञापन दिया जा चुका है। वह डीएम और एसपी से मिलने के बाद ही यहां से जाएंगी। जब तक डीएम और एसपी नहीं आएंगे, तब तक यहीं बैठी रहेंगी। एक घंटे बाद एडीएम अजय कुमार और एएसपी ऑपरेशन मनीष मिश्रा बात करने पहुंचे। पल्लवी ने उन्हें भी लौटा दिया। सवा पांच बजे डीएम कार्यालय में डॉ. पल्लवी पटेल 12 सदस्यीय प्रतिनिधि मंडल के साथ बात करने पहुंची। इस मौके पर गगन प्रकाश यादव, दिलीप पटेल आदि रहे।
सोने लाल पटेल का नाम बेचकर सत्ता का स्वाद चखने वाले नहीं दबा पाएंगे आंदोलन- डा. पल्लवी पटेल
जिलाधिकारी पवन कुमार गंगवार और पुलिस अधीक्षक अपर्णा रजत कौशिक एक घंटे वार्ता के बाद अपना दल कमेरावादी के लाेगों ने छह घंटे बाद शाम सात बजे धरना समाप्त किया। अपना दल कमेरावादी की विधायक डा. पल्लवी पटेल ने कहाकि प्रशासन स्वीकार नहीं करता कि कूटरचित कार्यक्रम हो रहा है।
ये वादा कि गया कि जो पहली प्राथमिकी दर्ज की गई। जिसकी बेल प्रक्रिया को रोक दिया गया। वहां पर अगले डेट पर जमानतकर्ता का प्रमाणिकरण पूरा कर दिया जाएगा। साथ ही दूसरी प्राथमिकी में नाम शामिल किया गया है। उसके सारे साक्ष्य जमा कर दिया जाएगा। आश्वासन दिया गया कि आगे कोई कार्रवाई नहीं होगा। पुख्ता तरीके से कह सकते है कि उनके जिलाध्यक्ष 30 वर्ष से जन प्रतिनिधि है। उनकी छवि को धूमिल करने का कार्य किया जा रहा है। राजनीति वही लोग कर रहे हैं, जिनकी हाथ की कठपुतली पुलिस प्रशासन बना है।
सोने लाल पटेल का नाम बेचकर जो खा रहे है। जो यहां पर सत्ता का स्वाद चख रहे है। ऐसे लोग अगर चाहेंगे कि उनके जिलाध्यक्ष को जेल में रखकर उनके हौसले और आंदोलन को खत्म करने की चेष्टा कर रहे है तो ऐसा होगा नहीं। स्प्रिंग को जितना दबाएंगे वह उतना तेज उछाल मारकर वापस आएगा। जिनको पकड़ा गया। उनको मारा गया तो उन्होंने जिलाध्यक्ष का नाम लिया।
