Moradabad Airport: मुरादाबाद से हवाई सेवा के लिए लाइसेंस का इंतजार, दिवाली पर मंडलवासियों को मिल सकता है तोहफा
मुरादाबाद हवाई अड्डे से उड़ान के लिए अभी लाइसेंस का इंतजार है। स्थानीय प्रबंधन इसके लिए लगातार पत्राचार कर रहा है। एयरपोर्ट के अधिकारियों के अनुसार दिवाली तक लाइसेंस मिलने के आसार है। इसके बाद उड़ानों का संचालित किया जाएगा।
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मुरादाबाद हवाई अड्डे पर सभी कार्य पूरे होने के बावजूद उड़ान के लिए लाइसेंस का इंतजार खत्म नहीं हो रहा है। एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया की ओर से बार-बार पत्र लिखा जा रहा है लेकिन डीजीसीए खामोश है। सितंबर में डीजीसीए का निरीक्षण होने के बाद एएआई तीन बार पत्र लिख चुका है।
दिल्ली में बैठे अधिकारी स्थानीय अधिकारियों से इस विषय में जानकारी ले रहे हैं। हाल ही में हवाई अड्डे पर फायर फाइटर्स को 11 दिन की विशेष ट्रेनिंग देने के बाद 12वें दिन उनकी परीक्षा भी ली गई थी। इसमें भी दिल्ली से बोर्ड के सदस्य मुरादाबाद आए थे। मौजूदा स्थिति पर सीएम कार्यालय की भी नजर है।
सभी संकेत सकारात्मक हैं लेकिन डीजीसीए की ओर से लाइसेंस में देरी का कारण स्पष्ट नहीं हो रहा है। एएआई के अधिकारी भी इस देरी को नहीं समझ पा रहे हैं। इस बीच अंदाजा लगाया जा रहा है कि मुरादाबाद, अलीगढ़, आजमगढ़ व चित्रकूट हवाई अड्डों को लाइसेंस साथ जारी किए जाएंगे।
उन शहरों में छिट पुट चीजें शेष रह गई हैं, ऐसे में मुरादाबाद को भी उड़ान के लिए इंतजार करना पड़ रहा है। बहरहाल इन दिनों हवाई अड्डे के रनवे, सर्कुलेंटिग एरिया, पार्किंग परिसर, वीवीआईपी लॉज आदि के रखरखाव का खास ख्याल रखा जाने लगा है। पेड़ों की छंटाई भी की गई है।
इसके अलावा जंगली जानवरों को परिसर में प्रवेश से रोकने के लिए पटाखों का इस्तेमाल किया जा रहा है। एएआई के स्थानीय अधिकारियों का मानना है कि किसी भी दिन लाइसेंस जारी हो सकता है। ऐसे में सभी व्यवस्थाएं बना ली गई हैं।
हवाई अड्डे पर दिखेगी शहर की गंगा-जमुनी तहजीब
हवाई अड्डे पर आम नागरिक जैसे ही चेक इन के लिए प्रवेश करेंगे तो उन्हें हॉल में शहर की गंगा-जमुनी तहजीब की झलक दिखेगी। इसके लिए हॉल में चौरासी घंटा मंदिर की प्राचीन तस्वीर व इतिहास लगाया गया है। नेपाल नरेश की ओर से घंटा चढ़ाने की जानकारी भी इसमें साझा की गई है।
इसके बराबर में ही जामा मस्जिद की तस्वीर व इतिहास चस्पा किया गया है। इसमें बताया गया है कि तत्कालीन मुगल शासक शाहजहां के वजीर रुस्तम खां ने इस मस्जिद का निर्माण सन 1637 में करवाया था। इससे संदेश देने की कोशिश की गई है कि शहर में सभी धर्मों के लोग सदियों से मिलजुल कर रह रहे हैं।
हवाई अड्डे पर ही मिल सकेगी मौसम की अपडेट
फिलहाल मौसम के सटीक अनुमान के लिए लोगों को पंतनगर विश्वविद्यालय के जानकारों की मदद लेनी पड़ती है। फ्लाइट के दृष्टिगत हवाई अड्डे पर मौसम के सटीक अनुमान के लिए सेटअप लगाया गया है। इसमें आने वाले दिनों के मौसम की सही जानकारी मिल सकेगी। अब तक शहर में सिर्फ तापमान व प्रदूषण का अपडेट ही लोगों को मिल पाता है। हवाई अड्डा शुरू होने के बाज जिला प्रशासन वहां से डाटा ले सकेगा।
लाइसेंस की प्रक्रिया तेजी से चल रही है। फिलहाल डीजीसीए की ओर से कोई अपडेट नहीं आया है। उम्मीद है जल्द ही सकारात्मक सूचना मिलेगी। - गुलाबचंद, एडीएम प्रशासन (हवाई अड्डे के नोडल अधिकारी)