{"_id":"6a4b200015ad486ba205b0db","slug":"up-news-war-between-bjp-mla-ramveer-and-sp-mp-ruchi-veera-both-level-allegation-regarding-each-other-victories-2026-07-06","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"UP: 'हम 30 साल से कर रहे मेहनत...', भाजपा विधायक और सपा सांसद में छिड़ी जुबानी जंग, एक-दूसरे की जीत उठाए सवाल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
UP: 'हम 30 साल से कर रहे मेहनत...', भाजपा विधायक और सपा सांसद में छिड़ी जुबानी जंग, एक-दूसरे की जीत उठाए सवाल
Mon, 06 Jul 2026 09:41 AM IST
Sharukh Khan
अमर उजाला नेटवर्क, मुरादाबाद
अमर उजाला नेटवर्क, मुरादाबाद
Published by: Sharukh Khan
Updated Mon, 06 Jul 2026 09:41 AM IST
सार
सपा की अंदरूनी कलह में भाजपा ने एंट्री की है। मुरादाबाद की कुंदरकी विधानसभा सीट से भाजपा विधायक रामवीर ने कहा कि सांसद ने पैसे के बल पर पाया टिकट और जीता चुनाव। वहीं, सपा सांसद ने पलटवार करते हुए कहा कि जनता जानती है भाजपा ने कैसे जीता कुंदरकी का चुनाव, इस बार मिलेगा जवाब।
विज्ञापन
up politics
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
सपा की अंदरूनी कलह में भाजपा में एंट्री के बाद अब कुंदरकी से भाजपा विधायक रामवीर और सपा सांसद रुचि वीरा में जुबानी जंग छिड़ गई है। दोनों एक दूसरे की जीत पर आरोप लगा रहे हैं और अगले चुनाव में एक-दूसरे को आटे-दाल का भाव पता चलने का दावा कर रहे हैं। विधायक रामवीर ने बयान दिया है कि सांसद राजघराने से आती हैं।
पैसे के दम पर उन्हें 15 दिन में टिकट मिल गया और चुनाव भी जीत गईं। वहीं कमाल अख्तर और रुचि वीरा के विवाद पर उन्होंने कहा कि कमाल अख्तर सपा के पुराने नेता हैं। जब वह राज्य सभा गए थे, तब रुचि वीरा ने सपने में भी नहीं सोचा होगा कि वह सांसद बनेंगी।
पिछला चुनाव उन्होंने किसी तरह जीत लिया, इस बार मेरिट के आधार पर चुनाव होगा तो आटे-दाल का भाव पता चल जाएगा। रामवीर ने कहा कि वह 30 साल से कुंदरकी क्षेत्र में मेहनत कर रहे हैं, इसका परिणाम जनता ने उन्हें उपचुनाव में दिया।
विज्ञापन
विज्ञापन
पैसे के दम पर उन्हें 15 दिन में टिकट मिल गया और चुनाव भी जीत गईं। वहीं कमाल अख्तर और रुचि वीरा के विवाद पर उन्होंने कहा कि कमाल अख्तर सपा के पुराने नेता हैं। जब वह राज्य सभा गए थे, तब रुचि वीरा ने सपने में भी नहीं सोचा होगा कि वह सांसद बनेंगी।
विज्ञापन
पिछला चुनाव उन्होंने किसी तरह जीत लिया, इस बार मेरिट के आधार पर चुनाव होगा तो आटे-दाल का भाव पता चल जाएगा। रामवीर ने कहा कि वह 30 साल से कुंदरकी क्षेत्र में मेहनत कर रहे हैं, इसका परिणाम जनता ने उन्हें उपचुनाव में दिया।
विज्ञापन
'मैं अचानक सांसद नहीं बनी हूं'
इस पर पलटवार करते हुए रुचि वीरा ने कहा कि भाजपा विधायकों को उनकी लोकप्रियता से जलन होती है। सांसद ने कहा कि मैं अचानक सांसद नहीं बनी हूं, इससे पहले दो बार जिला पंचायत अध्यक्ष रह चुकी हूं। अपने ससुर के विषय में कहा कि वह विधायक और मंत्री रह चुके हैं।
इस पर पलटवार करते हुए रुचि वीरा ने कहा कि भाजपा विधायकों को उनकी लोकप्रियता से जलन होती है। सांसद ने कहा कि मैं अचानक सांसद नहीं बनी हूं, इससे पहले दो बार जिला पंचायत अध्यक्ष रह चुकी हूं। अपने ससुर के विषय में कहा कि वह विधायक और मंत्री रह चुके हैं।
'सभी छह सीटों पर सपा के प्रत्याशी जीतेंगे'
राजनीति में कोई भी एक-एक सीढ़ी चढ़कर ही आगे बढ़ता है। जनता जानती है कि कुंदरकी का उपचुनाव खुली लूट का परिणाम है। प्रशासनिक मशीनरी के बल पर भाजपा ने चुनाव जीता। 2027 के चुनाव में इन्हें जवाब मिल जाएगा। सभी छह सीटों पर सपा के प्रत्याशी जीतेंगे।
राजनीति में कोई भी एक-एक सीढ़ी चढ़कर ही आगे बढ़ता है। जनता जानती है कि कुंदरकी का उपचुनाव खुली लूट का परिणाम है। प्रशासनिक मशीनरी के बल पर भाजपा ने चुनाव जीता। 2027 के चुनाव में इन्हें जवाब मिल जाएगा। सभी छह सीटों पर सपा के प्रत्याशी जीतेंगे।
दो दिन पहले नगर विधायक ने भी फेसबुक पर कसा था तंज
दो दिन पहले भाजपा के नगर विधायक रितेश गुप्ता ने भी फेसबुक पर पोस्ट कर तंज कसा था। उन्होंने लिखा था कि मुरादाबाद का झगड़ा सपा की असली तस्वीर उजागर कर गया। बिना सांसद रुचि वीरा को बताए पीडीए बैठक आयोजित करने पर अखिलेश यादव को लखनऊ में आपसी कलह निपटानी पड़ी।
दो दिन पहले भाजपा के नगर विधायक रितेश गुप्ता ने भी फेसबुक पर पोस्ट कर तंज कसा था। उन्होंने लिखा था कि मुरादाबाद का झगड़ा सपा की असली तस्वीर उजागर कर गया। बिना सांसद रुचि वीरा को बताए पीडीए बैठक आयोजित करने पर अखिलेश यादव को लखनऊ में आपसी कलह निपटानी पड़ी।
नेताओं में जमकर हुई तू-तू-मैं-मैं और चीफ व्हिप पद से इस्तीफा दिलवाना दरअसल सपा की बेहद कमजोर स्थिति और बेबसी को दिखाता है। इस पर सपा सांसद ने पलटवार करते हुए कहा कि भाजपा को सपा में इतनी दिलचस्पी क्यों है। उन्हें अपनी पार्टी और स्थिति देखनी चाहिए। सांसद ने कहा कि वह भाजपा विधायकों की तरह 500-700 वोट से चुनाव नहीं जीती हैं। सपा में तांक-झांक करना बंद करें।