UP: मुरादाबाद स्वास्थ्य विभाग में वेतन घोटाला, बिन आदेश 20 फीसदी बढ़ी बाबुओं की तनख्वाह, हैरान करने वाला मामला
Moradabad Health Department Scam: मुरादाबाद स्वास्थ्य विभाग में बिना आदेश 12 बाबुओं का वेतन 20 प्रतिशत तक बढ़ा दिया गया। अब इसकी जांच शुरू हो गई है। जांच पूरी होने के बाद अतिरिक्त लिए गए वेतन की वसूली की जा सकती है।
विस्तार
मुरादाबाद स्वास्थ्य विभाग में अब वेतन घोटाला सामने आया है। बिना किसी अधिकृत आदेश के 12 बाबुओं का वेतन 20 प्रतिशत तक बढ़ गया। यह गड़बड़ी 2017-18 में हुई। अब इसकी परतें खुल रही हैं। कुछ फाइलें संदेह के दायरे में आने के बाद स्वास्थ्य विभाग के तीन अधिकारियों की टीम मामले की जांच में लगाई गई है।
सीएमओ कार्यालय में अलग-अलग पटल संभाल रहे कुछ बाबुओं पर अतिरिक्त लिए गए वेतन की वसूली की तलवार लटक गई है। हालांकि मामला आठ साल से ज्यादा पुराना हो जाने से यह भी माना जा रहा है कि इस तरह के कई बाबू सेवानिवृत्त हो चुके होंगे।
विभाग की योजना तो उनकी पेंशन से वसूली की भी है लेकिन अभी यह तस्वीर साफ नहीं हो सकी है कि किसने कितनी अवधि तक कितना ज्यादा वेतन ले लिया था। चर्चा है कि किसी पर दो लाख तो किसी पर छह लाख रुपये की रिकवरी निकल रही है।
ज्यादा स्थिति जांच पूरी होने पर ही स्पष्ट होगी। इसके बाद वसूली की प्रक्रिया शुरू हो सकती है। घोटाले को अंजाम तक पहुंचाने में तत्कालीन सीएमओ के हस्ताक्षर अहम हैं। कहा जा रहा है कि 2017-18 में कर्मचारियों के वेतन पुनर्निधारण की फाइलों पर किसी तरह सीएमओ के हस्ताक्षर करा लिए गए थे।
जबकि वेतनवृद्धि के लिए न तो समय पूरा हुआ था और न ही कोई आदेश था। इसके बावजूद तत्कालीन अधिकारियों ने फाइल पर संस्तुति कैसे कर दी, यह सवाल हर स्तर से उठ रहा है। विभागीय जानकार मान रहे हैं कि वेतन निर्धारण में सुनिश्चित करिअर प्रगति योजना (एसीपी) का प्रावधान है।
इसके तहत उन कर्मचारियों को लाभान्वित किया जाता है, जिनकी सेवाकाल में पदोन्नति नहीं हो पाती। इसमें एक निश्चित अवधि जैसे 12 या 24 वर्ष की सेवा पूरी करने पर बिना पद बदले कर्मचारी को उच्च पे ग्रेड दिया जाता है। जांच की जद में आए बाबुओं के लिए एसीपी से संबंधित कोई पत्र हाथ नहीं आया है।
सदन में उठेगा स्वास्थ्य विभाग में व्याप्त भ्रष्टाचार का मुद्दा
हाल ही में स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की कई शिकायतें जनप्रतिनिधियों द्वारा की गई हैं। कुंदरकी विधायक रामवीर सिंह ने जिले के प्रभारी मंत्री अनिल कुमार के सामने भी मुद्दा उठाया। समन्वय समिति की बैठक में उन्होंने अधिकारियों की संपत्ति की जांच कराने तक की मांग कर दी।
हालांकि अब तक इस मामले पर कोई कार्रवाई नहीं हो पाई है। अब विधायक का कहना है कि इस मुद्दे को सदन में उठाएंगे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिलकर उनके संज्ञान में भी इस मामले को लाया जाएगा।
बाबुओं के वेतन में बिना एसीपी के बढ़ोतरी के मामले की जांच चल रही है। इसके लिए तीन सदस्यीय कमेटी गठित की गई है। इसमें डिप्टी सीएमओ और प्रशासनिक अधिकारी शामिल हैं। जल्द ही जांच रिपोर्ट सामने आएगी। - डॉ. कुलदीप सिंह, सीएमओ
