Moradabad Airport: कमाई सिर्फ 42 लाख और खर्च 1.35 करोड़, हर माह घाटे की उड़ान भर रहा यूपी का यह हवाई अड्डा
मुरादाबाद हवाई अड्डा से 17 माह से उड़ान बंद है जबकि रखरखाव पर 1.35 करोड़ रुपये खर्च हो चुके हैं। सिर्फ 45 दिन चली सेवा में 1500 यात्रियों से करीब 42 लाख रुपये की आमदनी हुई। खर्च आय से तीन गुना ज्यादा होने के बावजूद हवाई सेवा दोबारा शुरू होने के आसार नहीं हैं।
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मुरादाबाद हवाई अड्डे का हाल आमदनी अठ्न्नी खर्चा रुपैया जैसा है। हवाई अड्डे से पिछले 17 महीने से उड़ान बंद है। जबकि इसके रखरखाव पर 1.35 करोड़ रुपये खर्च कर दिए गए। वहीं महज 45 दिनों तक बहाल रही इस सेवा का 1500 यात्रियों ने लाभ लिया। अधिकतम किराये के हिसाब से इन यात्रियों से कंपनी को 42 लाख रुपये की आमदनी हुई।
2014 में हवाई पट्टी विस्तार से बनी योजना
फिलहाल अभी हवाई सेवा शुरू होने के कोई आसार नहीं दिख रहे हैं। वर्ष 2014 में हवाई पट्टी को हवाई अड्डे के रूप में विकसित करने की योजना बनी। इसके लिए प्रदेश सरकार और एयरपोर्ट अथारिटी ऑफ इंडिया के बीच एमओयू साइन हुआ था। लेकिन हवाई सेवा शुरू होने में दस साल लग गए।
हवाई अड्डे के निर्माण में लगे चार साल
करीब 52 हेक्टेयर भूमि पर बने हवाई अड्डे के निर्माण में चार साल लग गए। इस पर करीब 28.93 करोड़ रुपये खर्च हुए। तमाम अड़चनों के बाद रक्षा मंत्रालय, गृह मंत्रालय और पर्यावरण एवं वन विभाग की ओर से एनओसी मिलने पर 10 मार्च 2024 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हवाई अड्डे का वर्चुअल उद्घाटन किया।
महज 45 दिनों ही सेवा बहाल
इसके पांच महीने बाद 10 अगस्त 2024 को मुरादाबाद हवाई अड्डे से पहली फ्लाइट लखनऊ के लिए रवाना हुई। मुरादाबाद-लखनऊ के बीच ये सेवा महज 45 दिनों तक ही बहाल रही। इस दाैरान 1500 यात्रियों ने हवाई यात्रा की। फिलहाल 17 नवंबर 2024 से हवाई सेवा बंद चल रही है।
रखरखाव पर तीन गुना अधिक रकम खर्च
हवाई अड्डे की सुरक्षा, बिजली और रखरखाव पर हर महीने 7.96 लाख रुपये खर्च होते हैं। इस हिसाब से 17 महीने से बंद हवाई अड्डे पर 1.35 करोड़ रुपये खर्च हो चुके हैं। वहीं हवाई यात्रा का अधिकतम किराया 2800 रुपये के हिसाब से कंपनी को 1500 से यात्रियों से करीब 42 लाख रुपये की आमदनी हुई। आमदनी के हिसाब से रखरखाव पर तीन गुना अधिक रकम खर्च हो चुका है।
999 रुपये की थी शुरुआती उड़ान
मुरादाबाद से लखनऊ तक के हवाई सफर का किराया फ्लैक्सी था। इसकी शुरुआत 999 रुपये होती थी। जो बुकिंग के साथ ही बढ़ता जाता था। लोगों ने 2200 से 2800 साै रुपये तक देकर लखनऊ का सफर किया।
हवाई अड्डे से उड़ान शुरू करने के लिए योजाना पर नए सिरे से काम चल रहा है। जल्द ही कुछ सकारात्मक पहल सामने आ सकती है। हवाई अड्डे के रखरखाव पर पूरा ध्यान दिया जा रहा है। - आशीष पाल, विमानपत्तन निदेशक, मुरादाबाद

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