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Moradabad News: बेमौसम बारिश... बिजली गुल, जगह-जगह जलभराव
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मुरादाबाद। गुरुवार की आधी रात से जिले में गरज के बाद शुरू हुई बारिश शुक्रवार को भी दिनभर रुक-रुककर जारी रही। शाम तक मुरादाबाद जिले में 37 एमएम और जिले में कुल औसत बारिश 18.37 एमएम दर्ज की गई है। जिससे अधिकतम तापमान में 7.4 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट आई है। इससे जहां लोगों को बिजली कटौती झेलनी पड़ी। वहीं, जगह-जगह जलभराव ने समस्याएं और बढ़ा दीं।
शुक्रवार को अधिकतम तापमान 27.2 से गिरकर 19.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 10.6 डिग्री सेल्सियस कम है, वहीं, न्यूनतम तापमान 16.8 रहा, जो सामान्य से 0.01 कम है।
शहर के गंज बाजार, कोर्ट रोड, जीएमडी रोड, पारकर रोड, डिप्टी गंज में बारिश व तेज हवा की वजह से विद्युत आपूर्ति बाधित रही। जगह-जगह फॉल्ट होने की वजह से करीब सात घंटे बिजली ठप रही। शुक्रवार को सुबह तीन घंटे बिजली कटौती हुई। इसके बाद दिन में हर एक घंटे पर ट्रिपिंग होती रही। इससे लोग काफी परेशान रहे।
गंज बाजार के सुरेश खन्ना ने बताया कि दोपहर के समय 20 मिनट के लिए बिजली गुल हुई थी। डिप्टी गंज के रहने वाले आदेश गुप्ता ने बताया कि बिजली की ट्रिपिंग दिन भर होती रही। शाम चार बजे के बाद बिजली की आपूर्ति नियमित रूप से हो सकी। कोर्ट रोड के दुकानदार अशोक गुप्ता ने बताया कि सुबह से लेकर शाम तक करीब 10 बार बिजली की कटौती हुई है। इसकी वजह से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। रात में तीन तो दिन में चार घंटे की कटौती झेलनी पड़ी।
20 प्रतिशत तक गिरी गेहूं की फसल
कृषि विज्ञान केंद्र ठाकुरद्वारा के प्रभारी डॉ.रविंद्र कुमार ने बताया कि एक मोटे अनुमान के मुताबिक जिले में 15 से 20 प्रतिशत तक गेहूं की फसल गिर गई है। आंकलन के बाद नुकसान का वास्तविक आंकड़ा सामने आएगा। कृषि विज्ञान केंद्र बिलारी के वैज्ञानिक डॉ. मनोज तोमर ने बताया कि जिन किसानों ने एक दो दिन के अंदर ही सिंचाई की थी या यूरिया का अत्यधिक प्रयोग किया था, उनके गेहूं गिरे हैं। सरसों में भी नुकसान हो सकता है। आलू की फसल 80 प्रतिशत तो लगभग खोदी जा चुकी है लेकिन जो खेतों में है, यदि उसमें जलभराव हुआ तो जड़ों में आलू सड़ सकता है। किसानों को सलाह दी जाती है कि वे तत्काल खेतों से जल निकासी कर लें। उन्होंने बताया कि मौसम विभाग के अनुसार शनिवार को भी ऐसा ही मौसम रह सकता है, हालांकि दोपहर बाद मौसम में सुधार की संभावना है।
बाजारों में कम दिखे खरीदार
दिनभर बारिश होते रहने के कारण सरकारी कार्यालयों में रोजमर्रा की अपेक्षा जहां फरियादी कम पहुंचे, वहीं दूसरी ओर यातायात वाहनों में भी यात्री कम दिखे। बसें खाली दिखाई दी। ईद के मौके पर भी बाजारों में खरीदारी प्रभावित हुई। हालांकि बाजारों को चांद रात के लिए खूब सजाया गया लेकिन इसके बावजूद बारिश के कारण खरीदारी कम निकले। शहर मेंं कई स्थानों पर जलभराव व कीचड़ की स्थिति दिखी।
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फसली नुकसान का सर्वे करने के निर्देश
उप निदेशक (कृषि) संतोष कुमार द्विवेदी ने बताया कि कृषि विभाग के अधिकारियों और फसली बीमा करने वाली कंपनी इफको-टोकियो को बारिश से नुकसान का आंकलन करने के निर्देश दे दिए हैं।
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1.12 लाख हेक्टेयर में है गेहूं का रकबा तो 1460 में आलू
मुरादाबाद जिले में गेहूं की फसल करीब 1.12 लाख हेक्टेयर में हैं तो आलू का रकबा करीब 1460 और आम की बाग लगभग 3190 हेक्टेयर भूमि पर है। वहींं, सागभाजी का रकबा 10192, फूलों की खेती 35 हेक्टेयर क्षेत्र में की जा रही है। पिछले चौबीस घंटे से रुक रुक लगाकर बारिश हो रही है, जिसके कारण शहरी क्षेत्रों के साथ साथ ग्रामीण अंचलों में भी कई स्थानों पर रास्तों पर जलभराव हो गया है।
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शुक्रवार को अधिकतम तापमान 27.2 से गिरकर 19.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 10.6 डिग्री सेल्सियस कम है, वहीं, न्यूनतम तापमान 16.8 रहा, जो सामान्य से 0.01 कम है।
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शहर के गंज बाजार, कोर्ट रोड, जीएमडी रोड, पारकर रोड, डिप्टी गंज में बारिश व तेज हवा की वजह से विद्युत आपूर्ति बाधित रही। जगह-जगह फॉल्ट होने की वजह से करीब सात घंटे बिजली ठप रही। शुक्रवार को सुबह तीन घंटे बिजली कटौती हुई। इसके बाद दिन में हर एक घंटे पर ट्रिपिंग होती रही। इससे लोग काफी परेशान रहे।
गंज बाजार के सुरेश खन्ना ने बताया कि दोपहर के समय 20 मिनट के लिए बिजली गुल हुई थी। डिप्टी गंज के रहने वाले आदेश गुप्ता ने बताया कि बिजली की ट्रिपिंग दिन भर होती रही। शाम चार बजे के बाद बिजली की आपूर्ति नियमित रूप से हो सकी। कोर्ट रोड के दुकानदार अशोक गुप्ता ने बताया कि सुबह से लेकर शाम तक करीब 10 बार बिजली की कटौती हुई है। इसकी वजह से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। रात में तीन तो दिन में चार घंटे की कटौती झेलनी पड़ी।
20 प्रतिशत तक गिरी गेहूं की फसल
कृषि विज्ञान केंद्र ठाकुरद्वारा के प्रभारी डॉ.रविंद्र कुमार ने बताया कि एक मोटे अनुमान के मुताबिक जिले में 15 से 20 प्रतिशत तक गेहूं की फसल गिर गई है। आंकलन के बाद नुकसान का वास्तविक आंकड़ा सामने आएगा। कृषि विज्ञान केंद्र बिलारी के वैज्ञानिक डॉ. मनोज तोमर ने बताया कि जिन किसानों ने एक दो दिन के अंदर ही सिंचाई की थी या यूरिया का अत्यधिक प्रयोग किया था, उनके गेहूं गिरे हैं। सरसों में भी नुकसान हो सकता है। आलू की फसल 80 प्रतिशत तो लगभग खोदी जा चुकी है लेकिन जो खेतों में है, यदि उसमें जलभराव हुआ तो जड़ों में आलू सड़ सकता है। किसानों को सलाह दी जाती है कि वे तत्काल खेतों से जल निकासी कर लें। उन्होंने बताया कि मौसम विभाग के अनुसार शनिवार को भी ऐसा ही मौसम रह सकता है, हालांकि दोपहर बाद मौसम में सुधार की संभावना है।
बाजारों में कम दिखे खरीदार
दिनभर बारिश होते रहने के कारण सरकारी कार्यालयों में रोजमर्रा की अपेक्षा जहां फरियादी कम पहुंचे, वहीं दूसरी ओर यातायात वाहनों में भी यात्री कम दिखे। बसें खाली दिखाई दी। ईद के मौके पर भी बाजारों में खरीदारी प्रभावित हुई। हालांकि बाजारों को चांद रात के लिए खूब सजाया गया लेकिन इसके बावजूद बारिश के कारण खरीदारी कम निकले। शहर मेंं कई स्थानों पर जलभराव व कीचड़ की स्थिति दिखी।
फसली नुकसान का सर्वे करने के निर्देश
उप निदेशक (कृषि) संतोष कुमार द्विवेदी ने बताया कि कृषि विभाग के अधिकारियों और फसली बीमा करने वाली कंपनी इफको-टोकियो को बारिश से नुकसान का आंकलन करने के निर्देश दे दिए हैं।
1.12 लाख हेक्टेयर में है गेहूं का रकबा तो 1460 में आलू
मुरादाबाद जिले में गेहूं की फसल करीब 1.12 लाख हेक्टेयर में हैं तो आलू का रकबा करीब 1460 और आम की बाग लगभग 3190 हेक्टेयर भूमि पर है। वहींं, सागभाजी का रकबा 10192, फूलों की खेती 35 हेक्टेयर क्षेत्र में की जा रही है। पिछले चौबीस घंटे से रुक रुक लगाकर बारिश हो रही है, जिसके कारण शहरी क्षेत्रों के साथ साथ ग्रामीण अंचलों में भी कई स्थानों पर रास्तों पर जलभराव हो गया है।