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Moradabad: किसी भी ऑटो में किराया सूची नहीं, कैसे पता चले कहां का भाड़ा कितना, जिम्मेदारों को खबर तक नहीं

अमर उजाला नेटवर्क, मुरादाबाद Published by: Vimal Sharma Updated Sat, 20 Jun 2026 12:18 PM IST
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सार

मुरादाबाद में करीब तीन हजार ऑटो संचालित हो रहे हैं। इनमें अधिकांश ऑटो पर किराया सूची प्रदर्शित नहीं है। परिवहन विभाग ने 2023 में एक से दो किलोमीटर का किराया 10.44 रुपये और उसके बाद पांच रुपये प्रति किलोमीटर तय किया था।

Moradabad: No fare chart in any auto-rickshaw—how is one to know the fare for a specific destination
मुरादाबाद में ऑटो - फोटो : संवाद
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विस्तार

मुरादाबाद जिले में सड़कों पर तीन हजार ऑटो दौड़ रहे हैं। इसमें लगभग 1750 ऑटो शहर के भीतर संचालित हो रहे हैं। हैरानी की बात यह है कि किसी भी ऑटो पर किराया सूची चस्पा नहीं की गई है। अगर कोई यह जानना चाहे कि कहां का किराया कितना है तो पता नहीं चल सकेगा।



चालक ने जो बता दिया वही मानकर सवारियां भुगतान कर देती हैं। परिवहन विभाग ने वर्ष 2023 में किराया तय किया था। इसके तहत एक से दो किलोमीटर तक 10.44 रुपये किराया निर्धारित है और इसके बाद पांच रुपये प्रति किलोमीटर की दर लागू है।
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यही किराया वर्तमान में लागू है। परिवहन विभाग के अनुसार, नियमों के मुताबिक हर ऑटो पर किराया सूची और चालक का नाम, पंजीकरण संबंधी जानकारी प्रदर्शित होना जरूरी है, ताकि यात्रियों को तय दरों की जानकारी मिल सके।

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रात 11 बजे से कुल किराये का 25 % अतिरिक्त शुल्क
परिवहन विभाग के अनुसार, रात 11 बजे से सुबह 5 बजे तक कुल किराये पर 25 प्रतिशत अतिरिक्त शुल्क लिया जाता है। उदाहरण के तौर पर दिन में चौधरी चरण सिंह चौक से बस अड्डे तक 20 रुपये किराया है तो रात में यही दूरी तय करने पर 25 रुपये देने होंगे।

अन्य सेंटरों से संचालित हैं 1250 ऑटो
परिवहन विभाग के अधिकारियों के मुताबिक मुरादाबाद शहर में वर्ष 2010 से नए ऑटो परमिट बंद हैं। नया मुरादाबाद, कांठ और डिलारी सेंटरों से परमिट जारी किए जाते हैं। जिले में सबसे ज्यादा ऑटो मुरादाबाद शहर और नया मुरादाबाद सेंटर पर पंजीकृत हैं। इन दोनों जगहों से करीब 1750 ऑटो चल रहे हैं।

बाकी के सेंटरों से 1250 ऑटो संचालित किए जा रहे हैं। सिटी ऑटो रिक्शा वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष विशन लाल सिंह ने बताया कि पिछले दो साल से किराये को लेकर कोई बैठक नहीं हुई है। दो साल पहले कुछ ऑटो पर किराया सूची लगवाई गई थी, लेकिन अब ऑटो, ई-रिक्शा और ई-ऑटो संचालन को लेकर प्रशासन का ध्यान नहीं है।

ऑटो पर किराया सूची लगाकर चलना अनिवार्य है और जांच के दौरान नियमों का उल्लंघन करने वालों के चालान भी किए जाते हैं। - आंजनेय सिंह, (प्रशासन) एआरटीओ
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