मुरादाबाद में हमलावर हुए कुत्ते-बंदर: एक दिन में 46 लोगों को काटा, एक बच्ची की जान गई, मोहल्लों में हड़कंप
मुरादाबाद के कांठ में आवारा कुत्त और बंदर अचानक हमलावर हो गए। एक दिन में 46 लोगों को हमला कर दिया। कुत्तों के हमले में एक बच्ची की जान चली गई।
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कांठ क्षेत्र में आवारा कुत्तों और उत्पाती बंदरों का आतंक दिन पर दिन बढ़ता ही जा रहा है। सोमवार को सीएचसी में 46 ऐसे घायल पहुंचे, जिन्हें एंटी रैबीज वैक्सीन की पहली डोज लगाई गई। क्षेत्रवासियों ने कुत्तों और बंदरों को पकड़वाने की मांग की है। कुत्ते के हमले में एक बच्ची की माैत हो गई।
नगर व ग्रामीण क्षेत्रों में आवारा कुत्तों के झुंड घूम रहे हैं, जो बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों पर हमला कर उन्हें काटकर घायल कर रहे हैं। वहीं दूसरी ओर उत्पाती बंदरों का भी जबरदस्त आतंक है। जहां बंदर हमला कर रहे हैं तो वहीं लोगों को नुकसान भी पहुंचा रहे हैं।
खेतों में भी फसलों को खराब कर रहे हैं। सोमवार को सीएचसी में पहुंचे कुत्तों और उत्पाती बंदरों के हमलों से घायल 46 लोगों ने एंटी रैबीज की वैक्सीन लगवाई। जिसमें गांव कासमपुर के रमन, कुरी वरना के सुरेश, बगिया सागर की सरोज, महमूदपुर माफी के मुन्ने देहरी खुर्रम की कौशल्या, महमूदपुर के सफी, संदलीपुर के राजीव पर कुत्तों ने हमला कर दिया।
इसके अलावा सहसपुर के तैमूर, नयागांव कासमपुर की रूबी, फकीरगंज की निर्मला, छजलैट के मुन्ने, सुनीता, सदरपुर के रिंकू, कूडामीरपुर की सरोज, असदलपुर के जीशान, कांठ नगर के समरपाल, राजीव, मयंक, दहाना के अक्षित, चकफेरी के दीक्षित, घोसीपुरा सफीया नूर आदि घायल रहे।
इन सभी को स्वास्थ्य कर्मियों के द्वारा एंटी रैबीज वैक्सीन की पहली डोज लगाई गई। नगर व क्षेत्रवासियों ने आवारा कुत्तों को पकड़वाने की मांग की है।
कुत्तों, बंदरों के झुंड से दहशत
नगर क्षेत्र में गली-मोहल्लों में तो कुत्तों और बंदरों का आतंक है ही, लेकिन इनके झुंड सरकारी दफ्तरों के परिसरों में भी देखे जा सकते हैं। नगर स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, थाना परिसर, तहसील, डाॅयट परिसर, गन्ना समिति, रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड आदि स्थानों पर भी कुत्ते और बंदर रहते हैं।
कुत्तों और बंदरों के हमलों से घायल 60 लोगों ने सोमवार को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचकर एंटी रैबीज वैक्सीन की दूसरी, तीसरी और चौथी डोज लगवाई। बता दें कि नगर व ग्रामीण क्षेत्रों में आवारा कुत्तों और बंदरों के बढ़ते आतंक से लोग भयभीत हैं।
नगर में बंदरों को पकड़वाने के लिए टेंडर प्रक्रिया हो चुकी है, पकड़ने वाली टीम के आने की देरी है। कुत्तों को भी पकड़वाकर जिला मुख्यालय पर एबीसी सेंटर भिजवाने के संबंध में नगर निगम से बात की जाएगी। -रामेश्वर दयाल, अधिशासी अधिकारी नगर पंचायत
