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53 करोड़ की जीएसटी चोरी: एसआईटी ने जिया फैसल को पकड़ा, दिल्ली में भी दर्ज हैं दो केस, अरबों का किया लेनदेन

Mon, 27 Jul 2026 02:50 PM IST
Vimal Sharma अमर उजाला नेटवर्क, मुरादाबाद
अमर उजाला नेटवर्क, मुरादाबाद Published by: Vimal Sharma Updated Mon, 27 Jul 2026 02:50 PM IST
सार

एसआईटी ने 53 करोड़ रुपये की जीएसटी चोरी के मामले में मुगलपुरा निवासी मुख्य आरोपी जिया फैसल को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि उसने फर्जी फर्मों के जरिए करोड़ों रुपये की नकली खरीद-बिक्री दिखाकर आईटीसी क्लेम किया और सरकार को बड़ा नुकसान पहुंचाया। जांच में उसके बैंक खातों में अरबों रुपये के लेनदेन का भी पता चला है।  

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Moradabad: 53 crore GST evasion: SIT arrests Zia Faisal; two cases also registered in Delhi
आरोपी जिया फैसल गिरफ्तार - फोटो : संवाद

विस्तार

एसआईटी ने 53 करोड़ की जीएसटी चोरी के मामलों में मुगलपुरा से रविवार को मुख्य आरोपी जिया फैसल को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी ने बोगस फर्मों के माध्यम से फर्जी खरीद बिक्री दर्शाते हुए आईटीसी क्लेम कर सरकार को करोड़ों का चूना लगाया है। आरोपी के खिलाफ दिल्ली में भी धोखाधड़ी के दो मुकदमे दर्ज हैं।

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बैंक खातों की जांच करने पर पता चला है कि उसने अरबों रुपये का लेनदेन किया है। पुलिस के अनुसार राज्य कर अधिकारी खंड-2 राजुल कुमार आंबेडकर ने मुगलपुरा थाने में 27 सितंबर 2025 को जीएसटी चोरी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। दोनों मुकदमों की विवेचना एसआईटी को सौंपी गई।
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बताया गया कि आरोपी ने एके इंटरनेशनल नाम की फर्म का पंजीयन कराकर खुद को रेडीमेड कपड़ों का कारोबारी बताया था। उसने 17 करोड़ 03 लाख 34 हजार 452 रुपये और 36 करोड़, 84 लाख 36 हजार 875 रुपये की फर्जी बिक्री दिखाते हुए राज्य कर विभाग में आईटीसी क्लेम कर दिया।
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विभाग ने उसकी आईटीसी क्लेम का भुगतान कर दिया। सरकार को करोड़ों रुपये का चूना लगने पर विभाग के अधिकारी जांच में जुट गए। इस बारे में एसपी क्राइम सुभाष चंद्र गंगवार ने बताया कि मुफ्तीटोला मुगलपुरा निवासी मुख्य आरोपी जिया फैसल को उसके घर के पास से गिरफ्तार कर लिया।

आरोपी ने अपने साथी जावेद के साथ मिलकर विभिन्न फर्मों के माध्यम से जीएसटी चोरी की थी। आरोपी के साथी जावेद की 2024 में मौत हो गई। एसपी क्राइम का कहना है कि आरोपी के खिलाफ मुगलपुरा और दिल्ली में धोखाधड़ी की चार रिपोर्ट दर्ज है। इसके अलावा मुगलपुरा थाने में 2021 में आरोपी के खिलाफ मारपीट और 25 आर्म्स एक्ट के भी दो मामले दर्ज हैं।

आठ साल से देता रहा चकमा
एसआईटी के अनुसार आरोपी जिया फैसल ने अपने सगे भाई जिया अफजल के नाम से ‘अल ग्रेन लास्को’ नाम की फर्म का पंजीयन कराया। इस फर्म से 2017-18 मे फर्जी बिलों के आधार पर माल की स्थानीय तौर पर आठ करोड़ 55 लाख 7 468 रुपये की खरीद दर्शाया। साथ ही 6 करोड़ 46 लाख रुपये की बाहर के प्रांतो में बिक्री को स्टाक में प्रदर्शित किया। उसने 1.80 करोड़ रुपये की जीएसटी का समायोजन आईटीसी के माध्यम से किया।

इसी तरह आरोपी ने अजमत खान के नाम से एके इंटरनेशनल फर्म घोषित कर जीएसटी में पंजीयन कराया। जांच में आया कि आरोपी ने 2018-19 में 7. 17 करोड़ रुपये की स्थानीय आपूर्ति भी दिखाया था। साथ ही 25.72 करोड़ रुपये की बाहरी सप्लाई दर्शाया। फर्म ने 7.20 करोड़ रुपये की जीएसटी देनदारी दर्शाया और उसे आईटीसी क्लेम भी कर दिया।

आठ साल में किया अरबों का लेनदेन
एसआईटी की जांच में मुख्य आरोपी जिया फैसल के चार बैंक खातों के माध्यम से अरबों रुपये के लेनदेन पाए गए हैं। बोगम फर्मों के माध्यम से आरोपी ने कोटक महिन्द्रा बैंक में तीन खाते खोल रखे हैं।

महिमा एक्जाइम नामक फर्म के खाते से 2 अरब 98 करोड़ 64 लाख 92 हजार 97 रुपये, वैभव इंटरप्राइजेज नाम की फर्म के खाते में 73 करोड़ 78 लाख 65 हजार 168 रुपये, नरेश एंड कंपनी नाम की फर्म के खाते में 1 अरब 55 करोड़ 60 लाख 82 हजार 895 रुपये का लेनदेन किया है। इसके अलावा आईसीसीआई बैंक में अल ग्रेन लासको नाम की फर्म के खाते से 14 करोड़ 78 लाख 97 हजार 8 रुपये का लेनदेन पाया गया है।

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