चारे की कमी और ठंड: मुरादाबाद के गोशाला में पांच पशु मरे, चार की हालत गंभीर, सरकारी तंत्र की सभी कोशिश नाकाम
भटावली की अस्थायी गोशाला में पशुओं की मौत का सिलसिला जारी है। चार दिन में पांच पशुओं की जान जा चुकी है। हरे चारे की कमी, कड़ाके की ठंड और बीमारी के कारण कई गोवंश गंभीर हालत में हैं।
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भटावली की गोशाला में गोवंश की मौतों का सिलसिला रुक नहीं रहा है। रविवार को एक और सोमवार को दो गोवंश की मौत हो गई। चार गोवंश अब भी जिंदगी और मौत से जद्दोजहद कर रहे है। बेजुबानों की जान बचाने में लगे सरकारी तंत्र की सभी कोशिशें नाकाम साबित हो रहीं है।
भटावली स्थित अस्थायी गोशाला में आंकड़ों के अनुसार 142 गोवंशीय पशु थे, इसमें गाय, बैल और बछड़े थे। पिछले चार दिन में पांच गोवंश की मृत्यु हो चुकी है, जिससे अब गोशाला में 137 गोवंश रह गए। यहां पर बताया गया था कि गोशाला में लंबे वक्त से हरे चारे की कमी है। कड़ाके की ठंड पशुओं पर भारी पड़ रही है।
पशु कमजोरी के साथ बीमार पड़ रहे हैं। गोवंश जमीन पर लेटे हैं और उनसे उठा भी नहीं जा रहा है। बीमारी की चपेट आए गोवंश धीरे-धीरे जान गवां रहे है। बीमार गोवंश को जल्द बेहतर इलाज नहीं मिला तो एक से दो दिन में यह आंकड़ा और भी बढ़ सकता है।
संस्था ने किया पशुओं का इलाज
पंडित दीन दयाल नगर स्थित साईं वेट केयर संस्था की टीम ने सोमवार को भटावली की अस्थाई गोशाला के बीमार गोवंश को मुफ्त चिकित्सा सेवाएं दीं। डॉ मनोज सक्सेना के मुताबिक रविवार को उनकी टीम गोशाला में आई थी। इस दौरान कई पशु बीमार और मरने की हालत में देखे गए। सोमवार को ड्रिप और दवा के साथ टीम गोशाला पहुंची। करीब 14 पशु बीमार मिले है, जिनमें कई की हालत अभी भी नाजुक है। बीमारी के अनुसार पशुओं को दवाई लगाई गई है।
तीन गोवंश की मौत की सूचना तो नहीं है, लेकिन एक पशु की सुबह मौत होने की सचिव ने सूचना दी थी। यह गोवंश पहले से बीमार था। इनमें कई चोटिल भी आए थे। बीमार पशु पर ठंड का भी असर हुआ है। गोशाला का निरीक्षण किया था। गोवंश को हरा चारा, चौकर और गुड दिया जा रहा है। सभी व्यवस्थाओं पर ध्यान दिया जा रहा है। - स्वाति सिंह, खंड विकास अधिकारी
