Moradabad: निर्यात उत्पादों में पीतल से किनारा, पांच साल में 20 गुना बढ़ीं लकड़ी के हस्तशिल्प की इकाइयां
पीतल, एल्युमिनियम और स्टील की बढ़ती कीमतों के चलते मुरादाबाद में हस्तशिल्प उद्योग का रुख तेजी से बदला है। निर्यातकों ने महंगे धातु उत्पादों की जगह लकड़ी के हस्तशिल्प को अपनाना शुरू कर दिया है। पांच साल में लकड़ी के हस्तशिल्प इकाइयों की संख्या 20 से बढ़कर करीब 200 हो गई है।
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पीतल, एल्युमिनियम और स्टील की बढ़ती कीमतों की वजह से पीतल नगरी ने कुछ वर्षों में हस्तशिल्प उत्पादों का ट्रेंड बदला है। धातु के कच्चे माल की महंगाई की मार देखकर निर्यातकों ने लकड़ी के हस्तशिल्प की राह पकड़ी जो दिनोंदिन मजबूत होती चली गई। पांच साल में मुरादाबाद में लकड़ी के हस्तशिल्प की इकाइयां 20 गुना बढ़ गई हैं।
पीतलनगरी में मेटल हैंडीक्राफ्ट की हिस्सेदारी अब लकड़ी के हस्तशिल्प उत्पाद की तुलना में काफी कम हो गई है। शुरुआत में यह बदलाव निर्यातकों ने धातु के कच्चे माल की बढ़ती महंगाई के कारण किया था, जबकि पीतल उत्पादों पर चमक बनाए रखने की चुनौती के कारण कई देशों के खरीदार भी पीतल से दूर होने लगे।
इस बीच लकड़ी के हस्तशिल्प की कोशिशें रंग लाईं तो अमेरिका, यूरोप, आस्ट्रेलिया, जार्डन से इस तरह के प्रोडेक्ट के अच्छे आॅर्डर मिलने लगे। यही वजह है कि अब लकड़ी पर मुरादाबादी नक्काशी निखर रही है। दि हैंडीक्राफ्ट एक्सपोर्टर्स एसोसिएशन के सचिव सतपाल ने बताया कि जिले में साल 2020 में लकड़ी के हस्तशिल्प उत्पाद बनाने वाली करीब 20 फैक्टरियां थीं।
लेकिन वर्ष 2026 तक इनकी संख्या करीब 200 के आसपास पहुंच गई है। इसमें 50 से अधिक ऐसी भी फैक्टरियां हैं जिन्होंने पीतल के उत्पाद का काम छोड़कर लकड़ी के हस्तशिल्प उत्पादों का ही काम पकड़ा है। जिले के 70 प्रतिशत निर्यातकों ने एल्युमिनियम, स्टील और लोहे के उत्पादों के मुकाबले लकड़ी उत्पादों को तरजीह देना शुरू कर दिया है।
साल 2020 से अब तक पीतल और एल्युमिनियम की कीमत दोगुनी
निर्यातकों के मुताबिक वर्ष 2020 में पीतल के कच्चे माल की कीमत 450 रुपये प्रति किलो थी। अब कीमत 870 रुपये प्रति किलो हो गई है। 2020 में एल्युमिनियम की कीमत 150 रुपये प्रति किलो और आज 355 रुपये प्रति किलो है। इसी तरह 2020 में स्टील की कीमत 150 रुपये प्रति किलो और इस वक्त 185 रुपये प्रति किलो है।
मैंने लकड़ी के हस्तशिल्प उत्पाद से कारोबार शुरू किया। पीतल और एल्युमिनियम की अपेक्षा लकड़ी के मेटेरियल सस्ते मिल जाते हैं। 500 से 600 रुपये की कीमत में लकड़ी का छोटा सामान बनकर तैयार हो जाता है। लकड़ी के हस्तशिल्प उत्पाद की मांग अमेरिका, यूरोप समेत अन्य देशों में अधिक है। -शिरीष अग्रवाल, निर्यातक व एमडी, सैफरन टोंस
मेरे पास पहले पीतल के हस्तशिल्प उत्पादों का कारोबार था। कच्चे माल की कीमतें दिन प्रतिदिन बढ़ती गईं और आर्डर भी कम मिलने लगे। पांच साल से लकड़ी के हस्तशिल्प उत्पाद का कारोबार कर रहा हूं। अच्छे आर्डर मिल रहे हैं। हम सभी उत्पाद शीशम के बनाते हैं। - हमजा नाजिम, निर्यातक व एमडी, क्वालिटी क्राफ्ट आई, एनसी

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