UP: लू से झुलसने लगी सेहत, मुरादाबाद में रोज 30 मरीज भर्ती, बच्चों में डायरिया तो बड़ों को हीट स्ट्रोक का खतरा
भीषण गर्मी के चलते लोगों की सेहत पर गंभीर असर पड़ने लगा है। मुरादाबाद के जिला अस्पताल में रोजाना डायरिया, बुखार और हीट स्ट्रोक के 30 से अधिक मरीज भर्ती हो रहे हैं। डॉक्टरों के अनुसार बढ़ती गर्मी के कारण बच्चे और बड़े दोनों में असर पड़ रहा है।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
हवा इतनी गर्म कि शरीर झुलस जाए। तपिश ऐसी कि सिर चकरा जाए। माैसम की इस तल्खी से छोटे-बड़ों की सेहत झुलसने लगी है। जिला अस्पताल की इमरजेंसी में हर दिन डायरिया और बुखार के 30 से ज्यादा मरीज भर्ती हो रहे हैं। रविवार को चार घंटे में 12 मरीज भर्ती किए। इसमें उल्टी दस्त, हीट स्ट्रोक और बुखार के मरीज शामिल रहे।
रविवार को अधिकतम तापतान 41 डिग्री के पार रहा। ऐसे मौसम में घर से बाहर निकले वाले छोटे-बड़ों की लापरवाही अस्पताल का रास्ता दिखाने के लिए काफी है। डाक्टरों के मुताबिक बढ़ती तपिश भी गर्मी किसी भी सेहत बिगाड़ सकती है। डायरिया, चिनक पाक्स, हीट स्ट्रोक, हाईग्रेड फीवर, हाइपर पाइरेक्सिया के मरीज बढ़ रहे हैं।
बच्चे तो बच्चे बड़े भी डायरिया की जद में हैं। इसका असर जिला अस्पताल की इमरजेंसी वार्ड में देखने को मिल रहा है। यहां औसतन रोजाना 80 से 85 मरीज भर्ती होने पहुंचे हैं। इन दिनों 30 से 40 मरीज ऐसे होते हैं, जिन्हें उल्टी दस्त, बुखार, हीट स्ट्रोक, बुखार पेट दर्द की शिकायत होती है।
रविवार को सुबह 10 बजे से दोपहर दो बजे तक जिला अस्पताल की इमरजेंसी में मनीषा (1), चांदनी (18), पूनम (30), सिदि्ध (13), अमीर अहमद (57) समेत 12 मरीज भर्ती किए गए। सभी को उल्टी दस्त, बुखार और हीट स्ट्रोक की शिकायत रही।
लू के लक्षण
- शरीर का तापमान बढ़ना, पसीना न आना
- सिर दर्द होना या सिर का भारीपन महसूस होना
- त्वचा का सूखा व लाल होना
- उल्टी-दस्त होना
- बेहाश हो जाना
लू से बचाव
- मरीज को ठंडे कमरे में रखें
- शरीर को पानी या बर्फ से स्पंज करें
- तत्काल डाक्टर के पास ले जाएं
- दोपहर 12 बजे से तीन बजे तक बाहर जाने से बचें
- पूरे शरीर को ढक कर ही बाहर जाएं
- प्यास न लगे तब भी पानी पीते रहें
- मौसमी फलों का सेवन अधिक करें
- दिन में कई बार लिक्विड आहार लें
इस माैसम में डायरिया, बुखार, हीट स्ट्रोक के मरीजों की संख्या बढ़ गई है। रोजाना जिला अस्पताल में भर्ती होेने वाले मरीजों में आधे डायरिया व बुखार के होते हैं। - डाॅ. संगीता गुप्ता, एसआईसी, जिला अस्पताल

कमेंट
कमेंट X