Moradabad: मां के साथ छत पर सो रही थी बच्ची, तेंदुए ने मच्छरदानी फाड़कर किया हमला, मासूम गंभीर जख्मी
कांठ में तेंदुए ने घर की छत पर सो रही छह साल की बच्ची पर हमला कर दिया। जब उसने बच्ची को चारपाई से घसीटना शुरू किया तो मां और अन्य लोगों के शोर मचाने पर वह भाग गया। बच्ची का जिला अस्पताल में इलाज चल रहा है।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
घर की छत पर पहुंचे तेंदुए ने मां के साथ मच्छरदानी लगी चारपाई पर सो रही छह साल की बच्ची पर हमला कर दिया। तेंदुए के हमले से मच्छरदानी फट गई और भीतर पंजा डालकर तेंदुए ने बच्ची को चारपाई से घसीटना शुरू कर दिया। मां और छत पर सोते अन्य लोगों के चिल्लाने पर तेंदुआ छत से कूदकर भाग गया।
पंजे के वार से बच्ची घायल हो गई, जिसे मुरादाबाद जिला अस्पताल में इलाज दिलाया जा रहा है। यह घटना रविवार देर रात संदीप के घर की है। संदीप मुरादाबाद में बतौर श्रमिक काम करते हैं। रविवार की रात भी वह काम पर गए हुए थे। घर पर मौजूद संदीप की पत्नी पिंकी छोटी बेटी प्रज्ञा और छह साल की बेटी दिया के साथ छत पर सो रही थीं।
मां और दोनों बेटियां मच्छरदानी लगी एक ही चारपाई पर थे। संदीप ने बताया कि देर रात करीब 3.30 बजे अचानक घर की छत पर तेंदुआ पहुंच गया। तेंदुए ने चारपाई पर किनारे लेटी छह वर्षीय दिया पर पंजे से झपट्टा मारा। उसके हमले से मच्छरदानी फट गई और तेंदुए ने पंजे से दिया को घसीटना शुरू कर दिया।
तेंदुए के पंजे में दबी थी बच्ची
चारपाई पर हलचल और बच्ची के चीखने से जागी मां पिंकी ने टॉर्च जलाई तो तेंदुए के पंजे से दबी बच्ची नजर आई। पिंकी के चिल्लाने पर छत पर सो रहे अन्य परिजन और आसपास की छतों के ग्रामीणों ने शोर मचाना शुरू किया। टॉर्चों की तेज रोशनी भी तेंदुए के मुंह पर डाली, जिसके बाद वह छत से कूदकर भाग गया।
पंजे के वार से घायल हुई बच्ची को कांठ सीएचसी लाया गया। प्राथमिक उपचार के बाद उसे जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। कांठ क्षेत्र में घर में घुसकर बच्चियों पर तेंदुए के हमले की यह तीसरी घटना है। पूर्व में अलग-अलग गांवों में तेंदुए दो बच्चियों को घायल कर चुके हैं।
कॉम्बिंग...सर्च, नहीं दिखा तेंदुआ
कांठ में वन विभाग के डिप्टी रेंजर पुष्पेंद्र सिंह, वन दरोगा राजेंद्र सिंह, अमर सिंह और कांठ थाने के दरोगा कमलदीप घटना की जानकारी पर सीएचसी पहुंचे। बच्ची का हालचाल लिया। चिकित्सकों ने बताया कि बच्ची के शरीर पर तेंदुए के दांत के निशान नहीं है। पंजे के नाखूनों से जख्म आए हैं। इसके बाद वन विभाग की टीम और पुलिस ने सोमवार को इलाके की कॉम्बिंग की। खेतों के आसपास भी सर्च अभियान चलाया। टीमों को कहीं तेंदुआ नजर नहीं आया। ग्रामीणों ने वन विभाग से पिंजरा लगाने की मांग की है। उनका कहना है कि जंगल से गांव और फिर घरों व छतों तक तेंदुए पहुंचने से ग्रामीणों में दहशत है।
कांठ में तेंदुओं के हमले
- 27 अप्रैल को घर में घुसकर गांव राजीपुर खद्दर की छह वर्षीय दीया पर हमला कर घायल किया।
- 16 अप्रैल को खेत पर गांव फजलाबाद के पांच वर्षीय लव्यांश पर हमला कर घायल किया।
- 11 अप्रैल को खेत पर गांव दरियापुर के तीन वर्षीय हर्ष पर हमला कर घायल किया।
- 31 मार्च को घर में घुसकर गांव मिश्रीपुर की आठ वर्षीय दीपांशी पर हमला कर घायल किया।
- 30 मार्च को घर में घुसकर गांव महदूद कलमी की दो वर्षीय सिदरा पर हमला कर घायल किया।
- 23 मार्च को खेत पर जाते समय गांव फतेहपुर विश्नोई के विजेंद्र सिंह पर हमला कर घायल किया।

कमेंट
कमेंट X